बरेली। प्रदेश सरकार में पशुधन मंत्री धर्मपाल सिंह दो दिवसीय दौरे पर शुक्रवार को बरेली पहुंचे। इस दौरान उन्होंने हाल ही में जिले में हुई हिंसा और तनावपूर्ण घटनाओं पर सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश की योगी सरकार में कानून से ऊपर कोई नहीं है और जो भी गलती करेगा, उसे किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा। मंत्री ने स्पष्ट किया कि धर्म और मजहब के नाम पर कानून व्यवस्था से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों को कठोर दंड दिया जाएगा।

मंत्री धर्मपाल सिंह ने कहा कि बरेली में तौकीर रजा खां के माध्यम से कानून को चुनौती देने का प्रयास किया गया था। हिंसा भड़काने और माहौल खराब करने की कोशिश की गई, लेकिन सरकार और प्रशासन ने पूरी तत्परता से हालात को संभाल लिया। उन्होंने कहा, “जहां पर हिंसा होती है वहां कानून अपने आप लागू होता है और जो कानून को तोड़ेगा उसे सख्त सजा मिलेगी। योगी सरकार की प्राथमिकता उत्तम कानून व्यवस्था को बनाए रखना है और इसमें कोई समझौता नहीं किया जाएगा।”
अखिलेश यादव के उस बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए, जिसमें उन्होंने कहा था कि बरेली में पुलिस को लाठीचार्ज नहीं करना चाहिए था, मंत्री धर्मपाल सिंह ने विपक्ष पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा, “जब उपद्रवी पुलिस पर पत्थरबाजी करें, दुकानों में तोड़फोड़ करें, तो पुलिस को फूल बरसाने चाहिए क्या? लाठीचार्ज बिल्कुल सही कदम था, क्योंकि उपद्रवियों को नियंत्रण में लाना कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए ज़रूरी था।” उन्होंने आरोप लगाया कि अखिलेश यादव जैसे विपक्षी नेता तुष्टिकरण की राजनीति कर रहे हैं और समाज को बांटने का काम कर रहे हैं।
मंत्री ने आगे कहा कि विपक्ष का काम सिर्फ दंगा भड़काना और आग लगाना रह गया है, ताकि प्रदेश की कानून-व्यवस्था खराब हो और विकास की गति धीमी पड़े। उन्होंने कहा कि योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में सरकार पूरी तरह सख्त है और उपद्रवियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।
धर्मपाल सिंह ने बरेली प्रशासन की सराहना भी की। उन्होंने कहा कि हिंसा भड़काने का जो षड्यंत्र रचा गया था, उसे प्रशासन ने समय रहते विफल कर दिया और हालात पर नियंत्रण पा लिया। “बरेली को दंगे की आग से बचाने में प्रशासन ने सराहनीय काम किया है और इसके लिए अधिकारी बधाई के पात्र हैं,” उन्होंने कहा।
मंत्री के इस दौरे को बरेली में हालात सामान्य करने और जनता का भरोसा मजबूत करने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है। उनका संदेश साफ था कि योगी सरकार में कानून व्यवस्था सर्वोच्च प्राथमिकता है और समाज में शांति और सौहार्द बिगाड़ने वालों के खिलाफ किसी भी स्तर पर समझौता नहीं होगा।