सिडनी, ऑस्ट्रेलिया: भारत के उभरते बैडमिंटन स्टार लक्ष्य सेन ने शनिवार को सिडनी में चल रहे Australian Open 2025 में शानदार प्रदर्शन करते हुए पुरुष सिंगल्स के फाइनल में प्रवेश कर लिया। यह उपलब्धि इसलिए भी खास है क्योंकि वर्ल्ड नंबर 14 लक्ष्य ने सेमीफाइनल में दुनिया के छठे नंबर के खिलाड़ी और अनुभवी शटलर चाउ टिएन चेन को तीन गेमों में हराकर इतिहास रच दिया।
सिडनी ओलंपिक पार्क स्पोर्ट्स सेंटर में खेला गया यह मुकाबला पूरी तरह दर्शकों की सांसें थाम देने वाला था। करीब 86 मिनट चले इस मैराथन सेमीफाइनल में लक्ष्य सेन ने 17-21, 24-22, 21-16 से जीत दर्ज की। खास बात यह रही कि दूसरे गेम में लक्ष्य ने तीन मैच पॉइंट बचाते हुए जबरदस्त वापसी की और मुकाबले को निर्णायक गेम तक खींचा।

चाउ टिएन चेन के खिलाफ यह लक्ष्य की चौथी जीत
लक्ष्य सेन और चाउ टिएन चेन के बीच अब तक आठ मुकाबले हुए हैं, जिनमें से यह लक्ष्य की चौथी जीत है। चेन के अनुभव और तेजी के सामने 23 वर्षीय लक्ष्य ने धैर्य, फिटनेस और आक्रामकता का बेहतरीन संतुलन दिखाया।
पहला गेम हारने के बाद लक्ष्य ने जिस तरह खुद को संभाला और मैच पर पकड़ बनाई, उसने दर्शा दिया कि क्यों उन्हें भारत का सबसे भरोसेमंद युवा शटलर माना जाता है।
पहला गेम: धीमी शुरुआत, बढ़त से चूके लक्ष्य, Australian Open 2025
चाउ टिएन चेन ने मुकाबले की शुरुआत तेजी से की और शुरुआती स्कोर 4-0 कर दिया। लक्ष्य ने रफ्तार पकड़ने की कोशिश की लेकिन चेन ने पहला गेम 21-17 से अपने नाम कर लिया।
दूसरा गेम: तीन मैच पॉइंट बचाकर किया कमाल
दूसरे गेम में लक्ष्य सेन ने अपना असली खेल दिखाया। पीछे चल रहे लक्ष्य ने स्कोर 12-12 से बराबर किया और उसके बाद एक के बाद एक शानदार ड्रॉप, स्मैश और नेट-प्ले से चेन पर दबाव बनाया।
एक समय लक्ष्य 14-17 से पीछे थे, लेकिन यहां से उन्होंने अद्भुत वापसी की और स्कोर 20-18 कर दिया। चेन के पास तीन मैच पॉइंट थे, लेकिन लक्ष्य ने उन्हें बखूबी बचाया और 24-22 से गेम जीतकर मैच को निर्णायक सेट तक खींच लिया।
तीसरा गेम: आत्मविश्वास से भरा खेल, फाइनल का टिकट पक्का
दूसरे गेम की जीत ने लक्ष्य को निर्णायक बढ़त दे दी। तीसरे गेम में भारतीय शटलर ने शुरुआत से ही नियंत्रण बनाए रखा और चेन को वापसी का कोई मौका नहीं दिया। अंततः लक्ष्य ने गेम 21-16 से जीता और फाइनल में जगह पक्की कर ली।
यह इस साल के BWF वर्ल्ड टूर में लक्ष्य सेन का दूसरा फाइनल है।
अब फाइनल में किससे होगा सामना?
फाइनल मुकाबले में लक्ष्य सेन का सामना या तो चीनी ताइपे के वर्ल्ड नंबर 12 चुन यी लिन से होगा या फिर जापान के 26वीं रैंक वाले युशी तनाका से।
इसी टूर्नामेंट के क्वार्टर फाइनल में लक्ष्य ने अपने ही साथी भारतीय खिलाड़ी आयुष शेट्टी को हराया था।
अन्य भारतीयों का प्रदर्शन
भारत की नंबर-1 पुरुष डबल्स जोड़ी चिराग शेट्टी और सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी को शुक्रवार को क्वार्टर-फ़ाइनल में हार का सामना करना पड़ा, जिसके बाद लक्ष्य सेन ही इस टूर्नामेंट में बचे एकमात्र भारतीय खिलाड़ी रह गए।
भारतीय बैडमिंटन के लिए बड़ा मोमेंट
लक्ष्य सेन की यह जीत न सिर्फ उनके आत्मविश्वास को बढ़ाती है बल्कि भारतीय बैडमिंटन के लिए भी बड़ी उम्मीद लेकर आती है। उनके खेल में पर maturity, एथलेटिसिज्म और रणनीति का जो संतुलन दिखा, उसने यह साफ कर दिया कि वह आने वाले वर्षों में विश्व बैडमिंटन सर्किट में एक बड़ी ताकत बनकर उभरेंगे।







