देशभर में 7 दिसंबर को मनाए जाने वाले सशस्त्र सेना झंडा दिवस के अवसर पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भारतीय सशस्त्र बलों के पराक्रम, समर्पण और सर्वोच्च बलिदान को नमन किया। इस दिवस का उद्देश्य शहीदों, पूर्व सैनिकों और उनके परिजनों के कल्याण के लिए जागरूकता बढ़ाना और योगदान सुनिश्चित करना है।
रक्षा मंत्री ने सोशल मीडिया पर अपने संदेश में कहा कि भारतीय सेना का साहस और निस्वार्थ सेवा पूरे राष्ट्र को सुरक्षित रखती है। उन्होंने लिखा कि हर सैनिक का योगदान ऐसा ऋण है जिसे देशवासी कभी चुका नहीं सकते, लेकिन सम्मान और सहयोग से उनके प्रयासों को अवश्य प्रेरित किया जा सकता है।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने देशवासियों से सशस्त्र सेना झंडा दिवस कोष में उदारतापूर्वक योगदान देने की अपील की। उन्होंने कहा कि यह योगदान केवल आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि उन वीर सैनिकों और उनके परिवारों के प्रति सम्मान का प्रतीक है, जिन्होंने राष्ट्र की रक्षा में अपना सर्वस्व समर्पित किया है।
यह कोष युद्ध में वीरगति प्राप्त हुए सैनिकों के परिवारों, दिव्यांग सैनिकों, सेवानिवृत्त सेना कर्मियों और उनके परिजनों के पुनर्वास एवं कल्याण के लिए उपयोग किया जाता है।
On Armed Forces Flag Day, I salute the valour and sacrifices of our armed forces. Their courage safeguards our nation, and their selfless service reminds us of a debt we can never repay. I urge everyone to contribute generously to the Armed Forces Flag Day Fund. Your support… pic.twitter.com/zsK2vv5gtX
— Rajnath Singh (@rajnathsingh) December 7, 2025
सशस्त्र सेना झंडा दिवस की शुरुआत 7 दिसंबर 1949 को हुई थी। तब से हर वर्ष यह दिन सेना, नौसेना और वायुसेना के जवानों के प्रति सम्मान व्यक्त करने के लिए मनाया जाता है। इस दिन देशभर में विभिन्न कार्यक्रम, जागरूकता अभियानों और कोष संग्रह गतिविधियों का आयोजन किया जाता है।
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