Azamgarh में पुलिस की कार्रवाई से जाली नोट गिरोह पकड़ा गया
उत्तर प्रदेश के Azamgarh जिले में पुलिस ने जाली नोटों के कारोबार से जुड़े एक गिरोह का खुलासा किया है। लंबे समय से इस तरह की गतिविधियों की सूचना मिल रही थी और पुलिस भी मामले की जांच में लगी हुई थी। आखिरकार सूचना के आधार पर की गई कार्रवाई में आठ लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
बताया जा रहा है कि ये लोग नकली नोट तैयार कर उन्हें असली नोटों की गड्डियों में छिपाकर बाजार में चलाने की कोशिश कर रहे थे। समय रहते पुलिस को जानकारी मिल गई और कार्रवाई करते हुए गिरोह के सदस्यों को पकड़ लिया गया।
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सूचना मिलने के बाद पुलिस ने बिछाया जाल
पुलिस के अनुसार Azamgarh के रौनापार थाना क्षेत्र में कुछ लोगों के जाली नोटों के लेनदेन की सूचना मिली थी। बताया गया कि एक सफेद गाड़ी में कुछ लोग नकली करेंसी के साथ मौजूद हैं।
इस सूचना के बाद थाना प्रभारी मंतोष सिंह ने अपनी टीम के साथ योजना बनाकर कार्रवाई शुरू की। पुलिस टीम ने इलाके में निगरानी बढ़ाई और टेकनपुर पुलिया के पास घेराबंदी कर दी।
जैसे ही पुलिस वहां पहुंची, मौके पर मौजूद लोग घबराने लगे। हालांकि पुलिस ने तीन तरफ से घेराबंदी कर दी थी, इसलिए किसी को भागने का मौका नहीं मिला। इसी दौरान Azamgarh पुलिस ने सभी आरोपियों को पकड़ लिया।

A4 पेपर पर छपते थे नकली नोट
जांच में सामने आया कि गिरोह का सरगना मनीष मिश्रा है, जो Azamgarh जिले के रौनापार थाना क्षेत्र के बरडीहा गांव का रहने वाला है। वह अपने साथियों के साथ मिलकर नकली नोट तैयार करता था।
आरोपी A4 साइज के पेपर पर लैपटॉप और प्रिंटर की मदद से नोटों की प्रिंटिंग करते थे। इसके बाद उन कागजों को नोट के आकार में काटकर असली नोटों की गड्डियों में छिपा दिया जाता था।
फिर इन गड्डियों को बाजारों और दुकानदारों के बीच पहुंचाया जाता था। कई बार लोग इन्हें असली नोट समझकर स्वीकार कर लेते थे और बाद में उन्हें पता चलता था कि नोट नकली हैं। इस तरह Azamgarh और आसपास के क्षेत्रों में ये नोट धीरे-धीरे चलाए जा रहे थे।

आठ आरोपी गिरफ्तार
पुलिस ने मौके से कुल आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें Azamgarh जिले के रौनापार थाना क्षेत्र के बरडीहा गांव के रहने वाले नितिन सिंह उर्फ भोला, ऋषिकेश सिंह उर्फ शनि, अभिषेक सिंह उर्फ कान्हा, आदित्य सिंह उर्फ चंकी और शिवम सिंह उर्फ विदुर शामिल हैं।
इसके अलावा रौनापार थाना क्षेत्र के गांगेपुर निवासी मनोज कुमार, जीयनपुर थाना क्षेत्र के जगदीशपुर निवासी रुद्र पांडेय और गोरखपुर जिले के बड़हलगंज थाना क्षेत्र के निवासी मुन्ना पांडे को भी गिरफ्तार किया गया है।
पुलिस ने आरोपियों के पास से नकली नोट, प्रिंटर, लैपटॉप और अन्य उपकरण भी बरामद किए हैं। Azamgarh पुलिस का कहना है कि इन लोगों से पूछताछ के बाद गिरोह से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच की जा रही है।

पुलिस ने आगे की जांच शुरू की
इस मामले में Azamgarh के पुलिस अधीक्षक ग्रामीण चिराग जैन ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया है। फिलहाल मामले की विस्तृत जांच जारी है। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि ये नकली नोट किन-किन जगहों पर चलाए गए और इस गिरोह के साथ अन्य लोग भी जुड़े हैं या नहीं।
कुल मिलाकर Azamgarh में पुलिस की इस कार्रवाई से जाली नोटों के कारोबार पर एक बड़ा झटका लगा है। समय पर मिली सूचना और पुलिस की सक्रियता से गिरोह को पकड़ लिया गया। उम्मीद है कि आगे की जांच से इस मामले से जुड़े और तथ्य सामने आएंगे और ऐसे अवैध कारोबार पर रोक लगाने में मदद मिलेगी।
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