एडिलेड। क्रिकेट के मैदान पर तो भारत और ऑस्ट्रेलिया की भिड़ंत जगजाहिर है, लेकिन अब ऑस्ट्रेलिया के मखमली गोल्फ कोर्स (Golf Course) पर भी तिरंगा लहराने को तैयार है। एडिलेड के ऐतिहासिक कूयोंगा गोल्फ क्लब में आयोजित हो रहे ‘विमेंस ऑस्ट्रेलियन ओपन’ (Women’s Australian Open) में भारतीय चुनौती की कमान एक बार फिर स्टार गोल्फर दीक्षा डागर (Diksha Dagar) के हाथों में है।
इस बार मुकाबला कड़ा है, क्योंकि मैदान में दीक्षा के साथ भारत की 4 और धुरंधर खिलाड़ी अपनी किस्मत और महारत का जौहर दिखाएंगी।
दीक्षा डागर: टॉप-10 का जोश और जीत का भरोसा
पिछले हफ्ते दीक्षा ने शानदार खेल दिखाते हुए टॉप-5 में जगह बनाई थी। इस बेहतरीन प्रदर्शन ने उन्हें ‘ऑर्डर ऑफ मेरिट’ के टॉप-10 में पहुँचा दिया है। एडिलेड की हवाओं और मुश्किल कोर्स के बीच दीक्षा का यह कॉन्फिडेंस ऑस्ट्रेलियाई दिग्गजों के लिए खतरे की घंटी है।
मैदान में भारतीय ‘पंच’: वाणी कपूर की वाइल्ड कार्ड एंट्री
इस हफ्ते एडिलेड में केवल दीक्षा ही नहीं, बल्कि भारतीय गोल्फ का भविष्य कही जाने वाली प्रणवी उर्स, अवनी प्रशांत और हिताशी बख्शी भी अपनी ताकत झोंकेंगी। खास बात यह है कि इस बार अनुभवी वाणी कपूर (Vani Kapoor) को बतौर ‘इनवाइटी’ शामिल किया गया है, जिससे भारतीय खेमा और मजबूत नजर आ रहा है।
कंगारू चुनौती: मेजर चैंपियंस की फौज के बीच जंग
एडिलेड 2020 के बाद पहली बार इस बड़े टूर्नामेंट की मेजबानी कर रहा है। घरेलू मैदान पर ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ियों का पलड़ा भारी है:
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दिग्गज नाम: वर्ल्ड नंबर 4 मिंजी ली, वर्ल्ड नंबर 9 हन्ना ग्रीन और मेजर चैंपियन ग्रेस किम इस रेस में सबसे आगे हैं।
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नई सनसनी: पिछले हफ्ते ही ‘ऑस्ट्रेलियन विमेंस क्लासिक’ जीतकर इतिहास रचने वाली केल्सी बेनेट (Kelsey Bennett) भी आत्मविश्वास से लबरेज हैं। 26 साल की बेनेट फिलहाल ‘ऑर्डर ऑफ मेरिट’ में सबसे ऊपर हैं और अपने होम ओपन में जीत का चौका लगाने को तैयार हैं।
कूयोंगा गोल्फ क्लब: जहाँ हवाएं बदलती हैं रुख
कूयोंगा गोल्फ क्लब को गोल्फ की दुनिया में एक ‘चैलेंजिंग कोर्स’ माना जाता है। यहाँ की घास और हवा का मिजाज अनुभवी खिलाड़ियों की भी परीक्षा लेता है। 1.7 मिलियन ऑस्ट्रेलियन डॉलर (लगभग ₹9.3 करोड़) के प्राइज फंड के लिए दुनिया भर की 144 महिला गोल्फर आपस में टकराएंगी।
दो बार की LET विनर स्टेफ़नी किरियाकोउ के लिए भी यह कोर्स नया है, जो इस बात का संकेत है कि यहाँ जो दिमागी रूप से मजबूत होगा, जीत उसी की होगी।
क्या दीक्षा रचेंगी इतिहास?
प्रशांत, इस खेल में धीरज और एकाग्रता का बड़ा खेल है। दीक्षा डागर की हालिया फॉर्म को देखते हुए यह कहना गलत नहीं होगा कि वह ऑस्ट्रेलिया के इस ‘होम ओपन’ में कंगारू खिलाड़ियों की पार्टी खराब कर सकती हैं। अगर पाँचों भारतीय खिलाड़ी सामंजस्य बिठा लेती हैं, तो एडिलेड से भारत के लिए कोई बड़ी खबर आना तय है।
