देहरादून, उत्तराखंड: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को देहरादून के अरहट बाज़ार स्थित गुरुद्वारा ‘श्री गुरु सिंह सभा’ में वीर बाल दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रम में हिस्सा लिया। इस मौके पर उन्होंने राज्य की शांति, समृद्धि और खुशहाली के लिए अरदास में शामिल होकर प्रदेशवासियों के कल्याण की कामना की। कार्यक्रम के बाद उन्होंने नैनीताल ज़िले के मुख्यालय मल्लीताल में स्थित गुरुद्वारे का भी दौरा किया और संगत के साथ लंगर सेवा में शामिल हुए।
गुरुद्वारों में अरदास और मत्था टेककर प्रदेश की खुशहाली की प्रार्थना
मुख्यमंत्री धामी ने कार्यक्रम के दौरान गुरुद्वारे में मत्था टेका, लंगर में सहभागिता की और पवित्र अरदास से जुड़ते हुए कहा कि गुरु घर की यह पवित्र परंपरा समाज को एकता, सेवा और विनम्रता का संदेश देती है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड सरकार हमेशा राज्य में धार्मिक, सामाजिक और सांस्कृतिक मूल्यों को संरक्षित रखने के लिए प्रतिबद्ध है।
उन्होंने यह भी कहा कि वीर बाल दिवस केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि भावी पीढ़ियों को अपने इतिहास, संस्कृति और त्याग की परंपरा को जानने और समझने का अवसर है।
साहिबजादों के बलिदान को बताया वीरता और आस्था की मिसाल
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री धामी ने दसवें सिख गुरु श्री गुरु गोबिंद सिंह जी और उनके चार साहिबजादों — बाबा अजीत सिंह, बाबा जुझार सिंह, बाबा ज़ोरावर सिंह और बाबा फतेह सिंह — को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि साहिबजादों ने धर्म और राष्ट्र के सम्मान के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया और जबरन धर्म परिवर्तन स्वीकार करने की बजाय मृत्यु को वरण किया।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि यह बलिदान विश्व इतिहास में अद्वितीय है और आने वाली पीढ़ियाँ इससे प्रेरणा लेती रहेंगी। उन्होंने कहा कि वीरता, साहस और अपनी आस्था के प्रति समर्पण की यह मिसाल हर भारतीय को सीख देती है कि राष्ट्र और विश्वास की रक्षा हेतु उम्र कोई बाधा नहीं होती।
“प्रधानमंत्री मोदी ने पहली बार साहिबजादों को ऐतिहासिक सम्मान दिलाया”
ANI से बातचीत में मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पहली बार साहिबजादों को वह सम्मान मिला है जिसके वे हकदार थे। उन्होंने कहा कि 26 दिसंबर को वीर बाल दिवस घोषित किया जाना सिख इतिहास और भारतीय संस्कृति के प्रति सम्मान का प्रतीक है।
उन्होंने कहा कि देश अपने गौरवशाली इतिहास, परंपराओं और शहीदों के बलिदान को सुरक्षित रखने की दिशा में आगे बढ़ रहा है, और यही प्रेरणा नई पीढ़ी को राष्ट्र निर्माण में सक्रिय योगदान के लिए प्रेरित करेगी।
नैनीताल में सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा, पर्यटकों के लिए निर्देश जारी
वीर बाल दिवस कार्यक्रम के बाद मुख्यमंत्री धामी नैनीताल पहुंचे, जहां उन्होंने एसएसपी मंजूनाथ टीसी के साथ सुबह की सैर के दौरान नए साल के जश्न की तैयारियों का जायजा लिया। उन्होंने पर्यटन सीजन और सर्दियों की तीर्थयात्रा को देखते हुए सुरक्षा, ट्रैफिक प्रबंधन और आवश्यक व्यवस्थाओं को सुदृढ़ करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड में बड़ी संख्या में पर्यटकों का आगमन हो रहा है, इसलिए प्रशासन को यह सुनिश्चित करना होगा कि यात्रा, सुरक्षा और यातायात प्रबंधन में किसी भी प्रकार की अव्यवस्था न हो।







