जम्मू-कश्मीर के डोडा में ड्यूटी के दौरान शहीद हुए अलीगढ़ के जवान मोनू का पार्थिव शरीर शनिवार को जवां थाना क्षेत्र के दाऊपुर गांव पहुंचा। तिरंगे में लिपटा शव देखकर गांव में मातम छा गया। मां, पत्नी और परिजनों की चीख-पुकार से माहौल गमगीन हो गया, वहीं मासूम बेटी की आंखों में पिता को खोने का दर्द साफ नजर आया। शहीद मोनू बचपन से देशभक्ति में अग्रणी था और सेना में भर्ती होने के बाद युवाओं को देश सेवा के लिए प्रेरित करता था। जिला मजिस्ट्रेट और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मौके पर पहुंचे और परिजनों को ढांढस बंधाया। पूरे राजकीय सैन्य सम्मान के साथ शहीद मोनू को अंतिम विदाई दी गई। “भारत माता की जय” और “शहीद मोनू अमर रहें” के नारों से गांव गूंज उठा। पूर्व मंत्री, विधायक और अन्य अधिकारी भी शामिल हुए।
अलीगढ़ में शहीद मोनू चौधरी का पार्थिव शरीर दोपहर 12:30 बजे उनके गृह गांव दाऊपुर पहुंचा। जैसे ही सैनिक वाहन से शव उतारा गया, लोग “मोनू भैया अमर रहें.. जब तक सूरज चांद रहेगा, मोनू भैया का नाम रहेगा” के जयघोष करते हुए भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करने लगे। हजारों लोग बलिदानी के सम्मान में मौजूद रहे।

दोपहर लगभग तीन बजे मोनू चौधरी को पूरे सैनिक सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई। उनके साथ मथुरा से सीओ चारू शर्मा, दो जेसीओ और सेना के तीस जवान आए थे। दो सेक्शन पीएसी भी मौजूद थे। सिंगल यूनिट ने शोक शस्त्र सलामी दी। भाई सोनू चौधरी ने पार्थिव शरीर को मुखाग्नि दी। माता-पिता प्रताप सिंह व परिवार का रो-रोकर बुरा हाल था। अंतिम दर्शन के लिए पत्नी पूजा राणा की जिद को अधिकारियों ने पूरा किया। क्षेत्रीय विधायक ठाकुर जयवीर सिंह, ब्लॉक प्रमुख हरेंद्र सिंह जादौन, पूर्व विधायक विवेक बंसल, जिला पंचायत अध्यक्ष विजय सिंह, और अन्य गणमान्य लोग भी पहुंचे और पुष्प चक्र अर्पित किया।

शहीद के पार्थिव शरीर को गांव तक लाने में करीब तीन घंटे लगे। 24 जनवरी की सुबह से ही आसपास के गांवों से हजारों लोग अंतिम दर्शन के लिए आए। शव सुबह नौ बजे बुलंदशहर के पहासू पहुंचा, जहां भारी भीड़ जुट गई। भारी भीड़ के चलते पहासू से जवां के गांव दाऊपुर तक करीब सात किलोमीटर दूर पार्थिव शरीर पहुंचने में साढ़े तीन घंटे का समय लग गया। रास्ते में सेना का वाहन रोक-रोककर लोग पुष्प वर्षा करते रहे।

शहीद मोनू चौधरी 2019 में सेना में शामिल हुए थे। उनका परिवार दाऊपुर का निवासी है। जम्मू कश्मीर के डोडा जिले में 9000 फीट ऊंचाई पर खराब मौसम के कारण सेना का वाहन 200 फीट खाई में गिर गया, जिसमें मोनू समेत 10 जवान बलिदान और 11 घायल हुए। दो माह पहले ही गांव में अवकाश का समय बिताकर मोनू चौधरी ड्यूटी पर लौटे थे।
विधायक ठाकुर जयवीर सिंह ने कहा कि दाऊपुर की माटी शौर्य की गाथा गाती है और युगों तक मोनू चौधरी की बहादुरी गूंजती रहेगी। उन्होंने मृतक की आत्मा को अपने चरणों में स्थान देने और शोक संतृप्त परिवार को संबल प्रदान करने की ईश्वर से प्रार्थना की।
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