नई दिल्ली। मई 2025 में पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में भारतीय सेना द्वारा चलाए गए ऑपरेशन सिंदूर ने पाकिस्तान में सक्रिय आतंकी संगठनों की रीढ़ तोड़ दी थी। इस सटीक सैन्य कार्रवाई में लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद के प्रमुख ठिकाने पूरी तरह तबाह हो गए थे। हमले के बाद आतंकियों के जनाजों में लश्कर का सीनियर कमांडर हाफिज अब्दुल रऊफ फूट-फूटकर रोता हुआ भी नजर आया था।
अब उसी रऊफ का एक नया वीडियो सामने आया है, जिसमें वह भारत को गीदड़भभकी देता दिखाई दे रहा है। वीडियो में रऊफ यह दावा करता है कि भारत को ऐसा जवाब दिया गया है कि वह आने वाले 50 साल तक पाकिस्तान की ओर आंख उठाकर नहीं देख पाएगा। हालांकि सुरक्षा विशेषज्ञ इन बयानों को हताशा और हार छिपाने की कोशिश बता रहे हैं।
खोखले दावों से मनोबल बढ़ाने की कोशिश
वीडियो में आतंकी रऊफ झूठा प्रचार करते हुए कह रहा है कि पूरी दुनिया पाकिस्तान के साथ खड़ी है और भारत अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अलग-थलग पड़ गया है। उसने तुर्की और बांग्लादेश जैसे देशों का नाम लेकर समर्थन मिलने का दावा किया और अमेरिका को लेकर भी भ्रामक बयान दिए।
हकीकत यह है कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान लश्कर का मुरिदके मुख्यालय और जैश का बहावलपुर आतंकी केंद्र पूरी तरह ध्वस्त हो गया था। इस हमले को आतंकी नेटवर्क के लिए अब तक का सबसे बड़ा झटका माना जा रहा है।
हार को छिपाने का प्रोपेगेंडा
सुरक्षा मामलों के जानकारों का कहना है कि रऊफ का यह वीडियो केवल बचे-खुचे आतंकियों का मनोबल बढ़ाने का प्रयास है। ऑपरेशन सिंदूर ने यह साफ कर दिया है कि भारत अब आतंकवाद के खिलाफ किसी भी तरह की नरमी नहीं बरतेगा।
हमले के बाद पाकिस्तान ने खुद युद्धविराम की अपील की थी, जिसके बाद 10 मई को सीजफायर लागू हुआ। अब रऊफ उसी तारीख को अपनी तथाकथित जीत बताकर सोशल मीडिया पर भ्रम फैलाने की कोशिश कर रहा है, ताकि आतंकी संगठनों की करारी हार पर पर्दा डाला जा सके।
एजेंसियां अलर्ट, हर गतिविधि पर नजर
भारतीय सुरक्षा एजेंसियां इस वीडियो और इससे जुड़े प्रोपेगेंडा को गंभीरता से ले रही हैं। सोशल मीडिया पर फैलाए जा रहे झूठे दावों पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। भारत पहले ही अंतरराष्ट्रीय मंचों पर स्पष्ट कर चुका है कि आतंक और बातचीत साथ-साथ नहीं चल सकते।
सीमा पार दोबारा आतंकी ढांचे खड़े करने की कोशिशों की खबरों के बीच भारतीय सेना पूरी तरह सतर्क है। विशेषज्ञों का मानना है कि रऊफ की धमकियां उसकी बौखलाहट और डर को उजागर करती हैं, क्योंकि अब उसे यह एहसास हो चुका है कि भारतीय मिसाइलें उसके सबसे सुरक्षित ठिकानों तक पहुंच सकती हैं।







