UP SIR Draft Voter List LIVE Update: उत्तर प्रदेश में चुनाव आयोग द्वारा विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के तहत ड्राफ्ट मतदाता सूची आज जारी कर दी गई है। इस सूची में लगभग 2.89 करोड़ मतदाता अनमैप्ड रह गए हैं, जिनका नाम अब तक मतदाता सूची में शामिल नहीं हुआ है। हालांकि, इस प्रक्रिया के बाद भी मतदाताओं को अपना नाम सूची में जोड़वाने का मौका मिलेगा। इसके लिए वे चुनाव आयोग द्वारा निर्धारित फॉर्म भरकर आवेदन कर सकते हैं। चुनाव आयोग द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, अंतिम मतदाता सूची 6 मार्च 2026 को प्रकाशित की जाएगी। इसके बाद कोई और संशोधन नहीं किए जाएंगे, इसलिए सभी मतदाताओं से आग्रह किया गया है कि वे ड्राफ्ट सूची में अपने नाम की जांच करें और यदि किसी प्रकार की त्रुटि या नाम छूटने का मामला हो, तो तत्काल आवेदन करें।
विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया
उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की शुरुआत 4 नवंबर 2025 को हुई थी। इस दौरान मतदाता सूची में सुधार के लिए कई कदम उठाए गए, जिसमें मृतक मतदाताओं के नाम हटाना, स्थानांतरित मतदाताओं का पंजीकरण और सूची में छूटे नामों को जोड़ना शामिल था। इस प्रक्रिया में राज्य के बड़े आकार और जनसंख्या के कारण समय-सीमा को बढ़ाना पड़ा। पहले गणना फॉर्म भरने की अंतिम तिथि 4 दिसंबर 2025 थी, जिसे बाद में 12 दिसंबर और फिर 26 दिसंबर 2025 तक बढ़ा दिया गया।
ड्राफ्ट सूची में काटे गए 2.89 करोड़ नाम
चुनाव आयोग के अनुसार, ड्राफ्ट मतदाता सूची में कुल 2.89 करोड़ मतदाता ऐसे हैं जिनका नाम सूची से बाहर हो गया है। इनमें कई कारण हो सकते हैं, जैसे मृतक मतदाता, स्थानांतरित वोटर, या एक से ज्यादा स्थानों पर नाम दर्ज होने जैसी समस्याएं। उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने बताया कि ड्राफ्ट सूची में शामिल किए गए नामों को लेकर दावे और आपत्तियां 6 जनवरी से 6 फरवरी 2026 तक दर्ज की जा सकेंगी। इसके बाद 6 जनवरी से 27 फरवरी 2026 तक उन दावों और आपत्तियों का निस्तारण किया जाएगा।
ड्राफ्ट सूची में नाम जुड़वाने के लिए प्रक्रिया
अगर किसी मतदाता का नाम ड्राफ्ट सूची में शामिल नहीं है या उनके नाम में कोई त्रुटि है, तो वे चुनाव आयोग की वेबसाइट या बीएलओ (बूथ लेवल ऑफिसर) के पास जाकर आवेदन कर सकते हैं। इसके लिए चुनाव आयोग द्वारा निर्धारित फॉर्म भरने होंगे। दावे और आपत्तियां दर्ज करने की अंतिम तिथि 6 फरवरी 2026 तक होगी, इसलिए मतदाताओं से अपील की गई है कि वे जल्द से जल्द अपने नाम की स्थिति की जांच करें और अगर जरूरत हो, तो समय सीमा के भीतर आवेदन करें।
मतदाता सूची में सुधार की स्थिति
उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि ड्राफ्ट सूची में शामिल होने वाले मतदाताओं की स्थिति को लेकर कई बदलाव किए गए हैं। उन्होंने कहा, “15 करोड़ से ज्यादा मतदाता थे जिनमें से अधिकांश ने खुद या परिवार के किसी सदस्य के जरिए फॉर्म को साइन करके वापस किया।” पुरानी मतदाता सूची का लगभग 81 प्रतिशत हिस्सा सही तरीके से संशोधित किया गया है, जबकि 18 प्रतिशत लोगों ने फॉर्म वापस नहीं किया।
इस प्रक्रिया में मृतक वोटरों की संख्या 46.23 लाख थी, वहीं स्थांतरित मतदाताओं की संख्या 2.17 करोड़ और एक से ज्यादा स्थानों पर नाम दर्ज होने वाले मतदाताओं की संख्या 25.47 लाख थी। ऐसे सभी नाम ड्राफ्ट सूची से हटा दिए गए हैं।
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