बहराइच: बहराइच के नानपारा तहसील स्थित नरैनापुर सुमेरपुर गांव के युवा टॉपर अंतरिक्ष सिंह की पुणे स्थित राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (एनडीए) में संदिग्ध हालात में मौत ने पूरे जिले को शोक और आक्रोश में डाल दिया है। अंतरिक्ष सिंह ने हाई स्कूल और इंटर में टॉपर रैंक प्राप्त की थी और मई 2025 में एनडीए में 154वीं रैंक से सेलेक्ट होकर जुलाई से ट्रेनिंग शुरू की थी। मात्र दो महीने के प्रशिक्षण के बाद उनका आकस्मिक निधन हो गया।
उनकी मौत को लेकर परिवार और स्थानीय लोग कई सवाल उठा रहे हैं। मृतक अंतरिक्ष सिंह की मां सीमा सिंह सेंगर ने बताया कि उन्हें अकादमी में किसी भी प्रकार की स्पष्ट जानकारी या सीसीटीवी फुटेज नहीं दी गई। उन्होंने सरकार और रक्षा विभाग से न्याय की मांग की है और कहा कि उनके बेटे की मौत के सही कारणों का पता होना चाहिए।
इस संदिग्ध मृत्यु के विरोध में बहराइच के लोगों ने न्याय की मांग को लेकर कैन्डल मार्च निकाला। इस दौरान युवा, शिक्षक और स्थानीय नागरिक शामिल हुए और शांति एवं सम्मानपूर्ण तरीके से अंतरिक्ष सिंह के लिए न्याय की गुहार लगाई। उनके परिजनों ने आरोप लगाया कि अकादमी में घटना की निष्पक्ष जांच नहीं की जा रही और उन्हें जानकारी तक नहीं दी जा रही।
विशेषज्ञों का कहना है कि एनडीए जैसी प्रतिष्ठित संस्थानों में किसी भी आकस्मिक मौत की पूरी जांच होना जरूरी है, ताकि पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित की जा सके। अंतरिक्ष सिंह की मौत ने युवा और अभिभावकों के बीच चिंता बढ़ा दी है, क्योंकि यह मामला केवल व्यक्तिगत शोक तक सीमित नहीं है बल्कि सुरक्षा और प्रशासनिक जिम्मेदारी पर भी सवाल उठाता है।
बहराइच के टॉपर अंतरिक्ष सिंह की एनडीए में संदिग्ध मौत, न्याय के लिए कैन्डल मार्च
बहराइच के नानपारा तहसील स्थित नरैनापुर सुमेरपुर गांव के युवा टॉपर अंतरिक्ष सिंह की पुणे स्थित राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (एनडीए) में संदिग्ध हालात में मौत ने पूरे जिले को शोक और आक्रोश में डाल दिया है।… pic.twitter.com/dYqez0xDRv— DD News UP (@DDNewsUP) October 14, 2025
स्थानीय प्रशासन और अधिकारी इस मामले की जांच में जुट गए हैं। परिवार और जनता दोनों न्याय और घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच की उम्मीद कर रहे हैं। सीमा सिंह सेंगर ने कहा कि उन्हें विश्वास है कि न्याय मिलेगा और उनके बेटे की मौत की वास्तविक वजह सामने आएगी।
इस घटना ने बहराइच में शिक्षा और युवा प्रतिभा की सुरक्षा, साथ ही प्रतिष्ठित प्रशिक्षण संस्थानों में पारदर्शिता और सुरक्षा मानकों की अहमियत को भी उजागर किया है। न्याय की मांग को लेकर निकाली गई कैन्डल मार्च ने प्रशासन और सरकार पर दबाव बढ़ाया है कि वे इस मामले को गंभीरता से लें और पूरी निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करें।
अंतरिक्ष सिंह की आकस्मिक मौत और उसके बाद की प्रतिक्रिया ने पूरे जिले में गहरी संवेदनशीलता पैदा की है। परिजनों और स्थानीय लोगों की यह मांग है कि उन्हें उचित जानकारी और न्याय मिले, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।