गोरखपुर, उत्तर प्रदेश – 2 अक्टूबर को गोरखपुर सहित पूरे प्रदेश में विजयदशमी का पर्व बड़े ही उत्साह और धूमधाम से मनाया जाएगा। गोरखनाथ मंदिर में इस अवसर पर गोरक्षपीठाधीश्वर एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की उपस्थिति में भव्य कार्यक्रमों का आयोजन होगा। सुबह से ही मंदिर परिसर में धार्मिक अनुष्ठान और विशेष पूजन की तैयारियां की गई हैं, जिनमें हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है।
मंदिर प्रशासन के अनुसार, सुबह 9:20 बजे योगी आदित्यनाथ गुरु गोरखनाथजी का विशिष्ट पूजन करेंगे। इसके बाद गोरखनाथ मंदिर परिसर में स्थित सभी देव विग्रहों की पूजा-अर्चना और अभिषेक संपन्न होगा। यह परंपरा वर्षों से चली आ रही है, जिसे देखने के लिए स्थानीय श्रद्धालुओं के साथ-साथ देशभर से भक्त गोरखपुर पहुंचते हैं।
दोपहर 1 बजे से 3 बजे तक तिलकोत्सव का आयोजन होगा। इस दौरान गोरक्षपीठाधीश्वर श्रद्धालुओं को आशीर्वाद देंगे और धर्म, संस्कृति व समाज की एकता का संदेश देंगे। तिलकोत्सव गोरखनाथ मंदिर की परंपरा का महत्वपूर्ण हिस्सा है, जहां हर वर्ग के लोग एक साथ शामिल होते हैं।
शाम 4 बजे से योगी आदित्यनाथ की भव्य शोभायात्रा मंदिर परिसर से प्रारंभ होगी। इस शोभायात्रा में उनके रथ को पारंपरिक ढंग से सजाया जाएगा और वे गुरु गोरक्षनाथ के आशीर्वाद से नगर भ्रमण करेंगे। शोभायात्रा में तुरही, नगाड़े और बैंड-बाजों की गूंज के बीच श्रद्धालु उमड़ेंगे। शोभायात्रा का पहला पड़ाव मानसरोवर मंदिर होगा, जहां देवाधिदेव महादेव और अन्य देव विग्रहों की पूजा-अर्चना और अभिषेक किया जाएगा।
इसके बाद शोभायात्रा रामलीला मैदान पहुंचेगी, जहां विशेष कार्यक्रम आयोजित होगा। यहां योगी आदित्यनाथ प्रभु श्रीराम का राजतिलक करेंगे। साथ ही माता सीता, लक्ष्मण और हनुमानजी की पूजा-अर्चना और आरती भी की जाएगी। यह आयोजन गोरखपुर की धार्मिक-सांस्कृतिक परंपराओं का जीवंत प्रतीक माना जाता है।
शोभायात्रा रामलीला मैदान से पुनः गोरखनाथ मंदिर लौटेगी। सायंकाल सात बजे दिग्विजयनाथ स्मृति भवन के सामने पारंपरिक प्रसाद वितरण किया जाएगा, जिसमें समाज के सभी वर्गों के लोग शामिल होंगे। गोरखनाथ मंदिर प्रशासन ने बताया कि नाथपंथ की परंपरा के अनुसार हर वर्ष विजयदशमी के अवसर पर पात्र पूजा का आयोजन भी संपन्न होता है।
गोरखपुर में विजयदशमी का यह उत्सव केवल धार्मिक आयोजन ही नहीं बल्कि सांस्कृतिक धरोहर का प्रतीक भी है। यहां होने वाले कार्यक्रमों में आस्था, भक्ति और सामाजिक एकता का संगम देखने को मिलता है। हर साल की तरह इस बार भी गोरखनाथ मंदिर में होने वाली दशहरा शोभायात्रा का इंतजार श्रद्धालु बेसब्री से कर रहे हैं।
