प्रदेश के विधान सभा अध्यक्ष सतीश महाना और कानपुर मंडल प्रभारी कैबिनेट मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने कानपुर नगर के मोतीझील लॉन में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के मेले का शुभारम्भ किया। इस मेले में स्वयं सहायता समूहों के उत्पादों के विपणन और बिक्री हेतु आयोजित सरस आजीविका मेला 2026 शुरू किया गया है। यह मेला 4 जनवरी से 6 जनवरी तक चलेगा। मेले में सौंदर्य एवं सुगंध उत्पाद, पारंपरिक परिधान, वस्त्र संग्रह, ग्रामीण घरेलू उपयोग के उत्पाद है। हस्तकला, लेदर, जैविक पौध एवं कृषि उत्पाद, हवन पूजा, सरस स्वाद और स्वास्थ्य से जुड़े स्वयं सहायता समूहों द्वारा स्टॉल लगाए गए हैं। यह मेला ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और उनके उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हो रहा है।
तीन दिवसीय सरस आजीविका मेले का शुभारंभ रविवार को मोतीझील स्थित लॉन नंबर-दो में हुआ। मेले के पहले ही दिन लोगों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी और खासतौर पर मिलेट्स (मोटे अनाज) व खजूर से बनी शुगर फ्री गजक, देसी लड्डू, चॉकलेट बर्फी और पट्टी ने खूब सुर्खियां बटोरीं। स्वास्थ्य के प्रति बढ़ती जागरूकता के चलते शुगर फ्री और मिलेट्स आधारित उत्पाद लोगों की पहली पसंद बने।
हाथ से बने देसी उत्पाद बने आकर्षण का केंद्र
मेले में कानपुर मंडल के 60 से अधिक स्वयं सहायता समूहों ने अपने-अपने स्टॉल लगाए हैं। यहां 10 रुपये से लेकर 450 रुपये तक की कीमत में भगवान के कपड़े, टोपी, स्वेटर, कंबल, गद्दे, हाथ से बनी शर्ट, साड़ी, शॉल, गोबर से बने उत्पाद, मिट्टी की कलाकृतियां और इत्र उपलब्ध हैं।
गाजियाबाद के स्वयं सहायता समूह द्वारा तैयार की गई निंबू मसाला चाय, कन्नौज के पारंपरिक इत्र, और भगवान के वस्त्र व टोपी लोगों के लिए विशेष आकर्षण रहे। ड्राई फ्रूट और खजूर से बनी मिठाइयों के स्टॉल पर दिनभर ग्राहकों की भीड़ लगी रही।
जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने की खरीदारी
मेले में पहुंचे जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों ने स्वयं सहायता समूहों के उत्पादों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से जमकर खरीदारी की। विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने गाजियाबाद के समूह गंगा की निंबू मसाला चाय पी और मंच से उसकी तारीफ की। समूह की सदस्य प्रिया गुप्ता ने उन्हें चाय परोसी।
बाबा गौरी शंकर स्वयं सहायता समूह द्वारा पानी, फूल और भाप से तैयार किए गए नेचुरल गुलाब जल और परफ्यूम के स्टॉल पर भी दिनभर भीड़ जुटी रही। सांसदों, विधायकों से लेकर कर्मचारियों तक ने यहां खरीदारी की।
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युवाओं की सहभागिता और रचनात्मक पहल
मेले में युवाओं की सहभागिता भी देखने को मिली। विश्वविद्यालय के छात्र रवि प्रताप सिंह ने विधानसभा अध्यक्ष और प्रभारी मंत्री का स्केच बनाकर उन्हें भेंट किया। वहीं महाराणा प्रताप इंजीनियरिंग कॉलेज के छात्रों ने सभी स्टॉलों पर जाकर स्वयं सहायता समूहों के प्रतिनिधियों को मार्केटिंग और ब्रांडिंग के टिप्स दिए, जिससे उत्पादों की बिक्री और पहचान बढ़ सके।
उत्कृष्ट कार्य करने वाले समूहों को सम्मान
मेले के दौरान उत्कृष्ट कार्य करने वाले स्वयं सहायता समूहों को सम्मानित भी किया गया। इनमें
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उज्जवला महिला स्वयं सहायता समूह (जमदानी साड़ी व सूट) की सीमा देवी,
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मां दुर्गा महिला स्वयं सहायता समूह (मसाला उत्पाद) की ऋतु,
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आत्मनिर्भर स्वयं सहायता समूह (मिलेट्स उत्पाद) की संगीता सिंह,
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किरण स्वयं सहायता समूह, इटावा (बुटीक व गारमेंट) की आकांक्षा रजिया,
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मानसी स्वयं सहायता समूह, कानपुर देहात (घरेलू सजावटी हस्तशिल्प) की मीरा देवी शामिल रहीं।
इसके अलावा आंवला उत्पादों से जुड़ी मेनका, फिनायल व हैंडवाश बनाने वाली मंजू और साड़ी-सूट निर्माण से जुड़ी अल्का पाल को भी सम्मानित किया गया।
मेहनत और स्वदेशी का संदेश
उद्घाटन अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने कहा कि मेहनत से किए गए कार्य की पहचान अलग होती है और यह मेला उसका सजीव उदाहरण है। वहीं प्रभारी मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने कहा कि यह मेला विकसित भारत और आत्मनिर्भर भारत के सपने को साकार कर रहा है। स्वदेशी अपनाने से ही अंतिम पायदान पर खड़े लोगों को लाभ मिलेगा।
इनकी रही मौजूदगी
कार्यक्रम में सांसद रमेश अवस्थी, महापौर प्रमिला पांडेय, जिला पंचायत अध्यक्ष स्वप्निल वरुण, विधायक नीलिमा कटियार, सुरेंद्र मैथानी, सरोज कुरील, मोहित सोनकर, एमएलसी सलिल विश्नोई, क्षेत्रीय अध्यक्ष प्रकाश पाल, डीएम जितेंद्र प्रताप सिंह, सीडीओ दीक्षा जैन, एडीएम सिटी डॉ. राजेश कुमार, पीडी डीआरडीए आलोक सिंह सहित अनेक गणमान्य लोग मौजूद रहे।







