Azamgarh जिले में कोडीन कफ सीरप की अवैध खरीद-बिक्री का बड़ा मामला सामने आया है। ड्रग इंस्पेक्टर की तहरीर पर आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। जांच में पता चला कि आरोपी ने लाखों बोतलें खरीदीं, लेकिन उनका कोई रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं कराया। आरोपी बीपेंद्र सिंह ने 3 लाख 28 हजार कोडीन कफ सीरप की बोतलें खरीदीं, लेकिन जब दुकान का निरीक्षण किया गया तो वह बंद मिली। अब सीरप के दुरुपयोग की आशंका जताई जा रही है, क्योंकि जीएसटी और एकाउंट्स का कोई विवरण नहीं मिल रहा है।
क्या है मामला?
ड्रग इंस्पेक्टर के अनुसार, बिपेंद्र सिंह जो मार्टीनगंज के बनगांव में एएस फार्मा नाम से मेडिकल स्टोर चलाते थे, उन्होंने आजमगढ़, बस्ती और जौनपुर जिले की विभिन्न फर्मों से कुल 3 लाख 28 हजार कोडीन कफ सिरप की बोतलें खरीदी थीं। 28 नवंबर को दुकान का निरीक्षण करने पर वह बंद पाई गई। पूछताछ करने पर पता चला कि वह एक साल पहले ही दुकान छोड़ चुका था। इसके बाद पुलिस ने उसकी तलाश शुरू की, लेकिन कई प्रयासों के बावजूद वह संपर्क में नहीं आया। व्हाट्सएप और ईमेल के माध्यम से खरीदी-बिक्री का विवरण मांगा गया, लेकिन कोई जानकारी नहीं दी गई।
दुरुपयोग की आशंका
अधिकारियों को कोडीन कफ सिरप के दुरुपयोग की आशंका है, क्योंकि इस खरीद का कोई सही रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं कराया गया है। जीएसटी विवरण भी उपलब्ध नहीं कराया गया, जिसके कारण पुलिस ने मामले में तहरीर दी और जांच शुरू की।
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बिपेंद्र सिंह का आपराधिक इतिहास
बिपेंद्र सिंह पहले से ही पुलिस का हिस्ट्रीशीटर है। उसके खिलाफ 11 प्राथमिकी दर्ज हैं, जिनमें गैंगस्टर एक्ट, आर्म्स एक्ट, मारपीट और हत्या के प्रयास के मामले शामिल हैं। प्रयागराज और जौनपुर में भी उसके खिलाफ एक-एक प्राथमिकी दर्ज है। फिलहाल, पुलिस बिपेंद्र के बैंक खातों और सिरप की बिक्री के ठिकानों की जानकारी जुटा रही है।







