अयोध्या श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में पीएम मोदी द्वारा भव्य भगवा ध्वज फहराना
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज मंगलवार को Ayodhya के श्री राम जन्मभूमि मंदिर के शिखर पर भव्य भगवा ध्वज फहराएंगे। यह समारोह न केवल मंदिर निर्माण के पूर्ण होने का प्रतीक है, बल्कि देश के सांस्कृतिक, आध्यात्मिक और राष्ट्रीय परिदृश्य में एक ऐतिहासिक क्षण भी है।
मुख्य बिंदु और विवरण
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ध्वज का महत्व
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ध्वज लंबाई: 22 फुट, चौड़ाई: 10–12 फुट
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त्रिभुजाकार डिज़ाइन, सूर्य, ॐ और कोविदार वृक्ष के प्रतीक अंकित
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सूर्य: भगवान राम के सूर्यवंश का प्रतीक
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ॐ: शाश्वत आध्यात्मिक ध्वनि
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कोविदार वृक्ष: मंदार और पारिजात वृक्षों का संकर, प्राचीन वनस्पति और आध्यात्मिक मूल्यों का प्रतीक
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शास्त्रीय परंपरा में ध्वज आरोहण को अधर्म पर धर्म की विजय का प्रतीक माना गया

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समारोह का समय और कार्यक्रम
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सुबह 10 बजे: प्रधानमंत्री सप्तमंदिर के दर्शन
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11 बजे: माता अन्नपूर्णा मंदिर दर्शन
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राम दरबार गर्भगृह और रामलला गर्भगृह में पूजा और दर्शन
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दोपहर 12 बजे: श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के शिखर पर भगवा ध्वज फहराना
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पीएम मोदी समारोह में उपस्थित जनसमूह को भी संबोधित करेंगे
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आध्यात्मिक और सांस्कृतिक महत्व
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यह ध्वज फहराना मंदिर निर्माण पूर्ण होने, राम राज्य के आदर्श और सांस्कृतिक निरंतरता का प्रतीक है
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धर्म और आस्था के पुनरुत्थान का संदेश
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मार्गशीर्ष माह की शुभ पंचमी और श्री राम-माता सीता विवाह पंचमी के अभिजीत मुहूर्त में आयोजन
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मंदिर और परिसर का विवरण
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शिखर ऊँचाई: 191 फुट
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परकोटा लंबाई: 800 मीटर
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शिखर पर उत्तर भारतीय नागर स्थापत्य शैली, परकोटा दक्षिण भारतीय स्थापत्य शैली में
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मुख्य मंदिर की बाहरी दीवारों पर 87 वाल्मीकि रामायण आधारित नक्काशीदार पत्थर की घटनाएं
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79 कांस्य-ढाल वाली घटनाएं, भारतीय संस्कृति के प्रतीक
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भक्तों और सुविधाओं का ध्यान
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सभी उम्र के भक्तों के लिए सुविधाएं:
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तीर्थयात्रा सुविधा केंद्र
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बुजुर्गों के लिए रैंप
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आपातकालीन चिकित्सा सहायता
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सौर ऊर्जा पैनल स्थापित, संवहनीय दृश्यता का ध्यान रखा गया
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मंदिर परिसर में मोबाइल फोन और सुरक्षा संबंधी कड़े नियम
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समारोह में विशेष बातें
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दुनिया भर के उपासकों के लिए खुला आमंत्रण
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भगवा ध्वज राम राज्य के आदर्शों, गरिमा और राष्ट्रीय एकता का संदेश देता है
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यह ऐतिहासिक पल मंदिर निर्माण कार्य पूर्ण होने और राम मंदिर को जीवंत विरासत में परिवर्तित होने का प्रतीक
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