Gorakhpur ओवरब्रिज हादसा: फॉर्च्यूनर की टक्कर से MBBS छात्र की मौत
Gorakhpur में बुधवार रात एक दर्दनाक सड़क हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर दिया। तेज रफ्तार फॉर्च्यूनर कार की टक्कर से स्कूटी सवार एक MBBS छात्र की जान चली गई। घटना के बाद आसपास मौजूद लोगों की भीड़ जुट गई।
बताया जा रहा है कि यह हादसा रात करीब 10 बजे मोहद्दीपुर-कौवाबाग ओवरब्रिज पर हुआ। छात्र होली के मौके पर अपने दोस्त के घर से खाना खाकर हॉस्टल लौट रहा था। तभी अचानक सामने से आ रही बेकाबू फॉर्च्यूनर ने उसकी स्कूटी को जोरदार टक्कर मार दी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने घायलों को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने एक युवक को मृत घोषित कर दिया। जबकि अन्य दो लोगों का इलाज जारी है। मृतक की पहचान बीआरडी मेडिकल कॉलेज के एमबीबीएस थर्ड इयर के छात्र आकाश पांडेय के रूप में हुई है, जो संतकबीरनगर का रहने वाला था।

Gorakhpur ओवरब्रिज हादसा
गोरखपुर के मोहद्दीपुर-कौवाबाग ओवरब्रिज पर हुई यह घटना काफी दर्दनाक बताई जा रही है। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक फॉर्च्यूनर कार तेज गति से आ रही थी और उसने रास्ते में कई गाड़ियों को टक्कर मार दी। सबसे ज्यादा गंभीर चोट स्कूटी सवार छात्र को लगी। टक्कर इतनी तेज थी कि छात्र हवा में उछल गया और करीब 15 मीटर दूर जाकर ओवरब्रिज की रेलिंग से टकरा गया। इसके बाद वह रेलिंग में उल्टा लटक गया।

MBBS छात्र आकाश पांडेय
इस हादसे में जान गंवाने वाले छात्र की पहचान आकाश पांडेय के रूप में हुई है। वह संतकबीरनगर जिले के धर्मसिंघवा थाना क्षेत्र के बरगदवां माफी वार्ड नंबर 10 के रहने वाले थे।
आकाश पांडेय Gorakhpur के बीआरडी मेडिकल कॉलेज में MBBS थर्ड ईयर के छात्र थे। बताया जाता है कि वह पढ़ाई में काफी अच्छे थे और डॉक्टर बनने का सपना लेकर मेडिकल कॉलेज पहुंचे थे।
परिवार के लोगों के मुताबिक आकाश अपने माता-पिता के इकलौते बेटे थे। उनके पिता देवेंद्र नाथ पांडेय की टेंट की दुकान है, जबकि मां लीलावती देवी गृहिणी हैं। गोरखपुर में पढ़ाई कर रहे आकाश की मौत की खबर मिलते ही परिवार पर दुख का पहाड़ टूट पड़ा।

हादसे के बाद अस्पताल में माहौल
जब घायल छात्र को पुलिस जिला अस्पताल लेकर पहुंची तो डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। इस खबर के फैलते ही मेडिकल कॉलेज के कई छात्र और डॉक्टर अस्पताल पहुंच गए। साथी डॉक्टरों ने घटना को लेकर नाराजगी भी जताई और कुछ देर तक हंगामा किया। बाद में अधिकारियों ने उचित कार्रवाई का भरोसा देकर सभी को शांत कराया।
इसी दौरान आकाश का दोस्त अनूप भी अस्पताल पहुंचा। वह अपने दोस्त का शव देखकर रोने लगा और डॉक्टरों से कहता रहा कि “डॉक्टर साहब, मेरे दोस्त को बचा लीजिए।” वहां मौजूद लोगों ने उसे संभालने की कोशिश की।

आरोपी ड्राइवर की गिरफ्तारी
हादसे के बाद फॉर्च्यूनर का ड्राइवर मौके से भाग गया था। लेकिन गोरखपुर पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए गाड़ी को ट्रेस कर लिया। पुलिस के मुताबिक करीब एक घंटे के भीतर आरोपी ड्राइवर गोल्डेन साहनी को पकड़ लिया गया। जिस फॉर्च्यूनर से हादसा हुआ वह उसी के नाम पर दर्ज है। पुलिस ने वाहन को जब्त कर लिया है और आरोपी के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। Gorakhpur पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है।
Gorakhpur में हुआ यह सड़क हादसा कई सवाल छोड़ जाता है। तेज रफ्तार गाड़ी चलाना, सड़क पर लापरवाही और हादसे के बाद समय पर मदद न मिलना—ये तीनों बातें इस घटना में साफ दिखाई देती हैं।
आकाश पांडेय जैसे होनहार छात्र की मौत से Gorakhpur के मेडिकल छात्रों और स्थानीय लोगों में दुख और नाराजगी दोनों है। ऐसे हादसे यह याद दिलाते हैं कि सड़क पर थोड़ी सी सावधानी कई जिंदगियां बचा सकती है।
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