नई दिल्ली। Parliament Budget Session 2026 इस बार कई मायनों में खास रहने वाला है। सरकार ने राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव और केंद्रीय बजट पर लंबी और व्यापक चर्चा का खाका तैयार कर लिया है। लोकसभा में हुई बिजनेस एडवाइजरी कमेटी (BAC) की बैठक में तय किया गया है कि राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा के लिए लोकसभा में कुल 18 घंटे का समय निर्धारित किया जाएगा। यह चर्चा 2, 3 और 4 फरवरी को होगी, जबकि 4 फरवरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लोकसभा में सरकार की ओर से जवाब देंगे।
राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव
राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव संसद की एक अहम परंपरा है, जिसमें सरकार अपने एजेंडे और नीतिगत प्राथमिकताओं को स्पष्ट करती है, वहीं विपक्ष को सवाल उठाने और सरकार से जवाब मांगने का अवसर मिलता है। इस बार 18 घंटे की चर्चा यह संकेत देती है कि सरकार और विपक्ष के बीच मुद्दों पर गहन बहस होने की उम्मीद है। सूत्रों के अनुसार, सरकार चाहती है कि बजट सत्र की शुरुआत सकारात्मक और सार्थक बहस के साथ हो। वहीं विपक्ष पहले ही कई मुद्दों को लेकर सरकार को घेरने की तैयारी में है।
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बजट पर आम चर्चा का कार्यक्रम
राष्ट्रपति के अभिभाषण के बाद लोकसभा में केंद्रीय बजट पर आम चर्चा होगी। इसके लिए 5, 9, 10 और 11 फरवरी की तारीखें तय की गई हैं। बजट पर चर्चा के लिए भी कुल 18 घंटे का समय रखा गया है। उम्मीद जताई जा रही है कि केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 11 फरवरी को चर्चा का जवाब देंगी। यह बजट इसलिए भी खास है क्योंकि यह 2026-27 वित्तीय वर्ष से जुड़ा होगा, जिसमें आने वाले वर्षों की आर्थिक दिशा और प्राथमिकताओं की झलक मिलेगी।
विपक्ष के मुद्दे और सर्वदलीय बैठक
बजट सत्र से पहले मंगलवार को हुई सर्वदलीय बैठक में विपक्षी दलों ने कई अहम मुद्दों को उठाने की बात कही। इनमें महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (MGNREGA) की बहाली, चुनावी रोल से जुड़ी स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) प्रक्रिया, और विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) से जुड़े विवाद प्रमुख हैं। विपक्ष का कहना है कि ग्रामीण रोजगार, शिक्षा और चुनावी प्रक्रियाओं से जुड़े सवाल आम लोगों के जीवन से सीधे जुड़े हैं और इन पर संसद में विस्तार से चर्चा होनी चाहिए। सरकार की ओर से भरोसा दिलाया गया है कि नियमों के दायरे में सभी मुद्दों पर चर्चा की जाएगी।
Parliament Budget Session की कार्यवाही और स्थगन
इस बीच, लोकसभा को गुरुवार दोपहर के बाद स्थगित कर दिया गया था और अब सदन 1 फरवरी को सुबह 11 बजे फिर से बैठक करेगा। इसी दिन केंद्रीय बजट पेश किया जाएगा। ध्यान देने वाली बात यह है कि इस साल बजट प्रस्तुति वीकेंड पर हो रही है, जो हाल के वर्षों में कम देखने को मिला है।
आर्थिक सर्वेक्षण पेश
बजट से एक दिन पहले वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में 2025-26 वित्तीय वर्ष के लिए भारत का आर्थिक सर्वेक्षण पेश किया। यह सर्वेक्षण बजट से पहले देश की अर्थव्यवस्था की मौजूदा स्थिति का खाका पेश करता है। आर्थिक सर्वेक्षण को देश की अर्थव्यवस्था का आधिकारिक वार्षिक “रिपोर्ट कार्ड” माना जाता है। इसमें पिछले एक साल में आर्थिक विकास, चुनौतियों, अवसरों और भविष्य की नीतिगत दिशा पर डेटा आधारित विस्तृत विश्लेषण होता है। सरकार की यह पुरानी परंपरा रही है कि बजट से पहले आर्थिक सर्वेक्षण पेश कर संसद और देश को आर्थिक स्थिति से अवगत कराया जाए।
लगातार नौवां बजट पेश करेंगी निर्मला सीतारमण
1 फरवरी को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण लगातार नौवां केंद्रीय बजट पेश करेंगी। यह अपने आप में भारत के संसदीय और आर्थिक इतिहास में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है। इससे पहले बहुत कम वित्त मंत्रियों को यह मौका मिला है कि वे इतने लंबे समय तक लगातार बजट पेश करें। सरकार का कहना है कि यह बजट “विकास, निवेश और समावेशन” पर केंद्रित रहेगा, जबकि आम लोगों की नजरें महंगाई, रोजगार, कर राहत और सामाजिक योजनाओं पर टिकी होंगी।
प्रधानमंत्री का संदेश: सुधारों पर जोर
बजट सत्र 2026 से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने Parliament Budget Session परिसर के बाहर मीडिया को संबोधित किया। उन्होंने भारत की मजबूत आर्थिक ग्रोथ की बात करते हुए कहा कि मौजूदा तिमाही की शुरुआत “बहुत पॉजिटिव” रही है। प्रधानमंत्री ने कहा कि आज भारत दुनिया के लिए “उम्मीद की किरण” बनकर उभरा है। उनके शब्दों में, देश अब “रिफॉर्म एक्सप्रेस” पर सवार है और लंबे समय से चली आ रही समस्याओं से बाहर निकलकर दीर्घकालिक समाधानों की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने विपक्ष से भी अपील की कि बजट सत्र को बाधाएं पैदा करने के बजाय समाधान खोजने का मंच बनाया जाए।
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भारत-यूरोपीय संघ FTA की तारीफ
प्रधानमंत्री मोदी ने भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते (FTA) की भी जमकर सराहना की। उन्होंने इसे “महत्वाकांक्षी भारत, आकांक्षी युवाओं और आत्मनिर्भर भारत के लिए मुक्त व्यापार” करार दिया। प्रधानमंत्री का मानना है कि भारतीय मैन्युफैक्चरर्स इस समझौते का उपयोग अपनी क्षमताओं को मजबूत करने के लिए करेंगे। उनके अनुसार, यह FTA एक आत्मविश्वासी, प्रतिस्पर्धी और उत्पादक भारत के निर्माण की दिशा में बड़ा कदम है।
65 दिनों में 30 बैठकें
इस बार बजट सत्र कुल 65 दिनों तक चलेगा, जिसमें दोनों सदनों की 30 बैठकें प्रस्तावित हैं। सत्र का समापन 2 अप्रैल को होगा। हालांकि, दोनों सदन 13 फरवरी को अवकाश के लिए स्थगित कर दिए जाएंगे और फिर 9 मार्च से दोबारा कार्यवाही शुरू होगी। इस दौरान संसद की स्थायी समितियां विभिन्न मंत्रालयों और विभागों की अनुदान मांगों की जांच करेंगी। यह प्रक्रिया बजट को और अधिक व्यावहारिक और जवाबदेह बनाने में अहम भूमिका निभाती है।