प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज के बीच गांधीनगर स्थित महात्मा मंदिर कन्वेंशन सेंटर में हुई द्विपक्षीय वार्ता के बाद दोनों नेताओं ने संयुक्त रूप से मीडिया को संबोधित किया। इस दौरान तकनीकी, रणनीतिक और आर्थिक क्षेत्रों में सहयोग को और गहराई देने पर विशेष जोर दिया गया। साथ ही आतंकवाद के खिलाफ मिलकर सख्त और समन्वित कार्रवाई करने के संकल्प को दोहराया गया।
भारत–जर्मनी मित्रता को और मजबूत करने का संकल्प
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में स्पष्ट शब्दों में कहा कि भारत, जर्मनी के साथ अपनी दोस्ती और साझेदारी को और अधिक मजबूत करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने पारंपरिक गुजराती अभिव्यक्ति का उल्लेख करते हुए कहा,
“गुजरात में हम कहते हैं ‘आवकारो मिठो आपजे रे’, यानी स्नेह और आत्मीयता से आपका स्वागत करते हैं। इसी भावना के साथ हम चांसलर का भारत में दिल से स्वागत करते हैं।”
पीएम मोदी के इस वक्तव्य ने भारत–जर्मनी संबंधों की गहराई और आपसी सम्मान को रेखांकित किया।
समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर, सहयोग को संस्थागत मजबूती
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज की उपस्थिति में भारत और जर्मनी के बीच कई महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापनों (MoUs) पर हस्ताक्षर किए गए। इन समझौतों का उद्देश्य औद्योगिक सहयोग, उन्नत तकनीक, नवाचार, कौशल विकास और हरित ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में साझेदारी को मजबूत करना है। विशेषज्ञों के अनुसार, ये समझौते दोनों देशों के आर्थिक और तकनीकी संबंधों को नई दिशा देंगे।
आतंकवाद पर स्पष्ट और साझा रुख
आतंकवाद के मुद्दे पर दोनों नेताओं ने एकमत राय व्यक्त की। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा,
“हम एकमत हैं कि आतंकवाद पूरी मानवता के लिए एक गंभीर खतरा है। भारत और जर्मनी इसके विरुद्ध एकजुट होकर पूरी दृढ़ता से लड़ाई जारी रखेंगे।”
उन्होंने यह भी कहा कि वैश्विक चुनौतियों से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं में सुधार अत्यंत आवश्यक है। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में सुधार के लिए जी4 समूह के माध्यम से भारत और जर्मनी का संयुक्त प्रयास इसी साझा सोच का प्रमाण है।
ऐतिहासिक समय में ऐतिहासिक यात्रा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चांसलर फ्रेडरिक मर्ज की भारत यात्रा को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि यह दौरा एक विशेष समय पर हो रहा है।
उन्होंने कहा,
“पिछले वर्ष हमने अपनी रणनीतिक साझेदारी के 25 वर्ष पूरे किए और इस वर्ष हम अपने राजनयिक संबंधों के 75 वर्ष मना रहे हैं। ये माइलस्टोन केवल समय की उपलब्धियां नहीं हैं, बल्कि हमारी साझा महत्वाकांक्षाओं, परस्पर विश्वास और निरंतर सशक्त होते सहयोग के प्रतीक हैं।”
पीएम मोदी ने यह भी रेखांकित किया कि भारत और जर्मनी जैसी बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के बीच करीबी सहयोग न केवल दोनों देशों के लिए, बल्कि पूरी मानवता के लिए महत्वपूर्ण है।
तकनीकी और नवीकरणीय ऊर्जा सहयोग में तेजी
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत और जर्मनी के बीच तकनीकी सहयोग हर वर्ष और अधिक मजबूत हुआ है, जिसका प्रभाव आज जमीन पर स्पष्ट रूप से दिखाई देता है। उन्होंने विशेष रूप से नवीकरणीय ऊर्जा का उल्लेख करते हुए कहा कि इस क्षेत्र में दोनों देशों की प्राथमिकताएं समान हैं। स्वच्छ ऊर्जा, हरित हाइड्रोजन, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी और जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए भारत–जर्मनी साझेदारी को भविष्य में और विस्तार दिया जाएगा।
समग्र दृष्टिकोण से आगे बढ़ते भारत–जर्मनी संबंध
द्विपक्षीय वार्ता और साझा बयान से यह स्पष्ट है कि भारत और जर्मनी अपने संबंधों को केवल व्यापार तक सीमित नहीं रखना चाहते, बल्कि रणनीतिक, तकनीकी, सुरक्षा और वैश्विक शासन जैसे क्षेत्रों में भी दीर्घकालिक सहयोग को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। चांसलर फ्रेडरिक मर्ज की यह यात्रा दोनों देशों के बीच विश्वास और साझेदारी को नई ऊंचाइयों पर ले जाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
Sharing my remarks during the India-Germany Business Forum.@bundeskanzler@_FriedrichMerz https://t.co/IiPIf5MlzK
— Narendra Modi (@narendramodi) January 12, 2026
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