नववर्ष से पहले काशी विश्वनाथ मंदिर में बढ़ी श्रद्धालुओं की भीड़, प्रोटोकॉल दर्शन पर रोक
वाराणसी: साल के आखिरी महीनों और नववर्ष के पहले दिन काशी विश्वनाथ मंदिर में भक्तों की भारी भीड़ देखने को मिल रही है। शीतकालीन छुट्टियों के साथ-साथ भक्तों का उत्साह भी बढ़ गया है, जिसके चलते मंदिर प्रशासन को सुरक्षा के मद्देनजर कई महत्वपूर्ण कदम उठाने पड़े हैं। इस बीच, प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए मंदिर में स्पर्श दर्शन पर रोक लगा दी है।
अचानक धाम में बढ़ी श्रद्धालुओं की संख्या
विश्व प्रसिद्ध श्री काशी विश्वनाथ धाम में आम दिनों के मुकाबले आजकल दर्शनार्थियों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि देखी जा रही है। नए साल के आगमन से पहले ही भक्तों का तांता बढ़ गया है, जो बाबा विश्वनाथ के दर्शन के लिए वाराणसी पहुंच रहे हैं। देश के विभिन्न हिस्सों से श्रद्धालु काशी की पावन धरती पर आकर बाबा के दर्शन कर रहे हैं। धार्मिक पर्यटन के बढ़ते आकर्षण के कारण काशी और अन्य प्रमुख तीर्थ स्थलों पर भी भक्तों की भारी भीड़ देखी जा रही है।

स्पर्श दर्शन पर रोक, झांकी दर्शन की व्यवस्था
काशी विश्वनाथ मंदिर में बढ़ती हुई श्रद्धालुओं की संख्या को देखते हुए प्रशासन ने 25 दिसंबर से स्पर्श दर्शन पर अस्थायी रोक लगा दी है। अब भक्तों को बाबा विश्वनाथ के दर्शन केवल झांकी दर्शन के रूप में ही होंगे। भक्तों को सुरक्षा कारणों से मंदिर के भीतर जाने की अनुमति नहीं होगी, और वे बैरिकेड्स के माध्यम से दूर से ही दर्शन करेंगे। यह कदम भक्तों की सुरक्षा और आरामदायक दर्शन सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है।

वीआईपी दर्शन भी बंद, सुरक्षा के सख्त इंतजाम
काशी विश्वनाथ मंदिर प्रशासन ने साफ किया है कि इस वक्त वीआईपी दर्शन भी बंद कर दिए गए हैं। मंदिर में सुरक्षा को लेकर कई चेकिंग पाइंट्स बनाए गए हैं। श्रद्धालुओं की संख्या को देखते हुए मंदिर और प्रशासन की ओर से सुरक्षा के सख्त इंतजाम किए गए हैं। 6 लाख तक श्रद्धालुओं के आने की संभावना है, जिससे प्रशासन को श्रद्धालुओं की सुरक्षा और व्यवस्थाओं के लिए विशेष ध्यान देना पड़ रहा है।
मंदिर में सुरक्षा और सुविधाओं को लेकर प्रशासन ने अपील की है कि भक्त धक्का-मुक्की से बचें और शांतिपूर्वक दर्शन करें। इस व्यवस्था को 3 जनवरी तक लागू किया जाएगा, इसके बाद फिर से सामान्य दर्शन की प्रक्रिया शुरू होगी।
यह भी पढ़ें : लखनऊ: विकसित भारत–जी राम जी बिल से 125 दिन रोजगार और ग्रामीण विकास को बढ़ावा, राजनाथ सिंह का बड़ा बयान
नंदू फारिया गेट पर बनेगा नया चेकिंग पॉइंट
श्री काशी विश्वनाथ मंदिर के नंदू फारिया मार्ग स्थित गेट पर एक नया परमानेंट चेकिंग पॉइंट बनाने की योजना की गई है। मंदिर प्रशासन ने श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या और सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए इस चेकिंग पॉइंट का निर्माण करवा रहा है। इसके अलावा, फुटफॉल काउंटर भी स्थापित किया जाएगा, जो मंदिर में आने-जाने वाले श्रद्धालुओं की संख्या का हिसाब रखेगा। सुरक्षा व्यवस्था को और भी मजबूत करने के लिए इस गेट पर एक लगेज चेकिंग मशीन भी लगाई जाएगी, जिससे श्रद्धालुओं के सामान की पूरी तरह से जांच की जा सके। इसके साथ ही, जो सुरक्षा कर्मी खुले में ड्यूटी करते हैं, उन्हें भी इस नए चेकिंग पॉइंट से सुविधा मिलेगी
काशी का धार्मिक महत्व
काशी विश्वनाथ मंदिर का स्थान सनातन धर्म में अत्यंत पावन और विशेष महत्व रखता है। यह स्थान भगवान शिव के ज्योतिर्लिंग के रूप में प्रसिद्ध है, जहां स्वयं महादेव विश्वनाथ रूप में विराजमान हैं। शास्त्रों के अनुसार, काशी में जीवन का अंत होने पर व्यक्ति को मोक्ष की प्राप्ति होती है। स्कंद पुराण में वर्णित है कि काशी में किया गया शिव पूजन सहस्र यज्ञों के समान फल देता है।
नववर्ष का उत्साह
नववर्ष के इस मौके पर श्रद्धालु दूर-दूर से काशी विश्वनाथ के दर्शन के लिए पहुंचे हैं। ऐसे में प्रशासन ने सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह कदम उठाया है। प्रशासन की ओर से यह भी अपील की गई है कि भक्तों को पूरी सहयोग और धैर्य के साथ दर्शन करना चाहिए, ताकि मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की कोई परेशानी न हो।
काशी विश्वनाथ मंदिर के दर्शन के नियमों में बदलाव से श्रद्धालुओं को थोड़ा असुविधा हो सकती है, लेकिन यह निर्णय उनके सुरक्षा और आराम के मद्देनजर लिया गया है। प्रशासन का उद्देश्य भक्तों को बिना किसी परेशानी के बाबा विश्वनाथ के दर्शन कराना है, ताकि साल के इस विशेष मौके पर धार्मिक यात्रा और ज्यादा यादगार बन सके।








