अमेठी के सरायखेमा गांव में SIR (विशेष गहन पुनरीक्षण) फॉर्म जमा करने के लिए एक अनूठा अभियान चलाया गया। इस अभियान के तहत बीएलओ (बूथ लेवल अधिकारी), शिक्षक और अन्य कर्मियों ने ढोल-नगाड़े और लाउडस्पीकर का उपयोग करके घर-घर जाकर लोगों को एसआईआर फॉर्म समय से जमा करने के लिए जागरूक किया।

ढोल-नगाड़े के साथ जागरूकता का संदेश
गुरुवार को सरायखेमा गांव की गलियों में ढोल-नगाड़े की आवाज सुनकर लोग हैरान रह गए। जैसे ही लोगों ने दरवाजे खोले, वे बीएलओ और अन्य कर्मियों को देखे, जो उन्हें एसआईआर फॉर्म जमा करने के महत्व के बारे में बता रहे थे। लाउडस्पीकर पर यह संदेश दिया जा रहा था कि नागरिक अपना-अपना फॉर्म समय पर जमा कर लें, क्योंकि यदि ऐसा नहीं किया तो उनका नाम मतदाता सूची में शामिल नहीं हो पाएगा।
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मतदाताओं की सक्रिय भागीदारी
अभियान के दौरान, जिन मतदाताओं ने अभी तक फॉर्म नहीं भरे थे, उन्होंने तुरंत फॉर्म भरकर बीएलओ को सौंपे। गांववासियों ने इस अनूठे तरीके की सराहना की और यह महसूस किया कि एसआईआर की समय सीमा कम होने के कारण फॉर्म को शीघ्रता से जमा करना आवश्यक है।
सामूहिक प्रयासों से सफलता
इस अभियान में बीएलओ ऊषा देवी, आशा, राजकुमारी, कृष्णा देवी और अन्य शिक्षक-शिक्षिकाएं शामिल थीं। इनके सामूहिक प्रयासों ने यह सुनिश्चित किया कि एसआईआर फॉर्म के बारे में हर घर तक जागरूकता पहुंची और यह अभियान सफल रहा।
ऐसे अनोखे अभियानों से नागरिकों में सक्रिय भागीदारी बढ़ती है, जिससे उन्हें अपने नागरिक कर्तव्यों को पूरा करने के लिए प्रेरित किया जाता है और चुनावों के लिए मतदाता सूची में उनका नाम शामिल हो पाता है।







