नई दिल्ली: भारत के रेल इतिहास में एक नई उपलब्धि दर्ज हुई है। मारुति सुजुकी इंडिया लिमिटेड के मानेसर स्थित गति शक्ति टर्मिनल (GCT) से रवाना हुई पहली ऑटोमोबाइल ट्रेन 3 अक्टूबर को कश्मीर घाटी के अनंतनाग रेलवे टर्मिनल पहुँच गई। इस ट्रेन में 116 से अधिक यात्री वाहन जैसे ब्रेज़ा, डिज़ायर, वैगनआर और एस-प्रेसो शामिल थे। यह ऑटो ट्रेन 1 अक्टूबर को मानेसर GCT प्लांट से उत्तर रेलवे के दिल्ली मंडल द्वारा रवाना की गई थी और 850 किलोमीटर की दूरी तय कर कश्मीर पहुँची।
यात्रा के दौरान ऑटो ट्रेन ने चिनाब नदी पर बने दुनिया के सबसे ऊँचे रेलवे आर्च ब्रिज को पार किया, जो तकनीकी और इंजीनियरिंग के दृष्टिकोण से अद्भुत उपलब्धि है। इस सफलता ने न केवल कश्मीर घाटी की कनेक्टिविटी को मजबूत किया है, बल्कि लॉजिस्टिक दक्षता बढ़ाने और सड़क यातायात की भीड़ को कम करने में भी मदद की है। उधमपुर-श्रीनगर-बारामूला रेल लिंक (USBRL) परियोजना के पूरा होने के बाद घाटी से रेल मार्ग का संपर्क स्थायी और विश्वसनीय बन गया है।
रेलवे अधिकारियों ने बताया कि 30 सितंबर तक कश्मीर घाटी से पहले ही माल ढुलाई की जा चुकी थी। इस दौरान 12,400.9 टन सेब, 48,387 टन सीमेंट, 1,341 टन प्लास्टिक के सामान और 716.1 टन स्टील घाटी में पहुँचाए गए। यह आंकड़े दर्शाते हैं कि रेल नेटवर्क ने घाटी के औद्योगिक और वाणिज्यिक रसद के लिए नई राहें खोल दी हैं।
मारुति सुजुकी के अधिकारी और भारतीय रेलवे प्रतिनिधि दोनों ने इस पहल की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि ऑटो ट्रेन की शुरुआत से घाटी में माल परिवहन में गति और विश्वसनीयता बढ़ेगी। सड़क परिवहन पर निर्भरता कम होगी, जिससे आपूर्ति श्रृंखला की दक्षता बढ़ेगी और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। इसके अलावा, इस परियोजना से कश्मीर में रोजगार और व्यापार के अवसर बढ़ने की संभावना है।
विशेष रूप से, ऑटो ट्रेन की शुरुआत से घाटी में वाहन परिवहन की लागत कम होगी और परिवहन समय में सुधार होगा। यह कदम कश्मीर के उद्योगपतियों और व्यापारियों के लिए भी लाभकारी सिद्ध होगा, क्योंकि अब बड़ी मात्रा में वाहन सीधे घाटी पहुँचाए जा सकते हैं। इस तरह से रेल मार्ग ने न केवल परिवहन को सुगम बनाया है बल्कि घाटी की आर्थिक गतिविधियों को भी प्रोत्साहित किया है।
भारतीय रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि भविष्य में ऐसी और ऑटो ट्रेन सेवाओं को घाटी और अन्य उत्तर-पूर्वी राज्यों तक बढ़ाने की योजना है। इससे देश की लॉजिस्टिक प्रणाली और आपूर्ति श्रृंखला और अधिक सुदृढ़ होगी। इस पहल के माध्यम से कश्मीर के लोगों के जीवन स्तर में सुधार और क्षेत्रीय आर्थिक विकास को भी बल मिलेगा।
मारुति सुजुकी के इस ऑटो ट्रेन परियोजना का अनंतनाग में स्वागत किया गया, और स्थानीय प्रशासन और रेलवे कर्मचारियों ने इसे एक ऐतिहासिक उपलब्धि बताया। इस कदम से स्पष्ट होता है कि भारतीय रेलवे देश के सभी हिस्सों में विश्वसनीय और कुशल परिवहन सेवाएं प्रदान करने के लिए लगातार प्रयासरत है।
