बरेली, उत्तर प्रदेश: बरेली में हाल ही में हुई अशांति और उसके बाद तीसरे आरोपी डॉ. नफीस की गिरफ्तारी के बीच, शहरवासियों को सुरक्षा और शांति का संदेश देने के लिए डीआईजी अजय साहनी के नेतृत्व में पुलिस ने विशाल फ्लैग मार्च का आयोजन किया। इस मार्च की विशेषता रही कि इसमें करीब 800 महिला पुलिसकर्मी शामिल हुईं, जिन्होंने शहर की सड़कों पर मजबूती और आत्मविश्वास का परिचय दिया।
फ्लैग मार्च शहर के विभिन्न संवेदनशील इलाकों से होकर गुज़रा। रास्ते में स्थानीय लोग घरों और दुकानों से बाहर आकर पुलिस बल का स्वागत करते नज़र आए। शहरवासियों के बीच यह संदेश स्पष्ट गया कि प्रशासन हर परिस्थिति में उनके साथ खड़ा है और कानून-व्यवस्था को बिगाड़ने की किसी भी कोशिश को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
डीआईजी अजय साहनी ने मार्च के दौरान कहा कि “जिले में पूरी तरह शांति है और किसी भी प्रकार की अशांति की गुंजाइश नहीं है। बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात है और हर जगह पैनी नज़र रखी जा रही है। लोगों को घबराने की ज़रूरत नहीं है।” उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उपद्रव फैलाने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी और निर्दोष नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी।
महिला पुलिसकर्मियों की इतनी बड़ी संख्या में भागीदारी ने इस फ्लैग मार्च को खास बना दिया। शहरवासियों ने कहा कि इससे उन्हें और अधिक भरोसा मिला है कि उनकी सुरक्षा के लिए पुलिस हर स्तर पर तत्पर है। महिला पुलिसकर्मी न केवल सुरक्षा का संदेश दे रही थीं, बल्कि उन्होंने यह भी दिखाया कि किसी भी चुनौती का सामना करने के लिए पुलिस बल पूरी तरह तैयार है।
फ्लैग मार्च के दौरान पुलिस अधिकारियों ने स्थानीय लोगों से संवाद भी किया और उन्हें अफवाहों से बचने की अपील की। साथ ही, किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत प्रशासन को देने की सलाह दी गई।
जिले के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, पुलिस बल की तैनाती लगातार बनी रहेगी और संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त निगरानी रखी जाएगी। प्रशासन का मकसद है कि नागरिक बिना किसी डर के अपने रोज़मर्रा के कार्य कर सकें और त्योहारों के अवसर पर शांति और सद्भाव का वातावरण बना रहे।
इस फ्लैग मार्च ने स्पष्ट कर दिया कि बरेली में कानून-व्यवस्था पूरी तरह नियंत्रण में है। पुलिस की सक्रियता और सख़्त निगरानी ने लोगों में न केवल विश्वास जगाया बल्कि यह भी साबित किया कि सुरक्षा व्यवस्था मजबूत और चाक-चौबंद है।
बरेली में डीआईजी अजय साहनी के नेतृत्व में फ्लैग मार्च, 800 महिला पुलिसकर्मी बनीं सुरक्षा की ताक़त
