Azamgarh: यूपी खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड द्वारा शहर के डीएवी इंटर कालेज के मैदान में मंडल स्तरीय खादी ग्रामोद्योग प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। इस प्रदर्शनी का उद्घाटन सोमवार को एमएलसी विजय बहादुर पाठक ने किया। उद्घाटन समारोह के दौरान एमएलसी विजय बहादुर पाठक ने प्रदर्शनी में स्थापित सभी स्टॉलों का निरीक्षण किया और खादी से संबंधित विभिन्न उत्पादों के बारे में जानकारी ली।
इस अवसर पर एमएलसी विजय बहादुर पाठक ने खादी के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने हमेशा खादी को आत्मनिर्भरता और स्वदेशी आंदोलन का प्रतीक माना। उन्होंने बताया कि गांधी जी ने खादी को अपने जीवन का हिस्सा बना लिया था और इसके प्रचार-प्रसार के लिए समर्पित रहे। खादी न केवल स्वदेशी वस्त्र निर्माण का माध्यम है, बल्कि यह हमारी सांस्कृतिक और आर्थिक पहचान का हिस्सा भी है।

एमएलसी ने खादी ग्रामोद्योग बोर्ड द्वारा चलाए जा रहे विभिन्न सरकारी कार्यक्रमों की भी जानकारी दी। उन्होंने प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम, मुख्यमंत्री ग्रामोद्योग रोजगार योजना और मुख्यमंत्री माटीकला रोजगार योजना के लाभों के बारे में बताया। इन योजनाओं के तहत स्थानीय उद्योगों को प्रोत्साहन मिलता है और गरीब परिवारों को आत्मनिर्भर बनने के अवसर मिलते हैं। उन्होंने इन योजनाओं के माध्यम से रोजगार सृजन और आर्थिक विकास के महत्व पर जोर दिया।

प्रदर्शनी में खादी के विभिन्न उत्पादों को प्रदर्शित किया गया, जिनमें विशेष रूप से चरखे प्रमुख थे। प्रदर्शनी में चार प्रकार के चरखे लगाए गए थे, जो खादी के उत्पादन में इस्तेमाल होते हैं। इसके अलावा विभिन्न प्रकार के खादी वस्त्र, हाथ से बनी वस्तुएं, ज्वेलरी, लकड़ी के सामान और अन्य उत्पाद भी प्रदर्शित किए गए थे, जो स्थानीय कारीगरों द्वारा बनाए गए थे। प्रदर्शनी का उद्देश्य खादी के महत्व को बढ़ावा देना और ग्रामोद्योग से जुड़े लोगों को प्रोत्साहित करना था।
इस मौके पर सहायक वित्तीय नियंत्रक उद्योग महेंद्र यादव, डीसी मनरेगा रामउदरेज यादव, प्राचार्य ग्रामोद्योग प्रशिक्षण केंद्र आहोपट्टी पवन श्रीवास्तव सहित अन्य गणमान्य लोग भी उपस्थित थे। प्रदर्शनी का आयोजन 15 से 24 दिसंबर तक किया गया है, और इसमें जिलेभर से लोग खादी और ग्रामोद्योग से जुड़ी जानकारी प्राप्त करने के लिए आ रहे हैं। यह प्रदर्शनी न केवल खादी को बढ़ावा देने का एक महत्वपूर्ण कदम है, बल्कि यह स्थानीय कारीगरों और उद्योगों को भी एक मंच प्रदान करती है, जिससे उन्हें अपने उत्पादों को बाजार में लाने का मौका मिलता है।
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