पीलीभीत: मौनी अमावस्या पर शारदा नदी में दर्दनाक हादसा, धनाराघाट पर तीन लोग डूबे

मौनी अमावस्या

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मौनी अमावस्या पर स्नान बना मातम का कारण

उत्तर प्रदेश के पीलीभीत जिले में मौनी अमावस्या के पावन अवसर पर आयोजित धार्मिक मेले के दौरान एक दर्दनाक हादसा सामने आया। धनाराघाट पर शारदा नदी में स्नान करते समय तीन लोगों के डूबने से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। इस हृदयविदारक घटना में 3 लोगों के शव बरामद कर लिए गए हैं।

यह हादसा रविवार को उस समय हुआ, जब मौनी अमावस्या के अवसर पर हजारों श्रद्धालु धनाराघाट पहुंचे थे। धार्मिक आस्था और परंपरा के अनुसार श्रद्धालु शारदा नदी में स्नान कर पुण्य लाभ अर्जित कर रहे थे। इसी दौरान लापरवाही और सुरक्षा व्यवस्था की कमी ने एक बड़े हादसे का रूप ले लिया।

मौनी अमावस्या

किशोरों के डूबने से शुरू हुआ हादसा

प्राप्त जानकारी के अनुसार, चंदिया हजारा निवासी सौरभ (14 वर्ष), पुत्र निताई, और सुमित (15 वर्ष), पुत्र सुशांत, अपने परिजनों के साथ मेले में आए थे। दोपहर के समय दोनों किशोर शारदा नदी में स्नान करने उतरे। नदी की गहराई और तेज बहाव का सही अनुमान न होने के कारण उनका संतुलन अचानक बिगड़ गया। देखते ही देखते दोनों किशोर तेज धार की चपेट में आ गए और डूबने लगे। नदी में डूबते किशोरों को देखकर घाट पर मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई। परिजन और अन्य श्रद्धालु मदद के लिए चिल्लाने लगे।

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बचाव के प्रयास में युवक की जान गई

किशोरों को डूबता देख नदी तट पर मौजूद केशव प्रसाद ने नदी में छलांग लगा दी। वह किशोरों को तो नहीं बचा सका, खुद भी नदी में डूब गया। घटना से घाट पर चीख-पुकार मच गई। स्थानीय गोताखोरों की मदद से तीनों के शव बरामद किए गए हैं। इस प्रकार एक बचाव प्रयास में भी हादसे का शिकार हो गया और कुल तीन लोग नदी में डूब गए। घटना के बाद घाट पर मौजूद लोगों में दहशत और मातम का माहौल बन गया।

पुलिस-प्रशासन ने शुरू किया तलाशी अभियान

घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। तत्काल गोताखोरों और स्टीमर की मदद से शारदा नदी में तलाशी अभियान शुरू किया गया। कई घंटों तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद गोताखोरों ने 3 लोगों के शवों को नदी से बाहर निकाला। मौके पर मौजूद मेडिकल टीम द्वारा सीपीआर दिया गया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

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