Bareilly: मांझा नगरी के नाम से मशहूर बरेली में खूनी चाइनीज मांझे के खिलाफ पुलिस और प्रशासन ने बड़ा अभियान शुरू कर दिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सख्ती के बाद एसएसपी के निर्देश पर जिलेभर में लगातार छापेमारी की जा रही है। शुक्रवार को कोतवाली पुलिस और सीओ सिटी ने भारी पुलिस बल के साथ आजमनगर की पतंग मार्केट में अचानक दबिश दी, जिससे बाजार में अफरा-तफरी मच गई। मौके से चाइनीज मांझा तो बरामद नहीं हुआ, लेकिन दुकानदारों को कड़ी चेतावनी दी गई। एसएसपी अनुराग आर्य के अनुसार 15 जनवरी से अब तक 8 मुकदमे दर्ज हुए हैं और 13 आरोपी गिरफ्तार किए गए हैं। अब तक 60 चरखी चाइनीज मांझा बरामद किया गया है। प्रतिबंधित मांझे से मौत होने पर हत्या का मुकदमा दर्ज होगा।

इसी क्रम में शुक्रवार को कोतवाली पुलिस और सीओ सिटी आशुतोष शिवम ने भारी पुलिस बल के साथ आजमनगर स्थित पतंग बाजार में अचानक कार्रवाई की। पुलिस के पहुंचते ही बाजार में अफरा-तफरी मच गई। हालांकि छापेमारी के दौरान मौके से प्रतिबंधित चाइनीज मांझा बरामद नहीं हुआ, लेकिन बाजार में मौजूद कारीगरों और दुकानदारों को भविष्य में ऐसे किसी भी अवैध कार्य में शामिल न होने की सख्त चेतावनी दी गई।

एसएसपी अनुराग आर्य ने जानकारी दी कि 15 जनवरी से जिले में अवैध मांझे के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जा रहा है। बीते 20 दिनों के दौरान पुलिस ने जिले के अलग-अलग थानों में कुल 8 मुकदमे दर्ज किए हैं। इस दौरान 13 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जिनके पास से 60 चरखी चाइनीज मांझा बरामद हुआ है। उन्होंने बताया कि सभी सर्किल ऑफिसरों के नेतृत्व में टीमें गठित की गई हैं, जो 11 फरवरी तक लगातार सत्यापन और छापेमारी की कार्रवाई करेंगी। साथ ही सभी थानों में मांझा कारीगरों के साथ बैठक कर उन्हें नियमों की जानकारी भी दी गई है।

जिलाधिकारी अविनाश सिंह ने शासनादेश का हवाला देते हुए बताया कि सिंथेटिक, नायलॉन और सीसा लेपित मांझे के निर्माण, भंडारण और बिक्री पर जिले में पूरी तरह प्रतिबंध लागू है। इसके प्रभावी क्रियान्वयन के लिए शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में अलग-अलग विशेष कमेटियां गठित की गई हैं। शहरी क्षेत्र में नगर मजिस्ट्रेट और अपर नगर मजिस्ट्रेट की अध्यक्षता में पुलिस व जीएसटी अधिकारियों की टीमें बनाई गई हैं, जबकि ग्रामीण इलाकों में एसडीएम और तहसीलदार अभियान की निगरानी करेंगे। ये टीमें दुकानों और गोदामों की गहन जांच करेंगी।

प्रशासन ने चेतावनी दी है कि प्रतिबंधित मांझे के साथ पकड़े जाने पर पर्यावरण संरक्षण अधिनियम 1986 की धारा 15 के तहत कार्रवाई की जाएगी। इस कानून के तहत दोषी को 5 साल तक की जेल और 1 लाख रुपये तक का जुर्माना हो सकता है। यदि उल्लंघन जारी रहता है तो सजा की अवधि 7 साल तक बढ़ाई जा सकती है। इसके अतिरिक्त भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 223 के तहत भी मुकदमा दर्ज कर आरोपी को जेल भेजा जाएगा।
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डीएम ने एक विशेष पहल की घोषणा करते हुए कहा कि चाइनीज मांझे के निर्माण, भंडारण या बिक्री से संबंधित सटीक सूचना देने वाले व्यक्ति को उचित इनाम दिया जाएगा। सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी। उन्होंने आम नागरिकों से अपील की है कि वे अपनी और दूसरों की सुरक्षा के लिए प्रशासन और पुलिस का सहयोग करें।
योगी सरकार द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार अब चाइनीज मांझे से होने वाली दुर्घटनाओं को गंभीर अपराध की श्रेणी में रखा गया है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि यदि किसी क्षेत्र में चाइनीज मांझे की वजह से किसी व्यक्ति की मृत्यु होती है, तो उसे हत्या माना जाएगा। ऐसे मामलों में दोषियों के खिलाफ हत्या की धाराओं में केस दर्ज कर कठोरतम कार्रवाई की जाएगी।
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