चेन्नई (तमिलनाडु)। भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के वरिष्ठ नेता विनोज पी सेल्वम ने सत्ताधारी द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (DMK) पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में जनता का समर्थन कम होने के कारण डीएमके घबराई हुई है और इसी बौखलाहट में विपक्षी दलों पर लगातार हमले कर रही है।
रविवार को चेन्नई में पत्रकारों से बातचीत करते हुए विनोज पी सेल्वम ने कहा,
“जब भी डीएमके घबराती है, यह साफ संकेत होता है कि वे हार की राह पर हैं। वे अपना आपा खो देते हैं और दूसरी पार्टियों की आलोचना करने लगते हैं। डीएमके ने 2021 के विधानसभा चुनाव से पहले 500 से अधिक वादे किए थे, लेकिन उनमें से 80 प्रतिशत से ज्यादा आज तक पूरे नहीं हुए हैं। उन्हें पता है कि जनता सब देख रही है और वे हारने वाले हैं।”
बीजेपी नेता के ये बयान ऐसे समय आए हैं, जब तमिलनाडु में आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर सियासी सरगर्मियां तेज हो गई हैं। सभी प्रमुख राजनीतिक दल अपने-अपने चुनावी वादों और रणनीतियों के साथ मैदान में उतरने की तैयारी कर रहे हैं। सेल्वम ने डीएमके पर आरोप लगाया कि चुनावी घोषणाओं और जमीनी हकीकत के बीच बड़ा अंतर है, जिससे जनता में निराशा बढ़ रही है।
AIADMK ने चुनावी वादों का पहला चरण किया घोषित
इस बीच, एक दिन पहले एडप्पाडी के पलानीस्वामी के नेतृत्व वाली AIADMK ने आगामी विधानसभा चुनावों के लिए अपने चुनावी वादों के पहले चरण की घोषणा की।
AIADMK के प्रमुख वादों में शामिल हैं:
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महिला कल्याण कुलाविलक्कू योजना के तहत सभी राशन कार्डधारक परिवारों को हर महीने 2,000 रुपये की सहायता, जो सीधे परिवार की महिला मुखिया के बैंक खाते में जमा होगी।
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शहरों में पुरुषों के लिए मुफ्त बस यात्रा योजना, जबकि महिलाओं के लिए मौजूदा मुफ्त यात्रा योजना जारी रहेगी।
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अम्मा इल्लम योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में जमीन खरीदकर पक्के मकान और शहरी क्षेत्रों में बिना घर वाले परिवारों के लिए मुफ्त अपार्टमेंट।
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ग्रामीण रोजगार योजना को बढ़ाकर 150 दिन करने का वादा।
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अम्मा टू-व्हीलर योजना के तहत 5 लाख महिलाओं को प्रति लाभार्थी 25,000 रुपये की सब्सिडी।
AIADMK के नेतृत्व वाला एनडीए 2021 का विधानसभा चुनाव हारने के बाद सत्ता में वापसी की कोशिश कर रहा है। 2024 के लोकसभा चुनावों में अपेक्षाकृत कमजोर प्रदर्शन के बावजूद, AIADMK ने 2023 में अलगाव के बाद एक बार फिर भारतीय जनता पार्टी के साथ गठबंधन को मजबूत किया है।
2026 चुनाव से पहले तेज हुई सियासत
वहीं, सत्ताधारी DMK 2024 के लोकसभा चुनावों में मजबूत प्रदर्शन के बाद आत्मविश्वास के साथ 2026 के विधानसभा चुनाव की तैयारी में जुटी है।
तमिलनाडु में 2026 की पहली छमाही में विधानसभा चुनाव प्रस्तावित हैं और जैसे-जैसे चुनाव नजदीक आ रहे हैं, राज्य में राजनीतिक बयानबाजी और चुनावी गतिविधियां तेज होती जा रही हैं।