UP बना राष्ट्रीय आयोजनों का केंद्र, AI से बदलेगा शासन तंत्र: जितिन प्रसाद

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लखनऊ। केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने सोमवार को कहा कि दिल्ली के बाद अब उत्तर प्रदेश बड़े राष्ट्रीय और तकनीकी आयोजनों के लिए एक मजबूत मंच के रूप में उभर रहा है। यह बदलाव भारत की विकास यात्रा में राज्य की बढ़ती भूमिका को साफ तौर पर दिखाता है।

UP Regional AI Impact Conference 2026 को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि राज्य का विकास इंजन तेज़ी से रफ्तार पकड़ रहा है और देश की समग्र प्रगति में उल्लेखनीय योगदान दे रहा है। उन्होंने इस गति का श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व को दिया और कहा कि बीते वर्षों में भारत ने हर क्षेत्र में तेज़ विकास किया है।

टेक इकोसिस्टम में बड़ी छलांग

प्रसाद ने बताया कि सेमीकंडक्टर, उन्नत डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और नेटवर्क कनेक्टिविटी जैसे क्षेत्रों में भारत का टेक्नोलॉजी इकोसिस्टम अभूतपूर्व गति से आगे बढ़ा है। उन्होंने कहा कि इंटरनेट और डिजिटल सेवाओं की पहुंच अब गांव-गांव तक हो गई है, जिससे शहरी और ग्रामीण भारत के बीच की डिजिटल खाई काफी हद तक कम हुई है।

साइबर सुरक्षा और फेक न्यूज पर सख्ती

उन्होंने साइबर धोखाधड़ी और गलत सूचना की बढ़ती चुनौतियों का भी जिक्र किया। मंत्री ने स्पष्ट किया कि केंद्र सरकार साइबर अपराध से निपटने के लिए सख्त कदम उठा रही है और फर्जी खबरें फैलाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, डिजिटल सुरक्षा को मजबूत करने पर लगातार काम हो रहा है।

विकास और सुशासन की मांग

हाल के चुनाव परिणामों का हवाला देते हुए प्रसाद ने कहा कि बिहार समेत अन्य राज्यों में मिले जनादेश यह संकेत देते हैं कि जनता विकास और सुशासन को प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने इसे सरकार की नीतियों पर जनता के भरोसे के रूप में देखा।

AI पर सरकार का फोकस (UP Regional AI Impact Conference 2026)

मंत्री ने बताया कि अगले महीने होने वाला टेक्नोलॉजी इम्पैक्ट समिट देश के लिए गर्व का विषय होगा। उन्होंने कहा कि वैश्विक स्तर पर भारत की मौजूदगी लगातार मजबूत हो रही है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि AI क्षमताओं को बढ़ाने के लिए कई पहलें चल रही हैं और भारत तेज़ी से AI के वैश्विक केंद्र बनने की ओर बढ़ रहा है।

हालांकि, उन्होंने यह भी जोड़ा कि इन प्रयासों की असली सफलता तभी मानी जाएगी जब AI का लाभ ग्रामीण इलाकों तक पहुंचे। उनके शब्दों में, “जब तक ग्रामीण भारत AI से लाभान्वित नहीं होगा, तब तक हमारा लक्ष्य पूरा नहीं माना जाएगा।”

स्वास्थ्य क्षेत्र में AI का असर

AI और हेल्थ इनोवेशन समिट में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं में आए बदलावों पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि कोविड-19 के दौरान सभी जिलों में ICU बेड बढ़ाए गए और आज हर जिले में बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि एन्सेफलाइटिस से होने वाली मौतें, जो पहले हर साल हजारों बच्चों की जान लेती थीं, अब शून्य पर आ गई हैं।

राष्ट्रीय AI मिशन से जुड़ाव

यह सम्मेलन इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय और IndiaAI के सहयोग से 12–13 जनवरी 2026 को लखनऊ में आयोजित हो रहा है। इसका उद्देश्य शासन और सार्वजनिक सेवा वितरण में AI के नवीनतम उपयोगों को प्रदर्शित करना और राज्य-स्तरीय पहलों को राष्ट्रीय AI मिशन से जोड़ना है।

गौरतलब है कि यह सम्मेलन इंडिया AI इम्पैक्ट समिट 2026 (UP Regional AI Impact Conference 2026) की श्रृंखला का हिस्सा है, जिसका आयोजन 16–20 फरवरी 2026 को नई दिल्ली में होगा। देशभर में होने वाली आठ रीजनल AI कॉन्फ्रेंस के माध्यम से भारत AI आधारित भविष्य की दिशा में ठोस कदम बढ़ा रहा है।

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