भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने महिला क्रिकेट को मजबूती देने की दिशा में एक बड़ा और ऐतिहासिक कदम उठाया है। घरेलू क्रिकेट में खेलने वाली महिला खिलाड़ियों की आर्थिक स्थिति को बेहतर बनाने के उद्देश्य से बोर्ड ने उनकी मैच फीस में उल्लेखनीय बढ़ोतरी को मंजूरी दे दी है। इस फैसले के बाद महिला क्रिकेटरों को मिलने वाली प्रति मैच या प्रति दिन सैलरी लगभग दोगुनी से भी ज्यादा हो गई है, जिसे महिला खेलों के विकास की दिशा में एक अहम पहल माना जा रहा है।
BCCI एपेक्स काउंसिल ने दी फीस बढ़ोतरी को मंजूरी
BCCI की एपेक्स काउंसिल ने 22 दिसंबर को हुई ऑनलाइन बैठक में महिला घरेलू मैचों के लिए प्रस्तावित नए फीस स्ट्रक्चर को स्वीकृति दी। हालांकि बोर्ड की ओर से अभी तक कोई औपचारिक प्रेस विज्ञप्ति जारी नहीं की गई है, लेकिन यह फैसला पूरी तरह से मंजूरी पा चुका है और जल्द ही इसे लागू किया जाएगा।
सीनियर महिला खिलाड़ियों की मैच फीस में बड़ा उछाल
अब तक घरेलू क्रिकेट में महिला खिलाड़ियों को प्रति दिन या प्रति मैच लगभग 20,000 रुपये की फीस मिलती थी। नए स्ट्रक्चर के तहत सीनियर महिला खिलाड़ियों के लिए यह राशि बढ़ाकर 50,000 रुपये प्रति दिन कर दी गई है। यह बढ़ोतरी न केवल आर्थिक रूप से महत्वपूर्ण है, बल्कि इससे महिला खिलाड़ियों के मनोबल और पेशेवर दृष्टिकोण को भी मजबूती मिलेगी।
नए प्रस्ताव के अनुसार, सीनियर महिला टूर्नामेंट जैसे 50 ओवर और मल्टी-डे मैचों में प्लेइंग इलेवन का हिस्सा बनने वाली खिलाड़ियों को अब 50,000 रुपये प्रति दिन मिलेंगे, जबकि रिजर्व खिलाड़ियों को 25,000 रुपये प्रति दिन की फीस दी जाएगी। यह पहले के 20,000 रुपये प्रतिदिन के ढांचे की तुलना में एक बड़ी छलांग है।
महिला टी20 टूर्नामेंट में भी बढ़ी कमाई
वहीं, राष्ट्रीय स्तर के महिला टी20 टूर्नामेंट में भी फीस बढ़ाई गई है। अब प्लेइंग इलेवन में शामिल खिलाड़ियों को प्रति मैच दिन 25,000 रुपये और रिजर्व खिलाड़ियों को 12,500 रुपये मिलेंगे। रिपोर्ट के अनुसार, यदि कोई सीनियर महिला क्रिकेटर पूरे घरेलू सीजन में सभी फॉर्मेट खेलती है, तो वह सालाना लगभग 12 लाख से 14 लाख रुपये तक की कमाई कर सकती है, जो पहले की तुलना में काफी बेहतर है।
जूनियर महिला क्रिकेटरों को भी मिलेगा फायदा
इस फैसले का लाभ केवल सीनियर महिला खिलाड़ियों तक ही सीमित नहीं है। BCCI ने जूनियर महिला क्रिकेटरों की फीस में भी इजाफा किया है। अंडर-23 और अंडर-19 वर्ग की महिला खिलाड़ियों को अब प्लेइंग खिलाड़ी के तौर पर 25,000 रुपये प्रति दिन और रिजर्व खिलाड़ी के तौर पर 12,500 रुपये प्रति दिन मिलेंगे। इससे युवा खिलाड़ियों को भी क्रिकेट को करियर के रूप में अपनाने के लिए प्रोत्साहन मिलेगा।
महिला क्रिकेट को बड़ी सौगात 🏏✨
बीसीसीआई का ऐतिहासिक फैसला — घरेलू महिला खिलाड़ियों और मैच अधिकारियों की मैच फीस में बड़ी बढ़ोतरी।👏#BCCI के इस कदम से महिला क्रिकेटरों को बेहतर आर्थिक सुरक्षा और प्रोत्साहन मिलेगा, जिससे घरेलू क्रिकेट और सशक्त होगा। 💪 🔥#WomensCricket… pic.twitter.com/pQR2K8mEhD
— Doordarshan Sports (@ddsportschannel) December 23, 2025
मैच अधिकारियों की कमाई में भी इजाफा
इसके अलावा, इस फैसले से मैच अधिकारियों जैसे अंपायर और मैच रेफरी को भी सीधा फायदा होगा। घरेलू लीग मैचों में अंपायरों को अब 40,000 रुपये प्रति दिन मिलेंगे, जबकि नॉकआउट मुकाबलों में उनकी फीस मैच की अहमियत के अनुसार 50,000 से 60,000 रुपये प्रति दिन तक हो सकती है। इसके चलते रणजी ट्रॉफी जैसे बड़े घरेलू टूर्नामेंटों में अंपायरों की कुल कमाई प्रति मैच 1.60 लाख रुपये तक पहुंच सकती है, जबकि नॉकआउट मुकाबलों में यह 2.5 से 3 लाख रुपये तक हो सकती है।
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