अटल बिहारी वाजपेयी की जन्म शताब्दी पर प्रदर्शनी का उद्घाटन
भारत रत्न और पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की जन्म शताब्दी के अवसर पर प्रयागराज में एक शानदार अभिलेख प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। यह प्रदर्शनी संस्कृति विभाग, प्रयागराज द्वारा आयोजित की गई थी और इसका उद्घाटन मुख्य अतिथि फूलपुर के सांसद प्रवीण पटेल ने किया। इस मौके पर प्रदर्शनी में पूर्व प्रधानमंत्री के जीवन से जुड़ी कई महत्वपूर्ण तस्वीरें और काव्य रचनाओं को प्रदर्शित किया गया।
प्रदर्शनी का उद्देश्य और विशेषताएँ
प्रदर्शनी में अटल बिहारी वाजपेयी से संबंधित कई चित्र, कविताएं और समाचार पत्रों की कटिंग्स को दर्शाया गया। इसमें विशेष रूप से उन क्षणों को शामिल किया गया, जो वाजपेयी जी के जीवन के अहम मोड़ थे, जैसे कि परमाणु परीक्षण, संयुक्त राष्ट्र में दिए गए भाषण, और उनके साथ विभिन्न राजनयिकों और परिवारजनों के चित्र। इसके अलावा, वाजपेयी जी की कविताओं का भी संग्रह प्रदर्शित किया गया, जिनमें ‘15 अगस्त की पुकार‘, ‘आओ मन की गांठे खोलें‘, और ‘अटल सत्य‘ जैसी प्रसिद्ध कविताएँ शामिल थीं।

सांसद प्रवीण पटेल ने प्रदर्शनी का अवलोकन किया
प्रदर्शनी का उद्घाटन करने के बाद सांसद प्रवीण पटेल ने मौके पर उपस्थित लोगों से कहा कि यह प्रदर्शनी न केवल अटल जी के योगदान को याद करने का एक अवसर है, बल्कि यह युवाओं को उनके जीवन और काव्य रचनाओं से प्रेरणा लेने के लिए भी प्रेरित करती है। सांसद पटेल ने संस्कृति विभाग द्वारा आयोजित इस प्रदर्शनी की सराहना की और इसे एक महत्वपूर्ण कदम बताया, जिससे आने वाली पीढ़ी को अटल जी के कार्यों और दृष्टिकोण को जानने का मौका मिलेगा।

अटल बिहारी वाजपेयी के साथ जुड़ी यादें
प्रदर्शनी में अटल बिहारी वाजपेयी के साथ जुड़ी यादें और महत्वपूर्ण चित्रों का संग्रह था। इन चित्रों में उनकी राजनीति से लेकर साहित्यिक यात्रा तक के महत्वपूर्ण क्षणों को देखा जा सकता था। परमाणु परीक्षण, शपथ ग्रहण और उनके साथ वैज्ञानिक एपीजे अब्दुल कलाम की तस्वीरें इस प्रदर्शनी के प्रमुख आकर्षण थीं। इसके साथ ही अटल जी की कविताओं को भी इस प्रदर्शनी में प्रमुखता से रखा गया, जिनसे उनके साहित्यिक योगदान को भी दर्शाया गया।

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आयोजन में उपस्थित अन्य प्रमुख लोग
इस कार्यक्रम में कई महत्वपूर्ण व्यक्तित्व मौजूद थे, जिनमें प्रयागराज के जिलाधिकारी, मुख्य विकास अधिकारी, संयुक्त निदेशक शिक्षा विभाग, और जिला विद्यालय निरीक्षक शामिल थे। इसके अलावा, जीआईसी के छात्रों और शिक्षकों ने भी इस प्रदर्शनी का अवलोकन किया। प्रदर्शनी में संस्कृति विभाग के कलाकारों जैसे यज्ञ नारायण पटेल, रोशन लाल, और शुभम कुमार का भी योगदान रहा।
समारोह का संयोजन
इस पूरे कार्यक्रम का संयोजन राकेश कुमार वर्मा (प्राविधिक सहायक, इतिहास) द्वारा किया गया। इस प्रदर्शनी को सफलतापूर्वक आयोजित किया गया, जिससे अटल बिहारी वाजपेयी के योगदान को फिर से याद किया गया। अटल बिहारी वाजपेयी की जन्म शताब्दी समारोह का यह आयोजन न केवल उनके योगदान को याद करने का एक अवसर था, बल्कि यह भी एक संकेत था कि हम भविष्य में भी उनके आदर्शों पर चलते हुए समाज के लिए बेहतर काम कर सकते हैं। इस तरह की प्रदर्शनी हमें अटल जी की विचारधारा और उनके दृष्टिकोण को समझने का एक महत्वपूर्ण माध्यम प्रदान करती है।







