Siwan Firecracker Factory Blast : बिहार के सीवान जिले के आमापुर गाँव में एक पटाखा फैक्ट्री में हुए भीषण विस्फोट ने करीब 26 साल पहले हुए एक पुराने जख्म को फिर से हरा कर दिया है। इस हादसे में एक ही परिवार के सदस्यों सहित कुल छह लोगों की जान चली गई, जिससे पूरे क्षेत्र में मातम और शोक की लहर दौड़ गई है। स्थानीय निवासियों के अनुसार, जिस मकान में यह दिल दहला देने वाला धमाका हुआ है, ठीक उसी घर में लगभग 26 वर्ष पूर्व भी पटाखा निर्माण के दौरान एक बड़ा विस्फोट हुआ था। ग्रामीणों ने बताया कि उस पुरानी दुर्घटना में घर के मालिक अमीरुद्दीन मियां के पुत्र की भी मौत हो गई थी और खुद अमीरुद्दीन मियां भी गंभीर रूप से घायल हो गए थे। बावजूद इसके, परिवार और इलाके में अवैध या अनधिकृत रूप से पटाखे बनाने का खतरनाक सिलसिला बंद नहीं हुआ, और स्थानीय लोगों का दावा है कि इस घर में पिछले करीब 40 वर्षों से लगातार पटाखों का निर्माण कार्य किया जा रहा था।
इस बार हुए इस भयानक विस्फोट ने भारी तबाही मचाई है, जिसमें अब तक छह लोगों के मारे जाने की आधिकारिक पुष्टि हो चुकी है। मृतकों में स्वयं 72 वर्षीय घर के मालिक अमीरुद्दीन मियां, उनकी दो पोतियाँ—आजाद मियां की 22 वर्षीय पुत्री मुस्कान खातून, 20 वर्षीय सिमरन खातून, और 18 वर्षीय इशरत खातून शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, फिरोज आलम का सात वर्षीय मासूम बेटा तथा सदरपुर गाँव का एक अन्य मजदूर भोला भी इस दर्दनाक हादसे का शिकार हो गए। एक ही परिवार के कई चिराग बुझ जाने और बहुमूल्य जानें चले जाने से पूरा गाँव गहरे सदमे और शोक में डूबा हुआ है, तथा इस प्रकार के अवैध निर्माण की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
विस्फोट की तीव्रता इतनी अधिक थी कि पूरा मकान बुरी तरह से मलबे में तब्दील हो गया और घटनास्थल पर युद्धस्तर पर राहत व बचाव कार्य चलाया गया। मलबे को हटाने के लिए जेसीबी मशीनों की मदद ली जा रही है ताकि घटनास्थल से विस्फोट से जुड़े अवशेष, विस्फोटक सामग्री और अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाए जा सकें। प्रशासनिक और पुलिस की टीमें पूरी मुस्तैदी से इस पहलू की गहराई से जाँच कर रही हैं कि आखिर यह भीषण धमाका किन परिस्थितियों में हुआ और आवासीय परिसर के भीतर किस प्रकार अवैध रूप से विस्फोटक तैयार किए जा रहे थे। जाँच दल यह भी खंगालने में जुटा है कि इस घर के पास पटाखा निर्माण का कोई वैध लाइसेंस था या नहीं, और यदि यह कार्य लंबे समय से चल रहा था तो क्या संबंधित विभागों को इसकी कोई जानकारी थी या नहीं। इस पूरे घटनाक्रम में सुरक्षा मानकों की अनदेखी और प्रशासनिक लापरवाही के बिंदुओं की भी बारीकी से जाँच की जा रही है।
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