नई दिल्ली [भारत]: केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने हिमाचल प्रदेश स्थित एम्स बिलासपुर के तीसरे स्थापना दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित होकर संस्थान की उपलब्धियों और नई योजनाओं की घोषणा की। समारोह में उन्होंने कहा कि एम्स बिलासपुर ने मात्र तीन वर्षों में अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधाओं जैसे उन्नत एमआरआई, सीटी स्कैनर, पीईटी-सीटी, एंडोस्कोपी और ब्रोंकोस्कोपी सुइट्स के माध्यम से मरीजों को विश्व स्तरीय स्वास्थ्य सेवाएँ प्रदान करने में उल्लेखनीय प्रगति की है। नड्डा ने यह भी कहा कि आस-पास के राज्यों से भी लोग एम्स बिलासपुर में इलाज कराने आ रहे हैं, जो संस्थान में बढ़ते विश्वास और भरोसे को दर्शाता है।
केंद्रीय मंत्री ने अपने संबोधन में सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई कि उच्च गुणवत्ता वाली चिकित्सा सेवाएँ प्रत्येक नागरिक तक पहुँचना सुनिश्चित की जाए। उन्होंने न्यूक्लियर मेडिसिन, कैंसर देखभाल और गुर्दा प्रत्यारोपण में किए गए उपलब्धियों का उल्लेख किया और बताया कि अब हिमाचल प्रदेश के लोग जटिल चिकित्सा आवश्यकताओं के लिए चंडीगढ़ के पीजीआई पर निर्भर नहीं रहेंगे। इसके साथ ही, उन्होंने एम्स बिलासपुर के लिए हाल ही में स्वीकृत 127 पदों, जिनमें 29 संकाय और 98 गैर-संकाय पद शामिल हैं, को शीघ्र भरने के निर्देश दिए।
बिलासपुर एम्स आने के बाद यहाँ चिकित्सा शिक्षा में बड़े स्तर पर विस्तार हुआ है।
इससे स्थानीय युवाओं को अवसर मिले हैं और लोगों को भी मेडिकल सुविधा उपलब्ध हो रही है। pic.twitter.com/JgGFb8cG5k
— Jagat Prakash Nadda (@JPNadda) October 3, 2025
नड्डा ने दूर-दराज के क्षेत्रों से आने वाले मरीजों की सुविधा के लिए 500 बिस्तरों वाले विश्राम सदन की योजना की घोषणा की। साथ ही टाइप III, IV और V क्वार्टरों के निर्माण और स्नातक छात्रावासों के लिए 165 करोड़ रुपये और इनडोर स्टेडियम के लिए 5 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए। उन्होंने एम्स ब्रांड की प्रतिष्ठा बनाए रखने, गुणवत्तापूर्ण देखभाल सुनिश्चित करने और नवाचार को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया।
इसके अलावा, केंद्रीय मंत्री ने एम्स संस्थानों के बीच अल्पकालिक आदान-प्रदान कार्यक्रम और नीति आयोग एवं भारतीय लोक प्रशासन संस्थान के सहयोग से बनाई गई टीम का उल्लेख किया, जो सभी एम्स संस्थानों का दौरा कर भविष्य के विकास एवं स्थिरता के लिए रोडमैप तैयार करेगी। उन्होंने पिछले 11 वर्षों में चिकित्सा शिक्षा में हुई उल्लेखनीय वृद्धि को भी साझा किया और बताया कि देश में अब 808 मेडिकल कॉलेज हैं, वार्षिक स्नातक मेडिकल सीटें लगभग 1.25 लाख हो गई हैं। अगले पाँच वर्षों में सरकारी चिकित्सा संस्थानों में 75,000 अतिरिक्त मेडिकल सीटों की योजना है।
कार्यक्रम के दौरान एम्स बिलासपुर का कुलगीत भी आधिकारिक रूप से विमोचित किया गया और मेधावी छात्रों को उनके उत्कृष्ट शैक्षणिक और पाठ्येतर उपलब्धियों के लिए पुरस्कार प्रदान किए गए। इस अवसर पर लोकसभा सांसद अनुराग ठाकुर, राज्यसभा सांसद हर्ष महाजन, हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर और स्वास्थ्य मंत्री कर्नल डॉ. धनी राम शांडिल भी उपस्थित रहे।
