UP: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राजस्व लेखपाल भर्ती में आरक्षण संबंधी विसंगतियों का संज्ञान लेते हुए राजस्व परिषद को कड़ी चेतावनी दी है। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि आरक्षण प्रावधानों में किसी भी प्रकार की त्रुटि या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इसके बाद राजस्व परिषद अब श्रेणीवार रिक्तियों की दोबारा समीक्षा कर संशोधित अधियाचन तैयार कर रहा है, जिसे एक सप्ताह में UPSSSC को भेजा जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकारी भर्तियों में आरक्षण का पालन अनिवार्य है और इस मामले में किसी प्रकार की विसंगति पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी। 16 दिसंबर 2025 को जारी विज्ञापन के बाद यह तथ्य सामने आया कि श्रेणीवार आंकड़ों में विसंगतियाँ थीं। अब यह प्रक्रिया पारदर्शी और नियमसम्मत तरीके से पूरी की जाएगी।
मुख्यमंत्री के हस्तक्षेप के बाद, राजस्व परिषद ने श्रेणीवार रिक्तियों के आंकड़ों की पुनः समीक्षा शुरू कर दी है। यह प्रक्रिया एक सप्ताह के भीतर पूरी होने की संभावना है, जिसके बाद संशोधित अधियाचन को उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) को भेजा जाएगा। इस कदम का उद्देश्य भर्ती प्रक्रिया को पूरी तरह से नियम सम्मत और आरक्षण प्रावधानों का शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित करना है।
राजस्व लेखपाल भर्ती में विसंगतियों का पर्दाफाश
16 दिसंबर 2025 को जारी किए गए विज्ञापन के बाद, यह तथ्य सामने आया कि विभिन्न जनपदों से भेजे गए आंकड़ों में आरक्षण संबंधी विसंगतियां थीं। इन विसंगतियों को दूर करने के लिए राजस्व परिषद ने आंकड़ों की पुनः समीक्षा शुरू कर दी है, ताकि भर्ती प्रक्रिया पारदर्शी और विवाद-मुक्त हो।
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मुख्यमंत्री का कड़ा संदेश
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी विभागों को दो टूक संदेश देते हुए कहा कि सरकारी भर्तियों में आरक्षण व्यवस्था का अक्षरशः पालन अनिवार्य है। उन्होंने यह भी कहा कि आरक्षण संबंधी किसी भी विसंगति को स्वीकार नहीं किया जाएगा और ऐसी त्रुटियों के लिए जिम्मेदार अधिकारियों को जवाबदेह ठहराया जाएगा। बता दें कि राजस्व लेखपाल के 7,994 पदों के लिए 16 दिसंबर 2025 को जारी विज्ञापन के बाद यह तथ्य सामने आया कि जनपदों से भेजे गए श्रेणीवार आंकड़ों में स्पष्ट विसंगतियाँ थीं। मुख्यमंत्री द्वारा संज्ञान लिए जाने के बाद अब राजस्व परिषद श्रेणीवार कार्यरत एवं रिक्त पदों की गणना को पुनः सत्यापित कर रहा है, ताकि संशोधित अधियाचन पूरी तरह त्रुटिरहित स्वरूप में आयोग को भेजा जा सके।
राजस्व परिषद की तैयारियां
राजस्व परिषद की सचिव कंचन वर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री के हस्तक्षेप के बाद परिषद ने प्राथमिकता से आंकड़ों की समीक्षा शुरू कर दी है। वे आश्वस्त हैं कि संशोधित अधियाचन आयोग को भेजे जाने के बाद लेखपाल भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह से पारदर्शी, विवाद-मुक्त और आरक्षण प्रावधानों के पूर्ण अनुपालन के साथ आगे बढ़ेगी। उत्तर प्रदेश सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि आरक्षण व्यवस्था में किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ को स्वीकार नहीं किया जाएगा। यह हस्तक्षेप न केवल वर्तमान भर्ती प्रक्रिया को सुधारने वाला कदम है, बल्कि भविष्य की सभी भर्तियों के लिए भी एक कड़ा संदेश है कि आरक्षण प्रावधानों का पालन पूरी सख्ती से किया जाएगा।
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