लखनऊ, उत्तर प्रदेश: उत्तर प्रदेश के आतंकवाद निरोधी दस्ते (एटीएस) ने सोमवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए चार संदिग्ध आतंकवादियों को गिरफ्तार किया है, जो कथित तौर पर “मुजाहिदीन सेना” बनाने और भारत में लोकतांत्रिक व्यवस्था की जगह शरिया कानून लागू करने की साजिश रच रहे थे। यूपी पुलिस के अनुसार, इन आरोपियों पर कट्टरपंथी पाकिस्तानी संगठनों से प्रभावित होकर हिंसक जिहाद की राह पर चलने और सरकार को उखाड़ फेंकने की योजना बनाने का आरोप है। पुलिस ने बताया कि आरोपी गुप्त बैठकों और सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म्स पर सक्रिय रहकर युवाओं को भड़काने का काम कर रहे थे।
वे ऑडियो चैट और वीडियो के ज़रिए कट्टर विचारधारा फैलाने के साथ-साथ हथियार और अन्य सामग्री जुटाने के लिए फंडिंग की कोशिश कर रहे थे। पुलिस ने खुलासा किया कि यह समूह गैर-मुस्लिम धार्मिक नेताओं की targeted हत्या की योजना भी बना रहा था, ताकि समाज में भय का वातावरण पैदा किया जा सके। एटीएस ने लखनऊ स्थित एटीएस थाने में आरोपियों के खिलाफ धारा 148/152 बीएनएस के तहत प्राथमिकी दर्ज की है।
गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान अकमल रज़ा (सुल्तानपुर), सफ़ील सलमानी उर्फ़ अली रज़वी (रॉबर्ट्सगंज, सोनभद्र), मोहम्मद तौसीफ़ (घाटमपुर, कानपुर) और कासिम अली (सराय क़दीम, रामपुर) के रूप में हुई है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपियों ने कबूल किया कि वे शरीयत कानून लागू करने के लिए ‘काफ़िरों’ के खिलाफ जिहाद छेड़ना चाहते थे और इसके लिए समान विचारधारा वाले लोगों को संगठित कर रहे थे।
उनके पास से पांच मोबाइल फोन, पहचान पत्र, एटीएम कार्ड और एक फ़ोनपे स्कैनर बरामद किया गया है। पुलिस का कहना है कि इनके नेटवर्क और अन्य मददगारों की जानकारी जुटाने के लिए अदालत से पुलिस रिमांड की मांग की जाएगी। एटीएस का यह कदम राज्य में आतंकवाद के खिलाफ चल रही सख्त नीति और सतर्कता का हिस्सा माना जा रहा है। इस कार्रवाई ने एक बार फिर साबित किया है कि सुरक्षा एजेंसियां प्रदेश में आतंकी गतिविधियों को जड़ से खत्म करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।







