Bareilly: उत्तर प्रदेश के बरेली से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जहां पत्नी ने अपने पति की गला दबाकर हत्या कर दी और फिर शव को मफलर के सहारे कमरे में टांगकर आत्महत्या का रूप देने की कोशिश की। शुरुआत में मामला सुसाइड का माना गया, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस जांच ने पूरी साजिश को उजागर कर दिया।
यह घटना रिश्तों में आई दरार और नौ साल के प्रेम संबंध के दर्दनाक अंत की कहानी बयां करती है। जिस जितेंद्र यादव ने अपनी मोहब्बत के लिए 9 वर्षों तक इंतजार किया, उसी पत्नी ने उसकी जान ले ली। वारदात के बाद पत्नी ने पड़ोसियों और परिचितों को गुमराह करने के लिए पति की आत्महत्या की अफवाह फैलाई, लेकिन सच्चाई ज्यादा देर तक छिप नहीं सकी।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने बदली पूरी कहानी
जानकारी के अनुसार, इज्जतनगर थाना क्षेत्र की कैलाशपुरम कॉलोनी में IVRI में संविदाकर्मी के रूप में कार्यरत जितेंद्र यादव किराये के मकान में रहते थे। एक दिन यह शोर मचा कि उन्होंने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली है। रिश्तेदारों के कहने पर पुलिस ने भी प्रारंभिक तौर पर इसे सुसाइड मान लिया, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गला दबाकर हत्या की पुष्टि होने से पूरा मामला पलट गया।
हत्या के बाद शव को फंदे पर लटकाया गया
सोमवार सुबह पुलिस जब कमरे में पहुंची तो जितेंद्र का शव मफलर के सहारे लटका मिला। हैरानी की बात यह थी कि उनके पैर नीचे रखे स्टूल पर टिके हुए थे और जीभ बाहर निकली हुई थी। शुरुआती जांच में इसे आत्महत्या समझा गया, लेकिन फॉरेंसिक जांच और मेडिकल रिपोर्ट ने साफ कर दिया कि पहले गला घोंटकर हत्या की गई और फिर शव को फंदे पर टांगा गया ताकि वारदात को आत्महत्या बताया जा सके।
परिवार ने लगाए गंभीर आरोप
जितेंद्र के परिजनों को शुरू से ही पत्नी पर शक था। परिवार का आरोप है कि रोडवेज में कंडक्टर के पद पर तैनात पत्नी ज्योति शादी के बाद से ही जितेंद्र पर पैतृक संपत्ति बेचने का दबाव बना रही थी। वह चाहती थी कि शहर में मकान और कार उसके नाम पर खरीदी जाए। ऐसा न करने पर दहेज उत्पीड़न के झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी दी जाती थी। नौ साल के प्रेम संबंध के बाद हुई शादी के महज दो महीने में ही हालात बिगड़ गए। यह भी दावा किया जा रहा है कि 20 हजार रुपये जुए में हारने के विवाद के चलते हत्या को अंजाम दिया गया।
आखिरी कॉल मायके वालों को
पोस्टमार्टम के बाद पुलिस को साजिश की आशंका हुई। जांच के दौरान ज्योति और जितेंद्र के मोबाइल फोन की कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) खंगाली गई। इसमें सामने आया कि वारदात के समय ज्योति ने आखिरी कॉल अपने मायके पक्ष को की थी। पुलिस को शक है कि हत्या के बाद सबूत मिटाने और शव को ठिकाने लगाने की योजना में ससुराल पक्ष के लोग भी शामिल थे। गली में लगे सीसीटीवी कैमरों और लोकेशन ट्रेस करने पर संदेह और गहरा गया।
पत्नी समेत तीन आरोपी गिरफ्तार
मामले की गंभीरता को देखते हुए बरेली एसएसपी अनुराग आर्य ने सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके बाद इज्जतनगर थाना पुलिस ने ज्योति और उसके कुछ रिश्तेदारों को हिरासत में लेकर पूछताछ की। जांच के बाद हत्या के सनसनीखेज मामले का खुलासा करते हुए पुलिस ने पत्नी समेत तीन अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस के अनुसार, 26 जनवरी को गिरजाशंकर कॉलोनी कैलाशपुरम स्थित किराये के मकान में जितेंद्र कुमार यादव का शव फंदे से लटका मिला था। मृतक के भाई अजय कुमार की तहरीर पर पहले आत्महत्या का मुकदमा दर्ज किया गया था, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हत्या की पुष्टि होने के बाद केस की दिशा बदल गई और आरोपियों की गिरफ्तारी की गई।
यह भी पढ़ें: UP News: 68 हजार से ज्यादा राज्यकर्मियों का वेतन रोका गया, संपत्ति विवरण न देने पर योगी सरकार सख्त