बीएसएफ स्थापना दिवस: जानें भारत के सबसे बड़े सीमा सुरक्षा बल की ताकत और उपलब्धियां

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BSF Foundation Day : भारत की अंतरराष्ट्रीय सीमाओं की सुरक्षा में 24×7 तैनात सीमा सुरक्षा बल (BSF) आज अपना 59वां स्थापना दिवस मना रहा है। 1 दिसंबर 1965 को स्थापित यह बल आज दुनिया के सबसे बड़े बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्सेज में से एक है। देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह ने इस अवसर पर बीएसएफ के वीर जवानों, अधिकारियों और उनके परिवारों को शुभकामनाएं दीं। इसकी स्थापना का उद्देश्य स्पष्ट था—भारत की सीमाओं की रक्षा, अंतरराष्ट्रीय अपराधों को रोकना और कठिन परिस्थितियों में भी देश की सुरक्षा सुनिश्चित करना

बीएसएफ भारत सरकार के गृह मंत्रालय के अंतर्गत कार्य करता है और अपनी अनुशासन, क्षमता और साहस के लिए विश्व भर में पहचान रखता है। अपने गठन से लेकर आज तक बीएसएफ ने अनगिनत बार यह सिद्ध किया है कि वह देश की सीमाओं की ढाल है, जिसपर देश के नागरिक गर्व करते हैं।

पीएम मोदी और गृह मंत्री अमित शाह की शुभकामनाएं

बीएसएफ के 59वें स्थापना दिवस पर, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह ने जवानों को शुभकामनाएं दींपीएम मोदी ने अपने सोशल मीडिया हैंडल पर बीएसएफ के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि बीएसएफ के स्थापना दिवस पर, हम इस उत्कृष्ट बल की सराहना करते हैं, जिसने हमारी सीमाओं के संरक्षक के रूप में अपनी पहचान बनाई है। हमारे राष्ट्र की रक्षा में उनकी वीरता और अटूट भावना उनके समर्पण का प्रमाण है। मैं प्राकृतिक आपदाओं के मद्देनजर बचाव और राहत कार्यों के दौरान बीएसएफ की भूमिका की भी सराहना करना चाहूंगा।

गृह मंत्री अमित शाह ने बीएसएफ की वीरता और उसकी कड़ी मेहनत की सराहना करते हुए कहा कि बीएसएफ के 59वें स्थापना दिवस पर बल के सभी जवानों व उनके परिजनों को शुभकामनाएं देता हूँ। हमारे देश की सीमाओं को अपने शौर्य और पराक्रम से अभेद्य रखने वाले बीएसएफ पर देश को गर्व है। देश की सुरक्षा के साथ-साथ आपदा प्रबंधन व पर्यावरण संरक्षण में भी बीएसएफ ने कई कीर्तिमान बनाये हैं। बीएसएफ के वीर शहीदों को नमन करता हूँ, देश आपके बलिदान का सदैव ऋणी रहेगा।

बीएसएफ का कार्य और योगदान

बीएसएफ को भारतीय सीमा की सुरक्षा के लिए विभिन्न जिम्मेदारियाँ सौंपा गया है। यह बल पाकिस्तान और बांग्लादेश से सटी 6386.36 किमी लंबी सीमा की निगरानी करता है। बीएसएफ की विशेषताएँ इसे अन्य बलों से अलग करती हैं; यह थल, जल और गगन, तीनों सीमाओं पर भारत की सुरक्षा सुनिश्चित करता है। बीएसएफ के जवानों की वीरता और उनकी संघर्षशील भावना की कोई बराबरी नहीं कर सकता।

पिछले कुछ वर्षों में, बीएसएफ ने कई प्रमुख कार्य किए हैं। इसके तहत ड्रग्स, तस्करी, और हथियारों की तस्करी पर काबू पाना, आतंकवादियों के खिलाफ कार्रवाई करना और सीमा पार से होने वाली घुसपैठ को रोकना शामिल है। बीएसएफ के जवानों द्वारा किए गए ऑपरेशन, जैसे ऑपरेशन सिंदूर ने सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया है, जिससे बीएसएफ के जवानों को राष्ट्रीय सम्मान भी प्राप्त हुआ है।

बीएसएफ के शौर्य और समर्पण का महत्व

बीएसएफ का कार्य केवल सीमाओं की सुरक्षा तक ही सीमित नहीं है, बल्कि यह प्राकृतिक आपदाओं, जैसे बाढ़, भूस्खलन, और अन्य आपातकालीन स्थितियों में भी नागरिक प्रशासन की सहायता करता है। बीएसएफ के जवान हर परिस्थिति में अपनी जान की बाजी लगाकर देश की सेवा करते हैं और राष्ट्र की सुरक्षा में अपने योगदान को अद्वितीय बनाते हैं। बीएसएफ की गौरवपूर्ण यात्रा के इस 59वें वर्ष में उनकी शहादत ने हमारे देश की सुरक्षा को मजबूती प्रदान की है और हमें यह महसूस कराता है कि हम सुरक्षित हैं क्योंकि हमारे पास ऐसे वीर सैनिक हैं जो हमेशा हमारी रक्षा के लिए तैयार रहते हैं।

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