गाजियाबाद में गाजियाबाद एंटरप्रेन्योरशिप मिशन की शुरुआत की गई। यह मिशन गाजियाबाद में एक मजबूत स्टार्टअप इकोसिस्टम तैयार करने के उद्देश्य से प्रशासन द्वारा समर्थित है। इसमें 12 से अधिक कॉलेजों के 4000 से ज्यादा छात्रों ने भाग लिया, जिनमें से टॉप 100 छात्रों का चयन किया गया, जिनमें 60% छात्राएं हैं। चयनित छात्रों को उद्यमिता ट्रेनिंग, मेंटरशिप, फंडिंग और बिजनेस लॉन्चिंग में पूरा सहयोग मिलेगा। यह पहल स्टार्टअप इंडिया और विकसित भारत के विजन से जुड़ी हुई है। कार्यक्रम में प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री सुनील शर्मा ने कहा कि गाजियाबाद एंटरप्रेन्योरशिप मिशन युवाओं को नौकरी तलाशने वाला नहीं, बल्कि नौकरी देने वाला बनाने की दिशा में एक संगठित प्रयास है और यह पहल विकसित भारत की नींव रखने वाला एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।
गाजियाबाद एंटरप्रेन्योरशिप मिशन का उद्देश्य
गाजियाबाद एंटरप्रेन्योरशिप मिशन का उद्देश्य गाजियाबाद के युवाओं को आत्मनिर्भर बनाना है, ताकि वे अपने उद्यमिता विचारों को साकार कर सकें और खुद के रोजगार के अवसर उत्पन्न कर सकें। इस मिशन में 100 छात्र-छात्राओं को उद्यमिता के क्षेत्र में योगदान देने के लिए चुना गया, और इन्हें विशेष रूप से स्टार्टअप्स से जुड़ी प्रैक्टिकल ट्रेनिंग दी जाएगी।

कार्यक्रम की शुरुआत
कार्यक्रम की शुरुआत गाजियाबाद मैनेजमेंट एसोसिएशन (जीएमए) के कार्यकारी निदेशक राहुल अग्रवाल के स्वागत भाषण से हुई। जीएमए लंबे समय से उद्योग और समाज के बीच सेतु का काम कर रहा है, और यह मिशन इसी सोच से शुरू किया गया है कि गाजियाबाद का युवा अब रोजगार ढूंढने वाला नहीं, बल्कि रोजगार देने वाला बने।

मंत्री सुनील कुमार शर्मा का भाषण
मंत्री सुनील कुमार शर्मा ने इस मिशन की अहमियत को बताते हुए कहा कि यह प्रदेश का पहला जिला-स्तरीय संगठित प्रयास है, जो युवाओं को आत्मनिर्भर बनाकर उन्हें रोजगार सृजन की दिशा में आगे बढ़ाएगा। उन्होंने कहा कि यह पहल आने वाले समय में अन्य जिलों के लिए भी प्रेरणा बनेगी और यह विकसित भारत के सपने को साकार करने में एक मील का पत्थर साबित होगी।
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जिला प्रशासन का समर्थन
गाजियाबाद के मुख्य विकास अधिकारी अभिनव गोपाल ने कहा कि यह कार्यक्रम गाजियाबाद को एक स्टार्टअप हब बनाने की दिशा में एक ठोस शुरुआत है। उन्होंने आश्वस्त किया कि जिला प्रशासन इस पहल को पूरा सहयोग देगा और चयनित छात्रों को सरकारी योजनाओं, सब्सिडी और फंडिंग सपोर्ट से जोड़ा जाएगा, ताकि उनके विचार कागजों तक सीमित न रहकर वास्तविक रोजगार सृजन में बदल सकें।
स्किलिंगयू की भूमिका
स्किलिंगयू के संस्थापक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी प्रवीन राजभर ने चयन प्रक्रिया के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि गाजियाबाद के 12 कॉलेजों से करीब 4,000 छात्रों ने आवेदन किया था, जिनमें से फाउंडर फिट टेस्ट और स्टार्टअप विचारों के आधार पर शीर्ष 100 छात्रों का चयन किया गया। इन छात्रों को अगले दो महीनों तक स्टार्टअप से जुड़ी प्रशिक्षण और सहयोग दिया जाएगा, ताकि वे आत्मविश्वास के साथ अपने विचारों को आगे बढ़ा सकें।







