काठमांडू/नई दिल्ली: मनोरंजन जगत से एक बेहद दुखद खबर सामने आ रही है। नेपाली और भारतीय सिनेमा के दिग्गज अभिनेता Sunil Thapa, जिन्हें दुनिया ‘राते काइला’ के नाम से जानती थी, अब हमारे बीच नहीं रहे। शनिवार, 7 फरवरी 2026 की सुबह काठमांडू के नॉर्विक इंटरनेशनल अस्पताल में उनका निधन हो गया। रिपोर्ट्स के अनुसार, 68 वर्षीय अभिनेता को दिल का दौरा (Cardiac Arrest) पड़ा था, जिसके बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
अस्पताल में क्या हुआ? (Last Moments of Sunil Thapa)
अस्पताल के अध्यक्ष राजेंद्र बहादुर सिंह के मुताबिक, सुनील थापा को शुक्रवार की रात से ही बेचैनी महसूस हो रही थी। शनिवार सुबह जब उनकी हालत ज्यादा बिगड़ी, तो उन्हें तुरंत थापाथली स्थित नॉर्विक अस्पताल ले जाया गया। अस्पताल पहुंचने पर वह अचेत अवस्था में थे। सुबह 7:44 बजे किए गए ईसीजी (ECG) ने पुष्टि की कि उनका निधन हो चुका है। डॉक्टरों का प्राथमिक अनुमान है कि उनकी मृत्यु ‘कार्डियक अरेस्ट’ की वजह से हुई है।

‘राते काइला’: जिसने नेपाली विलेन की परिभाषा बदल दी
Veteran actor Sunil Thapa passes away की खबर ने उन लाखों फैंस को झकझोर दिया है जो उन्हें ‘नेपाली सिनेमा का गब्बर’ मानते थे। सुनील थापा ने अपने करियर में 300 से अधिक नेपाली फिल्मों में काम किया। उन्हें सबसे बड़ी पहचान फिल्म ‘चिनो’ (Chino) में निभाए गए ‘राते काइला’ (Rate Kaila) के किरदार से मिली। यह किरदार इतना खौफनाक और प्रभावशाली था कि सालों तक नेपाली सिनेमा में खलनायकी का दूसरा नाम सुनील थापा ही रहा।

बॉलीवुड में सफर: ‘एक दूजे के लिए’ से ‘मैरी कॉम’ तक
सुनील थापा की प्रतिभा केवल नेपाल तक सीमित नहीं थी। उन्होंने भारतीय सिनेमा में भी अपनी अमिट छाप छोड़ी।

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डेब्यू: उन्होंने 1981 में कमल हासन और रति अग्निहोत्री की ब्लॉकबस्टर फिल्म ‘एक दूजे के लिए’ से बॉलीवुड में कदम रखा था।
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मैरी कॉम: प्रियंका चोपड़ा की फिल्म ‘मैरी कॉम’ में उन्होंने सख्त लेकिन प्रेरणादायक कोच (नरजीत सिंह) की भूमिका निभाई थी, जिसके लिए उन्हें ‘फिल्मफेयर अवॉर्ड्स’ में बेस्ट सपोर्टिंग एक्टर के लिए नॉमिनेट किया गया था।
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OTT डेब्यू: हाल ही में उन्होंने मनोज बाजपेयी की मशहूर वेब सीरीज ‘द फैमिली मैन’ (सीजन 3) में डेविड खुज़ो (David Khuzou) का दमदार किरदार निभाया था, जो नागालैंड के एक स्थानीय नेता की भूमिका थी।
संघर्षपूर्ण शुरुआती जीवन: मॉडल और फुटबॉलर भी थे सुनील
फिल्मों में आने से पहले सुनील थापा का जीवन काफी विविध रहा। 1970 के दशक में उन्होंने मुंबई (तब बॉम्बे) में एक मॉडल के रूप में अपना करियर शुरू किया था। वह उस समय के बड़े फैब्रिक ब्रांड्स जैसे ‘बिन्नी’ और ‘मफतलाल’ के लिए विज्ञापन करते थे। इसके अलावा, वह एक बेहतरीन फुटबॉल खिलाड़ी भी थे और उन्होंने बॉम्बे के प्रसिद्ध क्लबों के लिए प्रोफेशनल फुटबॉल खेला था। अभिनय के साथ-साथ उन्होंने एक फोटो जर्नलिस्ट के तौर पर भी काम किया और 1974 में भूटान के राज्याभिषेक समारोह को कवर किया था।

इंडस्ट्री में शोक की लहर
सुनील थापा के निधन की खबर मिलते ही नेपाल और भारत के फिल्मी सितारों ने उन्हें श्रद्धांजलि दी है।
“सुनील जी न केवल एक बेहतरीन अभिनेता थे, बल्कि एक शानदार इंसान और अनुशासन के प्रतीक थे। एवरेस्ट फिल्म अकादमी के अध्यक्ष के रूप में उन्होंने सैकड़ों युवाओं का भविष्य संवारा। उनका जाना सिनेमाई दुनिया के लिए एक अपूरणीय क्षति है।” – नेपाली फिल्म जगत के कलाकार
परिवार और अंतिम संस्कार
सुनील थापा का परिवार मूल रूप से मुंबई में रहता है, जबकि वह खुद काठमांडू में अकेले रह रहे थे। अस्पताल प्रशासन ने बताया है कि उनके परिवार के सदस्यों के काठमांडू पहुंचने के बाद ही उनके अंतिम संस्कार की प्रक्रिया और औपचारिक घोषणा की जाएगी। उनकी विरासत को उनके दो बच्चे और उनकी पत्नी रजनी लिम्बू आगे बढ़ाएंगे।

एक युग का अंत
Veteran actor Sunil Thapa passes away केवल एक खबर नहीं, बल्कि एक युग का अंत है। उन्होंने खलनायक के किरदारों को एक नई गरिमा दी और साबित किया कि एक कलाकार के लिए भाषा कभी बाधा नहीं बन सकती। चाहे वह नेपाली हो, हिंदी हो या भोजपुरी, सुनील थापा ने हर पर्दे पर अपना जादू बिखेरा।