Bangladesh News: बांग्लादेश (Bangladesh) में अल्पसंख्यक हिंदू समुदाय के खिलाफ हिंसा की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। 18 दिनों के भीतर बांग्लादेश (Bangladesh) में हिंदू समुदाय से जुड़े छह लोगों की हत्या हो चुकी है, जो बांग्लादेश में धार्मिक असहमति और हिंसा के बढ़ते हुए मामलों का संकेत देती है।
बांग्लादेश (Bangladesh) के नरसिंदी जिले में एक हिंदू व्यापारी शरत चक्रवर्ती मणि की बेरहमी से हत्या कर दी गई। हमलावरों ने धारदार हथियारों से उनके शरीर पर कई वार किए, जिससे वह लहूलुहान हो गए। गंभीर हालत में उन्हें अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। यह घटना 5 जनवरी 2026 को घटित हुई और बांग्लादेश में हिंदू समुदाय के खिलाफ हो रही हिंसा का एक और दर्दनाक उदाहरण बन गई।
पिछले 18 दिनों में हुई 6 हत्याएं
बांग्लादेश (Bangladesh) में यह छठी हत्या थी, जो 18 दिनों में हिंदू समुदाय से जुड़ी हत्या के रूप में दर्ज हुई है। इससे पहले भी कई घटनाएं घटीं, जिनमें दीपू चंद्र दास, अमृत मंडल, बजेंद्र बिसवास, खोकन दास, और राणा प्रताप बैरागी की हत्याएं शामिल हैं। ये घटनाएं बांग्लादेश में हिंदू समुदाय के प्रति बढ़ती नफरत और हिंसा की ओर इशारा करती हैं।
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दीपू चंद्र दास की हत्या (18 दिसंबर 2025): ढाका में एक भीड़ ने दीपू चंद्र दास को बेरहमी से मार डाला और शव को पेड़ से लटका दिया।
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अमृत मंडल की हत्या (24 दिसंबर 2025): राजबाड़ी जिले के होसेनडांगा गांव में अमृत मंडल को भीड़ ने पीट-पीटकर मार डाला।
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बजेंद्र बिसवास की हत्या (29 दिसंबर 2025): मयमनसिंह जिले में एक हिंदू कर्मचारी को गोली मारकर हत्या कर दी गई।
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खोकन दास की हत्या (31 दिसंबर 2025): एक हिंदू व्यापारी को पेट्रोल छिड़ककर जलाने की कोशिश की गई, बाद में अस्पताल में इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई।
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राणा प्रताप बैरागी की हत्या (5 जनवरी 2026): जेस्सोर में एक बर्फ फैक्ट्री के मालिक और पत्रकार राणा प्रताप बैरागी को गोली मारकर हत्या कर दी गई।
सोशल मीडिया पर हिंसा के वीडियो
इन घटनाओं के बाद सोशल मीडिया पर वीडियो सामने आए हैं, जिसमें इन हमलों की भयावहता को दिखाया गया है। वीडियो में भीड़ द्वारा की गई हिंसा और हमलों के दृश्य रूह कंपाने वाले थे। इन घटनाओं ने हिंदू समुदाय के लिए चिंता को बढ़ा दिया है, लेकिन सरकार की ओर से इस पर कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं।
सरकार का जवाब और समुदाय की सुरक्षा
हिंदू समुदाय पर हो रही लगातार हिंसा ने बांग्लादेश (Bangladesh) सरकार पर सवाल उठाए हैं। हालांकि सरकार की ओर से इस मुद्दे पर कोई ठोस कार्रवाई या बयान नहीं आया है। यह घटनाएं यह दर्शाती हैं कि हिंदू समुदाय की सुरक्षा एक बड़ा सवाल बन गया है, और अंतरराष्ट्रीय समुदाय को इस पर गंभीरता से विचार करना चाहिए।
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