बांके बिहारी मंदिर में बढ़ता विवाद
भारत के प्रमुख धार्मिक स्थलों में से एक, बांके बिहारी मंदिर, जो वृंदावन में स्थित है, एक बार फिर विवादों में घिर गया है। इस बार मंदिर के प्रबंधन को लेकर गोस्वामी परिवार की महिलाओं ने जमकर विरोध किया है। मंगलवार को मंदिर के गेट नंबर 1 पर एकत्रित होकर इन महिलाओं ने नारेबाजी की और भगवान के भजन गाए, ताकि अपनी बात को मजबूती से रखा जा सके। उनका कहना है कि मंदिर के प्रबंधन के लिए बनी हाई पावर मैनेजमेंट कमेटी न केवल मंदिर की पुरानी परंपराओं को खत्म कर रही है, बल्कि वीआईपी कल्चर को बढ़ावा भी दे रही है।
परंपराओं का उल्लंघन
बांके बिहारी मंदिर के सेवायत गोस्वामी परिवार के अनुसार, सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित हाई पावर मैनेजमेंट कमेटी की उम्मीदें पूरी नहीं हुईं। रेनू गोस्वामी, जो इस प्रदर्शन में शामिल थीं, बताया कि इस कमेटी का उद्देश्य मंदिर की व्यवस्था में सुधार लाना था, लेकिन इसका उल्टा असर हुआ है। गोस्वामी का कहना है कि कमेटी न तो श्रद्धालुओं के लिए बेहतर सुविधाएं प्रदान कर पाई और न ही भीड़ प्रबंधन को सही तरीके से लागू कर पाई। महिलाओं का यह भी आरोप है कि मंदिर में स्वच्छता पर भी कोई ध्यान नहीं दिया गया।

दान का गलत उपयोग और वीआईपी दर्शन
नीलम गोस्वामी, एक अन्य प्रदर्शनकारी ने कहा कि मंदिर की पुरानी परंपराओं को खत्म किया जा रहा है। उनका मानना है कि दान के पैसे का इस्तेमाल भगवान के भोग के लिए होना चाहिए, न कि कमेटी के अधिकारियों की सैलरी के लिए। साथ ही, एक और गंभीर आरोप ये था कि कमेटी ने आम श्रद्धालुओं के लिए दर्शन को कठिन बना दिया है, जबकि वीआईपी कटघरे में विशेष लोगों को दर्शन कराने का काम किया जा रहा है। समाज की महिलाएं जगमोहन में खड़े होकर दर्शन कर लेती थीं। कमेटी ने उस पर भी पाबंदी लगा दी। समीप से दर्शन का अधिकार छीन लिया।

गोस्वामी परिवार का पत्र, 5 नंबर गेट को बंद करने की मांग
बांके बिहारी मंदिर के सेवायत कन्हैया, गोपेश और घनश्याम गोस्वामी ने भी कमेटी को पत्र भेजकर अपनी शिकायतें जाहिर की हैं। उन्होंने कहा कि वीआईपी कटघरे से सेवायतों के यजमान दर्शन नहीं कर सकते, जबकि कुछ पुलिसकर्मी और बाहरी लोग पैसे लेकर इस गैलरी से दर्शन करवा रहे हैं। गोस्वामी परिवार ने यह भी कहा कि इस गैलरी में केवल उन्हीं को दर्शन दिया जाए, जो वीआईपी श्रेणी में आते हैं। बांके बिहारी मंदिर के गोस्वामी परिवार ने कमेटी से यह भी अनुरोध किया कि मंदिर का गेट नंबर 5 बंद कर दिया जाए। उनका कहना है कि यह गेट हमेशा विवादों का कारण बनता है और यहां अव्यवस्था रहती है। गेट से अनधिकृत व्यक्तियों को प्रवेश दिया जाता है, जिससे मंदिर की व्यवस्था में और अधिक खलल पड़ता है।

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