KGMU परिसर की मजारों पर प्रशासन की सख्ती,15 दिन में हटाने का अल्टीमेटम… नहीं माने तो होगा बुलडोजर एक्शन!

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लखनऊ के किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय यानी KGMU से एक बड़ी और अहम खबर सामने आई है योगी सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत KGMU परिसर में मौजूद अवैध मजारों पर कार्रवाई की तैयारी शुरू हो चुकी है, KGMU प्रशासन ने परिसर में मौजूद अवैध मजारों को लेकर सख्त रुख अपनाया है और परिसर के सभी मजारों पर नोटिस चस्पा कर उन्हे हटाने का निर्देश जारी किया है। प्रशासन का कहना है कि इन मजारों की वजह से आवागमन बाधित हो रहा है और पार्किंग की गंभीर समस्या पैदा हो रही है इसके साथ ही मजारों के आसपास अतिक्रमण भी बढ़ता जा रहा है।

KGMU में अवैध मजारों को हटाने के निर्देश

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में स्थित किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) में प्रशासन ने अवैध निर्माण के खिलाफ सख्त कदम उठाते हुए दो मजारों को हटाने का आदेश दिया है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने शुक्रवार को नोटिस चस्पा कर स्पष्ट किया कि ये संरचनाएं परिसर की जमीन पर बिना वैध अनुमति बनाई गई हैं। नोटिस में कहा गया है कि इन्हें तय समयसीमा के भीतर स्वयं हटाना होगा, अन्यथा प्रशासन बलपूर्वक कार्रवाई करेगा।

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प्रशासन द्वारा दी गई समयसीमा

नोटिस के अनुसार, विश्वविद्यालय परिसर के भीतर बनी कच्ची मजार को सात दिनों के भीतर हटाने का निर्देश दिया गया है। वहीं, परिसर के बगल स्थित पक्की मजार को हटाने के लिए 15 दिनों का समय दिया गया है। नोटिस में यह भी स्पष्ट किया गया है कि अगर निर्धारित अवधि में मजारें नहीं हटाईं गईं, तो प्रशासन कानून के अनुसार कार्रवाई करेगा।

KGMU प्रशासन का तर्क

KGMU प्रशासन का कहना है कि विश्वविद्यालय एक शैक्षणिक और चिकित्सकीय संस्थान है, जहां कोई भी संरचना केवल वैध अनुमति और नियमों के तहत ही बनाई जा सकती है। बिना अनुमति बनाए गए ढांचे संस्थान की गरिमा को प्रभावित करते हैं और भविष्य में सुरक्षा तथा प्रशासनिक समस्याएं उत्पन्न कर सकते हैं।

सुरक्षा और प्रशासन की सतर्कता

मजारों को हटाने की प्रक्रिया में विश्वविद्यालय प्रशासन और स्थानीय पुलिस दोनों सतर्क हैं। किसी भी अव्यवस्था या विवाद की स्थिति से निपटने के लिए सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन ने भरोसा दिया है कि कार्रवाई पूरी तरह शांतिपूर्ण और कानून के दायरे में होगी, ताकि किसी भी समुदाय या वर्ग की भावनाओं को ठेस न पहुंचे।

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डेढ़ साल पहले शुरू हुई कार्रवाई

KGMU प्रवक्ता डॉ. के. के. सिंह ने बताया कि कुलपति डॉ. सोनिया नित्यानंद के नेतृत्व में डेढ़ साल पहले परिसर में अवैध कब्जों और मजारों को हटाने की कार्रवाई शुरू हुई थी। कई बड़े अवैध कब्जे पहले ही हटाए जा चुके हैं। अब शेष अवैध निर्माण और मजारों को हटाकर विश्वविद्यालय परिसर को पूरी तरह अतिक्रमण मुक्त किया जाएगा।

यह भी पढ़ें : UP Diwas 2026: अमित शाह लखनऊ पहुंचे, राष्ट्रपति-PM मोदी से लेकर CM योगी ने दी उत्तर प्रदेश दिवस की बधाई

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