नई दिल्ली स्थित डॉ. करणी सिंह शूटिंग रेंज में एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय शूटिंग की रौनक लौट आई है। एशियन चैंपियनशिप राइफल/पिस्टल प्रतियोगिता की शुरुआत के साथ ही भारत में बड़े स्तर की इंटरनेशनल शूटिंग का आयोजन शुरू हो गया है। यह प्रतिष्ठित महाद्वीपीय टूर्नामेंट बुधवार, 4 फरवरी 2026 से शुरू होकर 13 फरवरी 2026 तक चलेगा, जिसमें अंतिम दिन मेडल मुकाबले होंगे। इस प्रतियोगिता में राइफल और पिस्टल वर्ग के जूनियर व सीनियर निशानेबाज हिस्सा ले रहे हैं और कुल 30 मेडल सेट दांव पर हैं।
मेजबान भारत सहित एशिया के 20 देशों के कुल 311 निशानेबाज इस चैंपियनशिप में हिस्सा ले रहे हैं। नेशनल राइफल एसोसिएशन ऑफ इंडिया के अनुसार, मुख्य प्रतियोगिता के साथ-साथ यूथ कैटेगरी के मुकाबले भी आयोजित किए जा रहे हैं। भारत ने सबसे बड़ा दल उतारा है, जिसमें 118 एथलीट शामिल हैं, जबकि कजाकिस्तान 35 खिलाड़ियों के साथ दूसरा सबसे बड़ा दल लेकर आया है। इसके अलावा कोरिया, ईरान और जापान जैसी एशियाई शूटिंग ताकतों के साथ-साथ चीनी ताइपे, वियतनाम और हांगकांग के निशानेबाजों से भी कड़ी प्रतिस्पर्धा की उम्मीद की जा रही है।
प्रतियोगिता से पहले NRAI के महासचिव पवनकुमार सिंह ने कहा कि यह टूर्नामेंट एशियाई निशानेबाजों के लिए बेहद अहम है, क्योंकि इसी साल आगे एशियन गेम्स और विश्व चैंपियनशिप जैसी बड़ी प्रतियोगिताएं होने वाली हैं, जहां ओलंपिक कोटा स्थान भी दांव पर रहेंगे। उन्होंने इसे अंतरराष्ट्रीय सीजन की मजबूत शुरुआत बताते हुए सभी विदेशी टीमों का भारत में स्वागत किया और आयोजन के लिए भारतीय खेल प्राधिकरण, खेल मंत्रालय और भारत सरकार के सहयोग की सराहना की।
मंगलवार को आधिकारिक प्री-इवेंट ट्रेनिंग आयोजित की जाएगी, जबकि बुधवार को प्रतियोगिता के पहले ही दिन चार बड़े फाइनल मुकाबले होंगे। इनमें पुरुष और महिला 10 मीटर एयर पिस्टल के साथ-साथ जूनियर और यूथ पुरुष वर्ग के 10 मीटर एयर पिस्टल फाइनल शामिल हैं। इस तरह एशियन चैंपियनशिप के जरिए दिल्ली एक बार फिर एशियाई शूटिंग के केंद्र के रूप में उभरती नजर आ रही है।