भारत दौरे पर आई थाईलैंड की राजकुमारी सिरिवन्नावरी नरिरत्ना ने कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच ताजमहल और आगरा किला का दीदार किया। सबसे पहले राजकुमारी अपने प्रतिनिधिमण्डल के साथ होटल से शिल्पग्राम , बैटरी चलित गोल्फकार्ट में सवार होकर ताजमहल देखने पहुंचीं। सुरक्षा कर्मियों के घेरे में राजकुमारी ने ताजमहल का दीदार किया। इस दौरान उन्होंने डायना सीट पर फोटो सेशन कराया और गाइड नितिन सिंह से ताजमहल के इतिहास, निर्माण और पच्चीकारी के बारे में जानकारी ली। करीब एक घंटे तक ताजमहल का दीदार करने के बाद राजकुमारी सिरिवन्नावरी नारिरत्ना ने आगरा किले का भी दीदार किया, किले में राजकुमारी के लिए ख़ासतौर पर मुसम्मन बुर्ज और दीवान -ए-खास को भी खोला गया था जो आम पर्यटकों के लिए बंद रहते हैं।
सुरक्षा कारणों से राजकुमारी के सुरक्षाकर्मियों ने आम लोगों को फोटो या वीडियो बनाने की अनुमति नहीं दी। कुछ विदेशी पर्यटकों द्वारा ली गई तस्वीरें भी हटवाई गईं। करीब एक घंटे के प्रवास के बाद वह साढ़े नौ बजे आगरा किला के लिए रवाना हुईं। इस दौरान आम पर्यटकों की एंट्री अस्थायी रूप से रोक दी गई।
अमर विलास में लंच, ITC मुगल में ठहराव
राजकुमारी मंगलवार शाम जोधपुर से आगरा पहुंची थीं। खेरिया हवाई अड्डे पर उतरने के बाद उनका काफिला सीधे ITC Mughal पहुंचा। उन्होंने होटल अमर विलास में भोजन किया और रात में आईटीसी मुगल में ठहरीं।
गाइड नितिन ने उन्हें ताजमहल और आगरा किले की ऐतिहासिक विशेषताओं की जानकारी दी। भारत यात्रा के दौरान उनका यह दौरा पांच दिवसीय कार्यक्रम का हिस्सा है।
जयपुर और जोधपुर में ऐतिहासिक धरोहरों का अवलोकन
आगरा से पहले राजकुमारी ने राजस्थान में तीन दिन बिताए। उन्होंने जयपुर के आमेर किला का भ्रमण किया, जहां दीवान-ए-आम, दीवान-ए-खास, शीश महल और मानसिंह महल की स्थापत्य कला को निहारा। अरावली की हरियाली और जल संरक्षण की पारंपरिक प्रणालियों की उन्होंने सराहना की।
जोधपुर में उन्होंने मेहरानगढ़ किला और जसवंत थड़ा का दौरा किया। यहां की वास्तुकला और ऐतिहासिक महत्व से वह काफी प्रभावित दिखीं। उम्मेद भवन में लंच के बाद उन्होंने स्थानीय शोरूम से आभूषण भी खरीदे।
फैशन जगत में खास पहचान
राजकुमारी सिरिवन्नावरी नरिरत्ना अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रसिद्ध फैशन डिजाइनर हैं। उनका स्वयं का लग्जरी फैशन ब्रांड है, जिसकी वैश्विक स्तर पर पहचान है। फैशन के अलावा वह थाई शाही सेना में मेजर के पद पर कार्यरत हैं और एक कुशल घुड़सवार भी हैं। कला, संस्कृति और खेलों में उनकी विशेष रुचि उन्हें बहुआयामी व्यक्तित्व प्रदान करती है।
भारत यात्रा के दौरान ऐतिहासिक और सांस्कृतिक स्थलों में उनकी गहरी दिलचस्पी ने दोनों देशों के सांस्कृतिक संबंधों को और मजबूत करने का संदेश दिया है।
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