रामनगरी Ayodhya से आज एक डराने वाली खबर सामने आई है। सरयू नदी के पावन तट पर चल रहे श्री लक्ष्मीनारायण महायज्ञ के दौरान शनिवार को अचानक यज्ञशाला में आग लग गई। देखते ही देखते आग की लपटों ने पूरे पंडाल को अपनी चपेट में ले लिया, जिससे मौके पर मौजूद लोगों के बीच भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। यह आयोजन यूपी सरकार के परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह की ओर से कराया जा रहा था। राहत की बात यह रही कि समय रहते दमकल की गाड़ियों ने आग पर काबू पा लिया और कोई जनहानि नहीं हुई। Ayodhya में रामनवमी के इस मौके पर लाखों श्रद्धालु मौजूद हैं, ऐसे में प्रशासन तुरंत अलर्ट मोड पर आ गया।
नारियल फटने से भड़की आग की लपटें
जानकारी के अनुसार, Ayodhya के माझा जमथरा में आयोजित इस महायज्ञ का शनिवार को आखिरी दिन था। बताया जा रहा है कि हवन कुंड में महा-आहुति के तौर पर चढ़ाया गया एक नारियल अचानक बम की तरह फट गया, जिसकी वजह से आग की चिंगारी सूखे पंडाल में तेजी से फैल गई। यज्ञशाला पूरी तरह से घास और लकड़ियों से बनी थी, इसलिए आग ने कुछ ही मिनटों में विकराल रूप ले लिया। जिस वक्त यह हादसा हुआ, वहां गोसाईगंज के विधायक अभय सिंह भी मौजूद थे। Ayodhya पुलिस और स्थानीय लोगों ने तुरंत बचाव कार्य शुरू कर दिया।
दमकल विभाग की मुस्तैदी से बचा बड़ा हादसा
यज्ञशाला में करीब 1251 हवन कुंड बनाए गए थे और काफी संख्या में श्रद्धालु वहां आहुति दे रहे थे। आग लगते ही Ayodhya के फायर ब्रिगेड की 6 गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और आग को और फैलने से रोक लिया। मंत्री दयाशंकर सिंह ने बताया कि सुरक्षा के लिहाज से फायर ब्रिगेड की टीम पहले से ही तैनात थी, इसलिए कोई बड़ा नुकसान होने से टल गया। Ayodhya के श्रीराम जन्मभूमि मंदिर से यह जगह महज 800 मीटर की दूरी पर स्थित है, इसलिए सुरक्षा एजेंसियां काफी सतर्क रहीं।
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1251 हवन कुंडों वाली यज्ञशाला हुई खाक
इस महायज्ञ में हिस्सा लेने के लिए बहुत दूर-दूर से लोग Ayodhya पहुंचे थे। गनीमत रही कि जैसे ही आग भड़की, वहां मौजूद सभी लोग पंडाल से सुरक्षित बाहर निकल आए। हालांकि, पूरी यज्ञशाला जलकर राख हो गई है। अयोध्या प्रशासन अब इस बात की बारीकी से जांच कर रहा है कि क्या आग लगने की कोई और वजह भी हो सकती है। फिलहाल स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और श्रद्धालुओं को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
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