बहराइच: प्रभारी मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने भेड़िया प्रभावित गांव मंझारा तौकली का दौरा किया, पीड़ित परिवार को दी सांत्वना और सहायता राशि

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रिपोर्ट – जयचंद सोनी, बहराइच

उत्तर प्रदेश के बहराइच जनपद में हाल ही में हुए भेड़िए के हमले से उत्पन्न दहशत के बीच प्रदेश सरकार के कृषि एवं जनपद प्रभारी मंत्री सूर्य प्रताप शाही शनिवार को भेड़िया प्रभावित गांव मंझारा तौकली पहुंचे। मंत्री ने मौके का निरीक्षण करते हुए स्थिति का जायजा लिया और पीड़ित परिवारों से मुलाकात कर उन्हें हरसंभव सहायता का भरोसा दिलाया।

मंत्री शाही ने भेड़िए के हमले में मारे गए वृद्ध दंपति के भिरगुपुरवा स्थित आवास पर पहुंचकर परिजनों से मुलाकात की। उन्होंने दिवंगत दंपति के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की ओर से दी गई 5–5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता राशि के चेक परिजनों को सौंपे।


मुख्यमंत्री के निर्देश पर त्वरित राहत और कार्रवाई के आदेश

मंत्री शाही ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ घटना की जानकारी के तुरंत बाद से ही स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि प्रभावित परिवारों को शीघ्र राहत प्रदान की जाए और गांव में भेड़िए के आतंक को समाप्त करने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं।

सूर्य प्रताप शाही ने मौके पर मौजूद वन विभाग और राजस्व विभाग के अधिकारियों से विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने कहा कि वन विभाग को तुरंत प्रभाव से भेड़िए की गतिविधियों पर निगरानी बढ़ाने और ग्रामीणों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

“गांव में भय का माहौल खत्म करने के लिए विशेष टीम गठित की जा रही है। ड्रोन सर्विलांस और ट्रैपिंग टीम को सक्रिय किया गया है ताकि भेड़िए को जल्द पकड़ा जा सके,”
— सूर्य प्रताप शाही, कृषि एवं प्रभारी मंत्री, बहराइच


गांव में सन्नाटा और दहशत का माहौल

मंझारा तौकली और आसपास के गांवों में बीते कुछ दिनों से भेड़िए के हमले से लोगों में डर व्याप्त है। ग्रामीणों के अनुसार, रात के समय भेड़िया कई बार अलग-अलग घरों के आसपास देखा गया है। इससे लोग शाम ढलते ही घरों में बंद हो जाते हैं।

स्थानीय प्रशासन ने गांव में पुलिस बल की तैनाती बढ़ा दी है। साथ ही, ग्रामीणों को सतर्क रहने और बच्चों को रात में बाहर न निकलने की हिदायत दी गई है। वन विभाग की टीम लगातार गश्त कर रही है और जगह-जगह पिंजरे लगाए गए हैं।


वन विभाग की बैठक और आवश्यक दिशा-निर्देश

भेड़िया आतंक पर नियंत्रण के लिए मंत्री शाही ने मौके पर ही अधिकारियों के साथ एक आपात बैठक की। बैठक में डीएम मोनिका रानी, एसपी प्रशांत वर्मा, डीएफओ रजनीकांत मिश्रा सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

बैठक में मंत्री ने निर्देश दिया कि गांव के आसपास के जंगलों में सर्च अभियान चलाया जाए और स्थानीय लोगों को सुरक्षा संबंधी जागरूकता दी जाए। उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए वन्यजीव प्रबंधन की नीति को और प्रभावी बनाया जाएगा।

“यह केवल एक स्थानीय समस्या नहीं है, बल्कि मानव और वन्यजीवों के बीच संतुलन का मुद्दा है। सरकार इस पर दीर्घकालिक समाधान की दिशा में कार्य कर रही है।”
— सूर्य प्रताप शाही


कलेक्ट्रेट सभागार में हुई समीक्षा बैठक

भेड़िया प्रभावित गांव का निरीक्षण करने के बाद मंत्री शाही कलेक्ट्रेट सभागार पहुंचे, जहां उन्होंने पार्टी पदाधिकारियों और जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की।

बैठक में जिले की विकास योजनाओं, कृषि संबंधित परियोजनाओं और जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि जनता की समस्याओं का समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाए।

“सरकार की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुँचे — यही हमारी प्राथमिकता है। प्रशासनिक लापरवाही या देरी को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।”
— मंत्री सूर्य प्रताप शाही


ग्रामीणों को मिला भरोसा और राहत

मंत्री के दौरे के बाद ग्रामीणों में कुछ हद तक राहत का माहौल देखा गया। प्रभावित परिवार ने कहा कि सरकार की त्वरित सहायता से उन्हें आर्थिक संबल मिला है। हालांकि, गांव के लोग अब भी भेड़िए के खतरे से पूरी तरह मुक्त नहीं हैं और प्रशासन से सुरक्षा की मांग कर रहे हैं।

वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि अब तक कई कैमरा ट्रैप लगाए गए हैं और ड्रोन से इलाके की निगरानी की जा रही है। उम्मीद है कि आने वाले कुछ दिनों में भेड़िए को पकड़ लिया जाएगा।

बहराइच में हुई यह दुखद घटना जहां एक ओर मानव-वन्यजीव संघर्ष की गंभीरता को उजागर करती है, वहीं दूसरी ओर सरकार के त्वरित हस्तक्षेप ने यह भी दिखाया कि प्रशासन आमजन की सुरक्षा के लिए सतर्क है।

मंत्री सूर्य प्रताप शाही का यह दौरा न केवल पीड़ित परिवार के लिए सांत्वना का कारण बना, बल्कि इसने यह भी संदेश दिया कि सरकार संकट की घड़ी में जनता के साथ खड़ी है।

बाइट — सूर्य प्रताप शाही, कृषि एवं प्रभारी मंत्री, बहराइच

“मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने पीड़ित परिवारों को 5–5 लाख रुपये की सहायता राशि प्रदान की है। प्रशासन को निर्देश दिए गए हैं कि जल्द से जल्द भेड़िए के आतंक से लोगों को मुक्ति दिलाई जाए और ग्रामीणों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।”

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