Barabanki में दिनदहाड़े शोएब किदवई की हत्या, गैंगवार की आहट तेज

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Barabanki में शुक्रवार दोपहर हुई एक वारदात ने पूरे जिले को झकझोर दिया। माफिया मुख्तार अंसारी के करीबी माने जाने वाले हिस्ट्रीशीटर शोएब किदवई उर्फ बॉबी की गोली मारकर हत्या कर दी गई। वह लखनऊ से Barabanki लौट रहा था, तभी रास्ते में बाइक सवार हमलावरों ने उसकी कार को निशाना बनाया। दोपहर करीब डेढ़ बजे हुई इस घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया।

यह मामला सिर्फ एक हत्या का नहीं है, बल्कि इसके पीछे गैंगवार, पुरानी रंजिश और आपराधिक नेटवर्क जैसे कई सवाल खड़े हो रहे हैं। आइए पूरे घटनाक्रम को आसान भाषा में समझते हैं।

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Barabanki शूटआउट केस: हाईवे पर दो मिनट में वारदात

Barabanki के कोतवाली क्षेत्र में लखनऊ–अयोध्या हाईवे पर असेनी मोड़ के पास यह वारदात हुई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, शोएब अपनी बलेनो कार से लखनऊ से Barabanki आ रहा था। रास्ते में कुछ लोगों ने उसकी रेकी शुरू कर दी थी।

बताया जा रहा है कि हाईवे पर तेज रफ्तार के कारण हमलावर मौका नहीं ढूंढ पाए। जैसे ही उसने गाड़ी सर्विस लेन में उतारी और रफ्तार कम हुई, बाइक सवार दो बदमाश आगे निकलकर सामने आ गए। एक हमलावर ने सामने से ताबड़तोड़ फायरिंग की, जबकि दूसरा ड्राइवर साइड के गेट के पास पहुंच गया और नजदीक से गोलियां दागीं।

करीब दो मिनट में पूरी घटना को अंजाम देकर हमलावर अयोध्या की तरफ फरार हो गए। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, 15 से ज्यादा गोलियां चलाई गईं। शोएब के शरीर पर चार गोलियां लगीं—जबड़े, दाएं हाथ, सीने और पैर में। कार में भी पांच गोलियों के निशान मिले।

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पुलिस जांच और एसटीएफ की कार्रवाई

घटना की सूचना मिलते ही Barabanki पुलिस मौके पर पहुंची। घायल शोएब को अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। फोरेंसिक जांच में सामने आया कि 9 एमएम और .32 बोर पिस्टल से फायरिंग की गई।

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एसपी अर्पित विजयवर्गीय ने बताया कि मामले के खुलासे के लिए सात टीमें बनाई गई हैं। SOG और STF की टीमें भी जांच में जुट गई हैं। सीसीटीवी फुटेज में कुछ संदिग्ध युवक पिछले तीन दिनों से कचहरी के आसपास रेकी करते दिखे हैं।

शुक्रवार रात लखनऊ से तीन लोगों को उठाकर पूछताछ की गई। पुलिस हर एंगल से मामले की जांच कर रही है—चाहे वह गैंगवार हो, पुरानी रंजिश या फिर कोई नया विवाद।

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परिवार की प्रतिक्रिया और अंतिम संस्कार

शोएब किदवई पेशे से वकील भी था और पिछले 15 साल से Barabanki कचहरी में प्रैक्टिस कर रहा था। हत्या की खबर मिलते ही साथी वकील जिला अस्पताल पहुंच गए और विरोध जताया। बाद में बस अड्डे के सामने सड़क जाम कर दी गई।

स्थिति बिगड़ती देख एसपी को खुद हस्तक्षेप करना पड़ा। वकीलों के प्रतिनिधिमंडल को बुलाकर बातचीत की गई। उन्होंने 48 घंटे में हमलावरों की गिरफ्तारी की मांग की।

शनिवार शाम सात बजे शोएब को उसके पैतृक गांव गढ़िया में सुपुर्द-ए-खाक किया गया। तनाव को देखते हुए 100 से ज्यादा पुलिसकर्मी तैनात रहे। परिवार में पत्नी शाजिया खान और 15 साल का बेटा अरमान है, जो लखनऊ में पढ़ाई करता है।

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मुख्तार अंसारी से जुड़ाव की चर्चा

शोएब का नाम लंबे समय से मुख्तार अंसारी के गैंग से जुड़ता रहा है। मुख्तार की 28 मार्च 2024 को बांदा जेल में हार्ट अटैक से मौत हो गई थी। उससे पहले वह रोपड़ जेल में बंद था।

मुख्तार को एक बुलेटप्रूफ एंबुलेंस से मोहाली कोर्ट ले जाने का मामला काफी चर्चित हुआ था। बाद में वह एंबुलेंस चंडीगढ़-नांगल हाईवे पर लावारिस हालत में मिली। जांच में दस्तावेज फर्जी पाए गए और Barabanki परिवहन विभाग ने केस दर्ज कराया।

उस समय आरोप लगा था कि शोएब ने जाली दस्तावेजों के जरिए एंबुलेंस रजिस्टर कराने में मदद की थी। हालांकि उस मामले की जांच अलग चल रही थी। अब उसकी हत्या के बाद पुराने मामलों को भी दोबारा खंगाला जा रहा है।

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आपराधिक पृष्ठभूमि और पुराने मामले

शोएब पर हत्या, रंगदारी और गैंगवार से जुड़े 12 मुकदमे दर्ज थे। वह Barabanki के सिविल लाइन इलाके में रहता था। राजनीति में भी सक्रिय था और बंकी ब्लॉक से ब्लॉक प्रमुख का चुनाव निर्दलीय लड़ चुका था, लेकिन जीत नहीं सका।

उसका नाम 1999 में हुए चर्चित जेल अधीक्षक हत्याकांड में भी सामने आया था। उस केस में मुख्तार अंसारी समेत कई लोग आरोपी बनाए गए थे। हालांकि बाद में अधिकांश आरोपियों को अदालत से राहत मिल गई।

परिवार में बड़े भाई जावेद वकील हैं, जबकि छोटा भाई सोहेल इंग्लैंड में रहता है। एक बहन की शादी हो चुकी है। Barabanki में उसकी पहचान एक प्रभावशाली व्यक्ति के रूप में मानी जाती थी।

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गैंगवार और वर्चस्व की आशंका

मुख्तार अंसारी की मौत के बाद उसके नेटवर्क में अंदरूनी खींचतान की चर्चा रही है। पुलिस सूत्रों का मानना है कि Barabanki में हुई यह हत्या वर्चस्व की लड़ाई से जुड़ी हो सकती है। हालांकि अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।

कुछ सूत्र यह भी बताते हैं कि हाल के महीनों में आर्थिक हितों और ठेकेदारी को लेकर विवाद बढ़े थे। ऐसे में पुलिस इस एंगल पर भी जांच कर रही है कि कहीं यह आपसी रंजिश का नतीजा तो नहीं।

Barabanki में इस घटना के बाद सुरक्षा व्यवस्था सख्त कर दी गई है और पुराने मामलों की फाइलें दोबारा देखी जा रही हैं।

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हत्या के बाद कोर्ट में नया घटनाक्रम 

शोएब की हत्या के बीच एक और घटनाक्रम सामने आया। मुख्तार के चचेरे भाई गौस मोहिउद्दीन उर्फ तन्नू ने गाजीपुर की MP-MLA कोर्ट से अपनी जमानत अर्जी वापस ले ली। कोर्ट में सुनवाई के दौरान इस फैसले ने सबको चौंका दिया।

माना जा रहा है कि सुरक्षा को लेकर आशंकाओं के चलते उसने यह कदम उठाया। इस मामले की अगली सुनवाई 26 फरवरी को तय की गई है। राजनीतिक और आपराधिक हलकों में इस घटनाक्रम को भी Barabanki की वारदात से जोड़कर देखा जा रहा है।

Barabanki में शोएब किदवई की हत्या ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस की टीमें लगातार काम कर रही हैं, सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं और संदिग्धों से पूछताछ जारी है। परिवार और साथी वकील जल्द गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं।

यह मामला सिर्फ एक आपराधिक घटना नहीं, बल्कि पुराने नेटवर्क और नई परिस्थितियों के बीच टकराव की कहानी भी हो सकता है। आने वाले दिनों में जांच किस दिशा में जाती है, इस पर सबकी नजर रहेगी। फिलहाल Barabanki में माहौल सतर्क है और लोग इंतजार कर रहे हैं कि सच्चाई कब सामने आएगी।

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