Delhi में बढ़ते प्रदूषण पर सरकार सख्त, ‘No PUC, No Fuel’ नियम लागू !

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Delhi : दिल्ली की हवा अब सिर्फ खराब नहीं… बल्कि सेहत के लिए सीधा खतरा बन चुकी है… स्मॉग की चादर, जलती आंखें और घुटती सांसें… इन्हीं हालातों के बीच गुरुवार से राजधानी में दिल्ली सरकार ने सख्त कदम उठाते हुए ज़िंदगी का तरीका बदलने वाले सख्त नियम लागू कर दिए हैं… दरअसल, राजधानी में GRAP का चौथा चरण लागू हो चुका है... जहां, पुरानी गाड़ियों पर रोक से लेकर बिना PUC नो fuel और ऑफिसों में work from home तक हर चीज़ पर सख्ती है…

Delhi-NCR में लगातार बढ़ते वायु प्रदूषण ने एक बार फिर गंभीर स्थिति पैदा कर दी है। खराब एयर क्वालिटी (Air Quality) के चलते स्वास्थ्य जोखिम बढ़ने के साथ-साथ सामान्य जनजीवन भी प्रभावित हो रहा है। मौजूदा हालात को देखते हुए दिल्ली सरकार (Delhi Government) ने प्रदूषण नियंत्रण के लिए कई सख्त और अहम कदम उठाए हैं। इन उपायों का सीधा असर दफ्तर जाने वाले कर्मचारियों, वाहन चालकों और आम नागरिकों पर पड़ेगा। सरकार का उद्देश्य प्रदूषण के स्तर को कम करना और लोगों को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना है।

Delhi सरकार ने स्पष्ट किया है कि आज यानी 18 दिसंबर, बृहस्पतिवार से बिना वैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र (PUC) वाली गाड़ियों को पेट्रोल पंपों पर ईंधन नहीं दिया जाएगा। यह नियम दिल्ली में पंजीकृत सभी वाहनों पर लागू होगा। इसके साथ ही दिल्ली के बाहर पंजीकृत गैर-बीएस-6 वाहनों के राजधानी में प्रवेश पर पूरी तरह रोक रहेगी। इस नियम का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने के लिए दिल्ली की सीमाओं पर विशेष टीमें तैनात की जाएंगी।

प्रदूषण की गंभीरता को देखते हुए सरकार ने सभी सरकारी और निजी कार्यालयों को निर्देश दिया है कि वे 50 प्रतिशत कर्मचारियों को work from home की सुविधा दें। इससे सड़कों पर वाहनों की संख्या कम होगी और प्रदूषण पर नियंत्रण में मदद मिलेगी। ये प्रतिबंध कमीशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट (CAQM) द्वारा NCR में लागू GRAP-4 की पाबंदियों के अतिरिक्त हैं, जो स्थिति की गंभीरता को दर्शाते हैं।

पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने दिल्ली सचिवालय में आयोजित Press Conference में सरकार के अगले कदमों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि सरकार केवल तात्काल उपाय नहीं, बल्कि लम्बे समय के समाधान की दिशा में भी काम कर रही है। इसी कड़ी में दिल्ली सरकार (Delhi Government) एक कार पूलिंग एप विकसित करेगी, जिससे लोग साझा सवारी को अपनाएं और निजी वाहनों का इस्तेमाल कम हो। इससे न केवल प्रदूषण घटेगा, बल्कि ट्रैफिक जाम की समस्या में भी राहत मिलेगी।

सरकार ने लोगों से अपील की है कि वे ऑफिस आने-जाने के लिए निजी गाड़ियों की बजाय मेट्रो, बस और अन्य सार्वजनिक परिवहन का अधिक उपयोग करें। इसके अलावा ट्रैफिक व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए जाम की स्थिति में traffic Signal के लाल रहने की अवधि कम करने वाली प्रणाली पर भी काम किया जा रहा है। इसके लिए Google Map के Data का इस्तेमाल कर Delhi के 100 सबसे खराब Traffic Jam Point की पहचान की जाएगी।

Delhi

प्रदूषण नियंत्रण को लेकर PUC Certification System की व्यापक जांच और audit का भी निर्णय लिया गया है। सरकार यह सुनिश्चित करना चाहती है कि PUC प्रमाणपत्र जारी करने की प्रक्रिया पारदर्शी और प्रभावी हो। बिना PUC के ईंधन न देने का नियम इसी दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।

इसके अलावा दिल्ली में सड़कों की खराब स्थिति से उत्पन्न धूल और प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए pothole mapping की जाएगी। प्रत्येक गड्ढे को 72 घंटे के भीतर ठीक करने का लक्ष्य तय किया गया है। अगले दस वर्षों में Delhi नगर निगम को 2,700 करोड़ रुपये उपलब्ध कराए जाएंगे ताकि बुनियादी ढांचे में सुधार किया जा सके। वहीं, दिल्ली मेट्रो को नए Corridor के निर्माण और लंबित देनदारियों के भुगतान के लिए 3,000 करोड़ रुपये से अधिक की राशि दी जाएगी।

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