नई दिल्ली। केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने यूरोपीय संघ (EU) के साथ प्रस्तावित फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) को “सभी डील्स की जननी” करार दिया है। उन्होंने कहा कि यह समझौता भारत के निर्यात क्षेत्रों के लिए गेम-चेंजर साबित होगा और दुनिया के सबसे बड़े आर्थिक गुटों में से एक के साथ भारत के व्यापारिक रिश्तों को नई ऊंचाई देगा।
शुक्रवार को नई दिल्ली में मीडियाकर्मियों से बातचीत करते हुए गोयल ने कहा कि विकसित अर्थव्यवस्थाओं के साथ व्यापार समझौते करने को लेकर भारत का आत्मविश्वास पहले से कहीं ज्यादा मजबूत हुआ है। उन्होंने कहा, “अब तक भारत सात विकसित देशों के साथ FTA कर चुका है। EU के साथ होने वाला समझौता इन सभी की जननी होगा। इसमें दुनिया की दो सबसे शक्तिशाली अर्थव्यवस्थाएं शामिल होंगी और हमारे पास विकास की बेहद अच्छी संभावनाएं हैं।”
गोयल ने जोर देकर कहा कि यह समझौता दोनों पक्षों के लिए फायदेमंद होगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत और EU की अर्थव्यवस्थाएं एक-दूसरे से सीधी प्रतिस्पर्धा नहीं करतीं, बल्कि पूरक हैं। मंत्री ने कहा, “हमारे सभी FTA विकसित देशों के साथ हैं, न कि प्रतिस्पर्धी अर्थव्यवस्थाओं के साथ। यही इसकी सबसे बड़ी ताकत है।”

व्यापार वार्ताओं में भारत के साहसिक रुख का श्रेय गोयल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व को दिया। उन्होंने कहा, “पिछली सरकारें विकसित दुनिया के साथ FTA करने से डरती थीं। आज हम पूरे आत्मविश्वास के साथ विकसित देशों के साथ बातचीत करते हैं। हम साहसिक फैसले लेने से नहीं हिचकते, इसलिए हमें बेहतर डील मिलती है।” उन्होंने प्रधानमंत्री के जोखिम उठाने वाले दृष्टिकोण की तुलना एक स्टार्टअप उद्यमी से की।
मंत्री ने भरोसे के पहलू पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी 140 करोड़ भारतीयों के आत्मविश्वास के साथ बातचीत करते हैं और दुनिया आज भारत को एक उभरती महाशक्ति के रूप में देख रही है। यही भरोसा भारत को वैश्विक मंच पर मजबूत स्थिति में खड़ा करता है।
EU के साथ चल रही बातचीत पर अपडेट देते हुए गोयल ने बताया कि सभी 27 EU सदस्य देशों का भारत-EU समझौते को जल्द पूरा करने के पक्ष में समर्थन है। उन्होंने कहा, “पिछले कुछ महीनों में मंत्रिस्तरीय, राजनयिक और शीर्ष नेतृत्व स्तर पर बातचीत हुई है। EU का कोई भी देश इस साझेदारी के खिलाफ नहीं है।”
हालांकि, उन्होंने साफ किया कि भारत अपने राष्ट्रीय हितों से कोई समझौता नहीं करेगा। गोयल ने कहा, “मैं आपको आश्वस्त करता हूं कि EU के साथ FTA में देश के हित सर्वोपरि रहेंगे।”
अमेरिका के साथ प्रस्तावित FTA को लेकर गोयल ने कहा कि बातचीत जारी है और सही समय पर समझौता होगा, हालांकि उन्होंने कोई समयसीमा नहीं बताई।
गौरतलब है कि EU पहले से ही भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है। वित्त वर्ष 2024-25 में दोनों के बीच वस्तुओं का कुल व्यापार 136.53 अरब डॉलर रहा। प्रस्तावित FTA के तहत बाजार पहुंच, मूल नियम, सेवाएं, निवेश और बौद्धिक संपदा अधिकार जैसे अहम मुद्दे शामिल होंगे। भारत टेक्सटाइल, चमड़ा और हस्तशिल्प जैसे श्रम-प्रधान क्षेत्रों के लिए जीरो-ड्यूटी एक्सेस चाहता है, जबकि किसानों और MSME सेक्टर के लिए सुरक्षा प्रावधान भी इस समझौते का हिस्सा होंगे।
इस बीच, यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन 27 जनवरी को होने वाले 16वें EU-भारत शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने भारत आएंगी। दोनों नेता नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात कर व्यापार, सुरक्षा, स्वच्छ बदलाव और लोगों के बीच सहयोग जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा करेंगे।







