उन्नाव में आगामी 25 दिसंबर को मनाए जाने वाले तुलसी पूजन दिवस और प्रस्तावित तुलसी पूजन यात्रा की तैयारियों को अंतिम रूप देने के उद्देश्य से नर सेवा नारायण सेवा समिति, उन्नाव की एक महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। यह बैठक संस्था के संस्थापक विमल द्विवेदी के आवास पर आयोजित की गई, जिसकी अध्यक्षता उन्होंने स्वयं की।
बैठक को संबोधित करते हुए विमल द्विवेदी ने कहा कि तुलसी पूजन यात्रा केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि हिंदू समाज की सांस्कृतिक, धार्मिक और आध्यात्मिक आस्था का प्रतीक है। उन्होंने सभी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि इस आयोजन को सफल बनाने के लिए पूरी निष्ठा और सक्रियता के साथ कार्य करें।
उन्होंने अधिक से अधिक लोगों को इस यात्रा से जोड़ने और समाज में तुलसी के धार्मिक एवं पर्यावरणीय महत्व के प्रति जागरूकता फैलाने पर जोर दिया। बैठक में सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि 25 दिसंबर को उन्नाव में एक विशाल तुलसी पूजन यात्रा का आयोजन किया जाएगा, जिसका मुख्य उद्देश्य सांस्कृतिक मूल्यों का संरक्षण और सामाजिक चेतना को मजबूत करना है।
बैठक के दौरान कार्यक्रम की रूपरेखा तैयार की गई और अलग-अलग जिम्मेदारियां कार्यकर्ताओं को सौंपी गईं। साथ ही, यात्रा की व्यवस्था, प्रचार-प्रसार और जनसहभागिता को लेकर विस्तृत चर्चा हुई। विमल द्विवेदी ने लोगों से 25 दिसंबर को तुलसी पूजन दिवस के रूप में मनाने और प्लास्टिक के तुलसी पौधों का बहिष्कार करने का भी आह्वान किया।
नर सेवा नारायण सेवा समिति की ओर से जनपदवासियों से अपील की गई कि वे इस धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन में बढ़-चढ़कर हिस्सा लें और अपने घरों में तुलसी पूजन कर सनातन परंपराओं को सशक्त करें।
इस बैठक में अनिता द्विवेदी, ज्योति राजपूत, नीलमणि सिंह, दीपिका बाजपेई, गीता सिंह, दीपा त्रिपाठी, पवित्रा उपाध्याय, नर सेवा नारायण सेवा के महासचिव विनय द्विवेदी, हिन्दू जागरण मंच के जिला संयोजक अजय त्रिवेदी, ए.के. दीक्षित, निशांत शुक्ला, योगेंद्र तिवारी, आचार्य वासु, अवधेश दीक्षित, राकेश राजपूत, विकास तिवारी, शेखर अवस्थी, दीप चंद्र, कुलदीप वर्मा, परिमल मिश्रा, केतन अवस्थी, सुजीत सिंह, अजय द्विवेदी, मनीष मिश्रा, अभिषेक तिवारी, राजू शर्मा, अखिल मिश्रा, आदर्श पांडे, धर्मेंद्र शुक्ला, संदीप सिंह, आनंद मिश्रा, अमूल्य बाजपेई, शिव सेवक त्रिपाठी, सुदीप सिंह, अंकुर त्रिपाठी, मनोज शुक्ला, सर्वेश शुक्ला सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और पदाधिकारी उपस्थित रहे।
समिति ने विश्वास जताया कि तुलसी पूजन यात्रा के माध्यम से उन्नाव में धार्मिक चेतना, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक एकता का संदेश व्यापक स्तर पर पहुंचेगा।







