गोंडा में सागौन किसानों के लिए लागू हुआ मॉडल ट्री नियम, ऑनलाइन अनुमति से मिलेगी सुविधा

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गोंडा: केंद्र सरकार ने सागौन की खेती करने वाले किसानों के लिए मॉडल ट्री नियम लागू किया है, जिससे उन्हें पेड़ों की कटाई, बिक्री और देखभाल में सुविधा मिलेगी। इस महत्वपूर्ण घोषणा केंद्रीय राज्य मंत्री (पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन) कीर्तिवर्धन सिंह ने गोंडा में की। उन्होंने बताया कि अब किसान ऑनलाइन एप पर पेड़ों की फोटो अपलोड कर तुरंत अनुमति प्राप्त कर सकेंगे। इसके बाद वन विभाग के अधिकारी मौके पर जाकर जांच करेंगे और रिपोर्ट तैयार करेंगे।

पहले किसानों को सागौन की खेती, कटाई और बिक्री के लिए कई तरह के परमिट लेने पड़ते थे। इस प्रक्रिया की जटिलताओं के कारण किसान अक्सर परेशान होकर कम दाम पर अपने पेड़ बेचने को मजबूर होते थे। इस समस्या को दूर करने के लिए पर्यावरण मंत्रालय और प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) के सचिव की बैठक में नया मॉडल ट्री नियम तैयार किया गया।

कीर्तिवर्धन सिंह ने कहा कि इस नियम के लागू होने से किसानों को पेड़ों के संरक्षण और बिक्री में सुविधा मिलेगी। अब उन्हें लंबी और थकाऊ कागजी कार्रवाई का सामना नहीं करना पड़ेगा और उन्हें पेड़ों के लिए बेहतर दाम प्राप्त होंगे। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे नियम का पालन करते हुए सागौन के पेड़ों की खेती और संरक्षण करें।

मॉडल ट्री नियम के तहत किसानों को ऑनलाइन आवेदन करने के बाद वन विभाग का निरीक्षण सुनिश्चित करेगा कि पेड़ सुरक्षित हैं और उनकी कटाई या बिक्री कानूनी रूप से सही तरीके से हो रही है। इससे न केवल किसानों को फायदा होगा, बल्कि वन संरक्षण और पर्यावरण सुरक्षा भी सुनिश्चित होगी।

कीर्तिवर्धन सिंह ने कहा कि यह पहल सरकार की किसानों के प्रति प्रतिबद्धता और वन संरक्षण के प्रयास का प्रतीक है। उन्होंने बताया कि नियम के लागू होने के बाद सागौन की खेती करने वाले किसानों को आसानी, पारदर्शिता और आर्थिक लाभ मिलेगा। इसके अलावा, वन विभाग और किसानों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित होगा।

इस अवसर पर राज्य के कई अधिकारियों और स्थानीय किसानों ने इस पहल की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह नियम ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण में भी मदद करेगा।

गोंडा में लागू किए गए मॉडल ट्री नियम से उम्मीद है कि किसानों को पेड़ों की बिक्री में न्यायसंगत मूल्य मिलेगा, उनके जीवन स्तर में सुधार होगा और देश में सागौन की खेती को बढ़ावा मिलेगा। यह नियम किसानों और वन विभाग दोनों के लिए पारदर्शिता और सुविधा का नया युग लाएगा।

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