बागपत में जिले की विकास और सामाजिक समरसता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से डीएम अस्मिता लाल ने “मेरी बेटी, मेरी कुलदीपक” अभियान का शुभारंभ किया। इस अवसर पर 20 से अधिक बेटियों को उनके उत्कृष्ट कार्य और उपलब्धियों के लिए सम्मानित किया गया, साथ ही उन परिवारों को भी मान्यता दी गई जिन्होंने बेटियों के पालन-पोषण और शिक्षा में सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाया। डीएम अस्मिता लाल ने इस अवसर पर कहा कि बेटियां केवल संतान नहीं हैं, बल्कि परिवार और समाज की रोशनी, शक्ति और प्रेरणा हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य समाज में बेटियों के प्रति सकारात्मक सोच को बढ़ावा देना और रूढ़िवादी मानसिकताओं को चुनौती देना है। अधिकारियों ने बताया कि इस पहल के माध्यम से बेटियों को शिक्षा, समान अवसर और सम्मान दिलाने पर विशेष जोर दिया जाएगा।
डीएम अस्मिता लाल ने कहा कि समाज में वास्तविक चुनौतियाँ बेटियों की नहीं, बल्कि असुरक्षित माहौल, भेदभाव और पुराने रीति-रिवाज हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि प्रशासन इस अभियान के माध्यम से यह सुनिश्चित करना चाहता है कि बेटियों के सपनों को साकार करने में उन्हें हर स्तर पर सहयोग और सुरक्षा मिले। इसके लिए माता-पिता, शिक्षक, मीडिया और समाज के सभी वर्ग मिलकर बेटियों के लिए सुरक्षित और सशक्त वातावरण बनाने में सहयोग करेंगे। अभियान में बेटियों के पालन-पोषण, शिक्षा, स्वास्थ्य और विकास के अवसर सुनिश्चित करने वाले जागरूक परिवारों को विशेष सम्मान और पहचान दी जाएगी। इस प्रकार समाज में यह संदेश जाएगा कि बेटियां केवल परिवार की संतान नहीं हैं, बल्कि वे हमारे समाज और परिवार की शक्ति, प्रेरणा और भविष्य की आधारशिला हैं।
इस मौके पर डीएम अस्मिता लाल ने यह भी कहा कि यह अभियान केवल बेटियों को सम्मानित करने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पूरे समाज में जागरूकता फैलाने का एक माध्यम है। उन्होंने उपस्थित लोगों से अपील की कि वे अपने व्यवहार और सोच में बदलाव लाएँ, ताकि बेटियों को हर क्षेत्र में समान अवसर और सम्मान मिल सके। अभियान के अंतर्गत विभिन्न स्कूलों, सामाजिक संस्थाओं और स्थानीय प्रशासन के माध्यम से बेटियों के लिए कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिसमें शिक्षा, खेलकूद और स्वास्थ्य के क्षेत्र में उन्हें बढ़ावा मिलेगा।
समाज में बेटियों के योगदान को मान्यता देने और उनके आत्मविश्वास को बढ़ाने के उद्देश्य से आयोजित इस अभियान में उपस्थित लोगों ने डीएम की पहल की सराहना की। कार्यक्रम में बच्चों, युवाओं और वरिष्ठ नागरिकों ने भी भाग लिया। अधिकारियों ने बताया कि इस पहल से न केवल बेटियों के आत्मसम्मान में वृद्धि होगी, बल्कि समाज में भी लैंगिक समानता और महिला सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए जाएंगे। इस प्रकार “मेरी बेटी, मेरी कुलदीपक” अभियान न केवल बागपत जिले में बेटियों के अधिकारों और सम्मान को सुनिश्चित करेगा, बल्कि पूरे प्रदेश में बेटियों के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण फैलाने में मदद करेगा।
रिपोर्ट : राजीव पंडित, बागपत