Azam Khan को हेट स्पीच केस में बड़ी राहत मिली है। रामपुर की एमपी-एमएलए कोर्ट ने बुधवार को अपना फैसला सुनाते हुए उन्हें सभी आरोपों से बरी कर दिया। दरअसल, यह मामला वर्ष 2019 लोकसभा चुनाव प्रचार के दौरान दिए गए एक कथित भड़काऊ भाषण से जुड़ा था। उस समय आजम खान पर चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर टिप्पणी करने और मतदाताओं को उकसाने का आरोप लगा था।
Azam Khan को बड़ी राहत
कोर्ट से बाहर आते ही Azam Khan ने जताई राहत
कोर्ट से बाहर आने के बाद आजम खान ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि उन्होंने न्यायालय का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि उनके खिलाफ झूठे आरोप लगाए गए थे और उनके पूरे परिवार को साजिशन फंसाया गया था।
“मैंने कई साल जेल में बिताए, मेरी बीवी, बेटा और परिवार के अन्य सदस्य भी जेल गए। अब सच सामने आया है और न्याय मिला है।”
आजम खान ने आगे कहा कि अब उन्हें उम्मीद है कि परिवार से जुड़े बाकी मामलों में भी सच्चाई सामने आएगी। उन्होंने कहा, “जेल तो उसे जाना चाहिए जिसने झूठी रिपोर्ट कराई थी।”
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क्या था पूरा मामला?
यह मामला वर्ष 2019 लोकसभा चुनाव प्रचार के दौरान रामपुर के एक जनसभा से जुड़ा है। उस दौरान आजम खान ने अपने भाषण में कुछ तल्ख टिप्पणियां की थीं, जिसके बाद सहायक रिटर्निंग ऑफिसर पीपी तिवारी ने उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था।
अभियोजन पक्ष का आरोप था कि आजम खान ने चुनाव आयोग और कुछ राजनीतिक नेताओं पर अपमानजनक टिप्पणी की थी, जिससे मतदाताओं को प्रभावित करने की कोशिश की गई। हालांकि, अदालत ने पाया कि प्रस्तुत वीडियो और ऑडियो साक्ष्य से आरोप साबित नहीं होते।
कोर्ट ने विवेचक पर जताई नाराजगी
अदालत ने कहा कि पुलिस विवेचना में कई खामियां रही हैं और जांच में निष्पक्षता नहीं बरती गई। अदालत ने विवेचक के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। कोर्ट परिसर में आजम खान के समर्थकों में खुशी का माहौल रहा और कई लोगों ने इसे “सच्चाई की जीत” बताया।
रिपोर्ट - आसिम अजीज